बिहार में पेंशन का त्योहार और एक गरीब महिला का करोड़पति बनने का सदमा

बी के झा

NSK News

पटना/नवादा:, 11 जुलाई

शुक्रवार को बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में 97 लाख 84 हजार लाभार्थियों के खातों में एक साथ 1423 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए ट्रांसफर कर दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में बटन दबाकर इस योजना का शुभारंभ किया और इसे “पेंशन दिवस” का नाम दिया।लेकिन ठीक उसी दिन, नवादा जिले में एक साधारण गरीब महिला रेखा देवी की जिंदगी में ऐसा तूफान आया कि 1100 रुपये की पेंशन निकालने गई वह रात भर सो नहीं पाई, खाना नहीं खा सकी और हार्ट अटैक आने की नौबत आ गई।

सरकार का बड़ा दावा

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। यह उनकी जरूरत भी है और अधिकार भी।” उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि हर महीने की 10 तारीख को पेंशन की राशि बिना किसी देरी के लाभार्थियों के खातों में पहुंचनी चाहिए।पूर्व में 400 रुपये प्रति माह की पेंशन को बढ़ाकर 1100 रुपये करने का फैसला नीतीश कुमार सरकार के आखिरी दौर में लिया गया था।

सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दोनों का जिक्र करते हुए कहा कि समृद्ध बिहार का सपना हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।सरकार का दावा है कि अब हर महीने यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी।

लेकिन… एक खाते में आ गए 740 करोड़!जब पूरा बिहार पेंशन की खुशी मना रहा था, उसी दिन नवादा शहर के नीम टोला मोहल्ले की रहने वाली रेखा देवी अपने 1100 रुपये की पेंशन निकालने बगल के CSP (ग्राहक सेवा केंद्र) पर पहुंचीं।उनका सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। 1100 रुपये निकासी के बाद जब रसीद आई, तो CSP संचालक और रेखा देवी दोनों के होश उड़ गए।रसीद पर बैलेंस दिख रहा था — 7,40,68,72,895.78 रुपये।यानी 740 करोड़ रुपये से ज्यादा!

CSP संचालक ने मजाक में कहा, “

दीदी, आप तो राजा बन गईं!”लेकिन रेखा देवी के लिए यह मजाक जानलेवा साबित हुआ। गरीब परिवार की महिला सदमे में चली गई। उनकी तबीयत बिगड़ गई, रात भर नींद नहीं आई, खाना नहीं खाया। उन्होंने कहा:“मुझे लगा कोई बड़ी गड़बड़ी हो गई है। हमारे जैसे गरीबों के खाते में इतने पैसे कहां से आ जाएंगे? अगर मेरा दिल थोड़ा भी कमजोर होता तो हार्ट अटैक आ जाता।

तकनीकी खराबी या लापरवाही?

अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सिस्टम या सर्वर में आई किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ।पहले भी बिहार के विभिन्न जिलों में आम लोगों के खातों में अचानक करोड़ों-अरबों रुपये दिखने के मामले सामने आ चुके हैं। रेखा देवी का कहना है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं, बल्कि बैंक की बड़ी लापरवाही है। बैंक की जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

दो विपरीत तस्वीरें

एक तरफ सरकार 1423 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में बांटकर लाखों चेहरों पर मुस्कान ला रही है।दूसरी तरफ एक गरीब महिला मात्र 1100 रुपये निकालने गई थी, लेकिन सिस्टम की गलती ने उसे 740 करोड़ का सदमा दे दिया।यह घटना दो बातें साफ करती है — पहला, कि पेंशन जैसी योजनाएं गरीबों तक पहुंच रही हैं, दूसरा, कि डिजिटल ट्रांसफर और बैंकिंग सिस्टम में अभी भी गंभीर कमजोरियां बाकी हैं, जो कभी-कभी आम आदमी की जिंदगी को हिलाकर रख सकती हैं।

अब देखना होगा कि बैंक इस मामले को कितनी तेजी से सुलझाता है और रेखा देवी जैसी गरीब महिलाओं को इस अनचाहे सदमे से कितनी जल्दी मुक्ति मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *