तमिलनाडु में ‘थलपति युग’ की शुरुआत: कल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे विजय, चेन्नई बनेगा ऐतिहासिक ताजपोशी का गवाह_

बी के झा

NSK

नई दिल्ली/ चेन्नई, 8 मई

दक्षिण भारतीय राजनीति में एक नए अध्याय का सूर्योदय होने जा रहा है। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय अब औपचारिक रूप से राजनीति के सबसे बड़े मंच पर कदम रखने जा रहे हैं। शनिवार सुबह 11 बजे चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।यह केवल एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए राजनीतिक और सांस्कृतिक युग की शुरुआत माना जा रहा है।

सिनेमा के पर्दे पर वर्षों तक “थलपति” के रूप में जनता के दिलों पर राज करने वाले विजय अब सत्ता के वास्तविक सिंहासन पर बैठने जा रहे हैं।

पहली ही चुनावी परीक्षा में ऐतिहासिक सफलतात

मिलनाडु की राजनीति लंबे समय से द्रविड़ दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में पहली बार चुनाव लड़ रही टीवीके का 108 सीटें जीतना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी चौंकाने वाला परिणाम माना जा रहा है।राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि विजय ने केवल एक राजनीतिक दल नहीं बनाया, बल्कि युवाओं, मध्यम वर्ग, फिल्म प्रशंसकों और बदलाव चाहने वाले मतदाताओं की भावनाओं को एक बड़े जनआंदोलन में बदल दिया।चुनाव प्रचार के दौरान विजय की सभाओं में उमड़ी भीड़ ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक शक्ति उभर रही है। लेकिन इतनी बड़ी सफलता ने राज्य की पारंपरिक राजनीति की जड़ों को हिला दिया।

देर शाम खुला सत्ता का रास्ता

शुक्रवार को पूरे दिन तमिलनाडु की राजनीति में जबरदस्त हलचल बनी रही। टीवीके को सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने में कुछ अड़चनें सामने आई थीं। राजनीतिक गलियारों में लगातार बैठकों, बातचीत और समीकरणों का दौर चलता रहा।आखिरकार देर शाम स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई, जब वीसीके, एएमएमके और एक आईयूएमएल विधायक ने विजय को समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद विजय ने तीसरी बार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर 121 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया।

राजभवन से बाहर निकलते ही यह लगभग तय हो गया कि तमिलनाडु में अब “थलपति सरकार” बनने जा रही है।चेन्नई में उत्सव जैसा माहौलजैसे ही सरकार गठन का रास्ता साफ हुआ, चेन्नई में विजय समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। अभिनेता के आवास के बाहर हजारों समर्थक जमा हो गए और “टीवीके-टीवीके” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

कई जगहों पर पटाखे फोड़े गए, मिठाइयां बांटी गईं और विजय के विशाल पोस्टरों पर फूल बरसाए गए। समर्थकों के लिए यह केवल राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि अपने प्रिय अभिनेता को सत्ता के सर्वोच्च पद पर देखने का भावनात्मक क्षण भी है।

जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम बनेगा इतिहास का साक्षी

शनिवार सुबह होने वाला शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की गई है।समारोह में फिल्म जगत, उद्योग जगत, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की चर्चा तेज है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।टीवीके समर्थकों के लिए यह आयोजन किसी राजनीतिक कार्यक्रम से ज्यादा एक “जन उत्सव” का रूप ले चुका है।

अभिनेता से मुख्यमंत्री तक का सफर विजय का राजनीतिक सफर

भारतीय राजनीति के सबसे दिलचस्प बदलावों में से एक माना जा रहा है। तमिल सिनेमा में दशकों तक सुपरस्टार बने रहने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और बेहद कम समय में खुद को राज्य की केंद्रीय राजनीतिक शक्ति बना लिया।उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मी स्टारडम तक सीमित नहीं रही। बेरोजगारी, शिक्षा, भ्रष्टाचार और युवाओं के मुद्दों पर उन्होंने लगातार आक्रामक अभियान चलाया। यही वजह रही कि पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद उनकी पार्टी जनता के बीच तेजी से स्वीकार्यता हासिल करने में सफल रही।विशेषज्ञों का मानना है कि विजय ने एमजीआर और जयललिता की तरह “सिनेमा से सत्ता” तक पहुंचने की तमिल राजनीति की परंपरा को नए दौर में पुनर्जीवित कर दिया है।

सरकार के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां

हालांकि सत्ता तक पहुंचना जितना कठिन था, उससे कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण अब शासन चलाना होगा। विजय सरकार के सामने कई बड़े मुद्दे होंगे—बेरोजगारी और उद्योग निवेश शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था राज्य की वित्तीय स्थिति केंद्र-राज्य संबंध क्षेत्रीय पहचान और विकास का संतुलन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विजय की सबसे बड़ी परीक्षा अब “लोकप्रिय अभिनेता” से “प्रभावी प्रशासक” बनने की होगी।

विपक्ष की नजरें भी टिकीं

डीएमके और एआईएडीएमके जैसे पारंपरिक दल फिलहाल स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। विपक्ष का मानना है कि विजय की लोकप्रियता को स्थायी राजनीतिक समर्थन में बदलना आसान नहीं होगा।लेकिन फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में माहौल पूरी तरह विजयमय दिखाई दे रहा है।

तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय

शनिवार सुबह जब विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, तब वह केवल एक सरकार का गठन नहीं होगा, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए राजनीतिक युग का औपचारिक उद्घाटन होगा।अब पूरा देश यह देखने को उत्सुक है कि पर्दे पर जनता के “थलपति” रहे विजय, सत्ता के वास्तविक मंच पर किस तरह का नेतृत्व प्रस्तुत करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *