बी के झा
ऑडिट रिपोर्ट से लेकर स्पाई कैमरे तक… कैसे खुलती गई करोड़ों के चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों की परतें
NSK News


अयोध्या ( यूपी ) 2 जुलाई
राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने दूसरे चरण की जांच तेज कर दी है। गुरुवार को एसआईटी ने ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से कई घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, जांच के अगले चरण में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से भी दोबारा विस्तृत पूछताछ की जाएगी। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों ने लगभग दस लोगों को अपने रडार पर रखा है, जिनकी भूमिका की अलग-अलग स्तर पर पड़ताल की जा रही है।जांच एजेंसियों का ध्यान केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, चढ़ावे की गणना की प्रणाली, विदेशी मुद्रा के लेखा-जोखा और वित्तीय निगरानी जैसे कई पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
कुंभ मेले के दौरान चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी जांचकर्ताओं ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई है।
अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार, अब जांच का फोकस केवल गिरफ्तार कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह गया है। एसआईटी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नियुक्तियों की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका रही और क्या किसी स्तर पर प्रभाव या सिफारिश के आधार पर नियुक्तियां हुईं। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कुछ वरिष्ठ लोगों के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद संबंधित व्यक्तियों से भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यदि वित्तीय गड़बड़ियां हुईं, तो क्या वे व्यक्तिगत स्तर पर थीं या किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से अंजाम दी गईं। इसके अलावा कथित रूप से अर्जित संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
आरोपी अविनाश शुक्ला पुलिस रिमांड पर, संपत्तियों की हो रही जांच
मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला को अदालत ने 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस उससे पूछताछ कर कथित धन के स्रोत, बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ जिले के नरियावां बाबूपुर गांव का निवासी है। उसके परिवार की पृष्ठभूमि सामान्य कृषक परिवार की बताई जाती है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि पिछले कुछ समय में उसकी आर्थिक स्थिति में आए बदलाव के पीछे कोई अवैध वित्तीय गतिविधि तो नहीं थी। हालांकि इन सभी पहलुओं की अभी जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई की तैयारी
मामले के एक अन्य आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उनकी पत्नी के नाम दर्ज प्लॉट पर बनाए जा रहे भवन को लेकर नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण में विकास प्राधिकरण के नियमों के उल्लंघन की आशंका है। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
क्या छह महीने पहले ही रुक सकती थीं कथित अनियमितताएं?
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के शुरुआती संकेत इसी वर्ष जनवरी में मिल गए थे। जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के नियमित ऑडिट के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट ने चढ़ावे की राशि में असामान्य गिरावट, वाउचर और रसीदों में कथित असंगति तथा कुछ खर्चों के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए थे।बताया जा रहा है कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट प्रबंधन को सुझाव दिए गए थे कि चढ़ावे की निगरानी के लिए अलग विभाग बनाया जाए, विदेशी मुद्रा के लिए अलग व्यवस्था हो, सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त किया जाए तथा सभी वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाई जाए। इन दावों की भी जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं कि उन सुझावों पर उस समय क्या कार्रवाई हुई थी।
स्पाई कैमरे की रिकॉर्डिंग बनी जांच का अहम आधार
सूत्रों के अनुसार, मई में चढ़ावे की राशि में और कमी दर्ज होने के बाद ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की पहल पर काउंटिंग सेंटर में गुप्त कैमरे लगाए गए। बताया जाता है कि इन कैमरों की रिकॉर्डिंग में कुछ कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिसके बाद मामला तेजी से आगे बढ़ा और पुलिस जांच शुरू हुई। हालांकि इन वीडियो की फोरेंसिक जांच और कानूनी पुष्टि अभी प्रक्रिया में है।
80 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी का दावा
जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक विभिन्न आरोपियों के पास से 80 लाख रुपये से अधिक की नकदी और अन्य सामग्री बरामद की जा चुकी है। पुलिस का दावा है कि अकेले आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से लगभग 20 लाख रुपये नकद मिले। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित रूप से उसका भाई नोटों के बंडल के साथ दिखाई देता है। पुलिस इस वीडियो की भी सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
जांच का अगला चरण होगा निर्णायक
एसआईटी अब गिरफ्तार आरोपियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सेवादारों और संबंधित कर्मचारियों के बयानों का मिलान कर रही है। वित्तीय दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्तियों का विश्लेषण भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आने वाले दिनों में कई और लोगों से पूछताछ होने की संभावना है।राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ियों की वास्तविक जिम्मेदारी किस पर तय होती है और कानून के तहत आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
