बी के झा
NSK

तेल अवीव/ न ई दिल्ली, 7 मार्च
Tel Aviv आज सिर्फ इज़राइल का एक आधुनिक और जीवंत महानगर नहीं है, बल्कि यह यहूदी इतिहास, संघर्ष और पुनर्जागरण की प्रतीकात्मक कहानी भी है। जिस शहर में आज गगनचुंबी इमारतें, तकनीकी स्टार्टअप्स और व्यस्त समुद्री तट हैं, उसकी शुरुआत 117 वर्ष पहले महज 66 परिवारों के छोटे से सपने से हुई थी।समुद्र तट पर शुरू हुई थी एक नई दुनियासाल 1909 में भूमध्यसागर के किनारे स्थित प्राचीन बंदरगाह शहर Jaffa के पास यूरोप के विभिन्न हिस्सों से आए 66 यहूदी परिवार एकत्र हुए। इन परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—अपनी नई बस्ती में जमीन का बंटवारा कैसे किया जाए।कहानी बेहद दिलचस्प है। जमीन के प्लॉट तय करने के लिए उन्होंने समुद्र तट से जुटाई गई सीपियों को उछाला। हर सीपी पर नंबर लिखे गए थे, और उसी के आधार पर तय हुआ कि किस परिवार को कौन सा भूखंड मिलेगा। इसी प्रतीकात्मक और अनोखी प्रक्रिया के साथ एक नए शहर की नींव रखी गई।‘
अहुजात बायित’ से ‘तेल अवीव’ तक
उस समय इस बस्ती का नाम अहुजात बायित रखा गया था, जिसका अर्थ होता है “घर” या “आवासीय बस्ती”। इस परियोजना को आगे बढ़ाने में ज़ायोनिस्ट नेता Arthur Ruppin की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने Jewish National Fund से ऋण लेकर इस नए शहर के निर्माण की योजना बनाई।रुप्पिन का सपना था कि यह शहर यूरोप में छोड़े गए यहूदी कस्बों की तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस हो। उस दौर में ही शहर के लिए ऐसे वादे किए गए थे—पक्की सड़कें और फुटपाथ बिजली की सुविधा हर घर में बहता पानीआधुनिक सीवेज व्यवस्थायानी एक ऐसा आधुनिक नगर, जो उस समय के मध्य पूर्व में लगभग क्रांतिकारी अवधारणा था।
कैसे पड़ा ‘तेल अवीव’ नाम
1910 में इस बस्ती का नाम बदलकर तेल अवीव कर दिया गया। यह नाम हिब्रू बाइबिल की पुस्तक Book of Ezekiel से प्रेरित था और साथ ही Theodor Herzl की 1902 की प्रसिद्ध पुस्तक Altneuland के हिब्रू शीर्षक से भी जुड़ा था।इस नाम के पीछे गहरा सांस्कृतिक अर्थ छिपा है—
“तेल” (Tel) : पुरातात्विक टीला, जिसके नीचे अतीत की बस्तियों के अवशेष दबे होते हैं।“अवीव” (Aviv) : वसंत ऋतु, जो नए जीवन और पुनर्जन्म का प्रतीक है।इस प्रकार “
तेल अवीव” का भावार्थ हुआ—“
अतीत की विरासत पर खड़ा नया जीवन” या “वसंत की पहाड़ी”।यह नाम यहूदी समुदाय के उस सपने का प्रतीक था, जिसमें वे अपने इतिहास और संस्कृति को संजोते हुए एक नया भविष्य गढ़ना चाहते थे।आज का आधुनिक तेल अवीवआज Tel Aviv दुनिया के सबसे गतिशील और आधुनिक शहरों में गिना जाता है। यह इज़राइल का प्रमुख आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी केंद्र बन चुका है।शहर की आबादी करीब 33 लाख से अधिक है।इसका महानगरीय क्षेत्र गुश दान के नाम से जाना जाता है।इसे अक्सर “पहला आधुनिक हिब्रू शहर” भी कहा जाता है।स्टार्टअप कंपनियों, हाई-टेक उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के कारण तेल अवीव को कई विशेषज्ञ “मिडिल ईस्ट का सिलिकॉन वैली” भी कहते हैं।
इतिहास से आधुनिकता तक का सफर
1909 में समुद्र तट पर खड़े 66 परिवार शायद कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि उनका छोटा-सा प्रयोग एक दिन विश्व मानचित्र पर चमकते महानगर में बदल जाएगा।आज तेल अवीव सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामुदायिक एकता और आधुनिक विकास का प्रतीक है—जहाँ अतीत की स्मृतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ एक साथ जीवित दिखाई देती
