बी के झा
NSK News

हरिद्वार, 11 जुलाई
कांवड़ यात्रा-2026 के सुचारु और सुरक्षित संचालन को लेकर हरिद्वार प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने विस्तृत एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया है कि सामान्य कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई छह फीट तथा झांकी युक्त कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे विद्युत लाइनों से टकराने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित बन सकेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गत वर्ष लगभग चार करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे, जबकि इस बार यह संख्या और अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कांवड़ियों से पहचान पत्र साथ रखने, यातायात नियमों का पालन करने तथा चलती ट्रेन की छत पर यात्रा जैसे जोखिमपूर्ण कृत्यों से दूर रहने की अपील की। ऐसी गतिविधियों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले कांवड़ मेले के दौरान त्रिशूल, भाला, बेसबॉल के डंडे अथवा अन्य हथियारों के प्रवेश पर रोक रहेगी। रेट्रो साइलेंसर लगी मोटरसाइकिलों और अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले डीजे के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया है, ताकि आस्था का यह महापर्व शांति और सौहार्द के वातावरण में संपन्न हो सके।मेले की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस कल्याण समिति का गठन किया गया है।
एसपी सिटी अभय सिंह को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है। समिति ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की आवश्यक सुविधाओं और समन्वय की निगरानी करेगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।उधर नगर निगम ने भी घाटों की विशेष सफाई, अतिरिक्त शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश, कूड़ा निस्तारण, पार्किंग और विश्राम स्थलों के विस्तार पर जोर दिया है।
मेयर किरन जैसल ने कहा कि आगामी आयोजनों और भविष्य के कुंभ को ध्यान में रखते हुए स्थायी आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में अभी से योजनाबद्ध प्रयास आवश्यक हैं।
प्रशासन को विश्वास है कि व्यापक तैयारियों और जनसहयोग के बल पर कांवड़ मेला-2026 श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का नया उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
