दिल्ली कार ब्लास्ट केस में एनआईए की बड़ी कामयाबी, ड्रोन-रॉकेट से हमास जैसी वारदात की तैयारी में था गिरफ्तार आतंकी, श्रीनगर से दबोचा गया

बी के झा

NSK

नई दिल्ली:, 17 नवंबर

राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच दिनों-दिन नए खुलासे कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को इस मामले में एक और बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने आतंकवादी उमर उन नबी के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। आतंकी मॉड्यूल के इस अहम सदस्य की गिरफ्तारी के साथ ही यह साफ होता जा रहा है कि दिल्ली को एक बड़े हमले से पहले ही बचा लिया गया।हमास मॉडल पर भारत में ‘ड्रोन-रॉकेट अटैक’ की तैयारी जहीर उर्फ दानिश से हुई पूछताछ ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है।

सूत्रों के अनुसार, वह हमास द्वारा गाज़ा और सीरिया में किए जाने वाले हमलों के पैटर्न को हूबहू कॉपी कर भारत में बड़े पैमाने पर ड्रोन अटैक की साज़िश रच रहा था।उसकी योजना थी—हथियारबंद ड्रोन तैयार करके भीड़भाड़ वाले इलाकों पर हमलाछोटे लेकिन उच्च-विस्फोटक रॉकेट विकसित करना कैमरा और बैटरी से लैस ड्रोन में सटीक निशाना लगाने की क्षमता जोड़ना

दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील ठिकानों को टारगेट बनानाएनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि दानिश ड्रोन-बम टेक्नोलॉजी का एक्सपर्ट था और वह ऐसे मॉडिफाइड ड्रोन बनाने में माहिर था जिन्हें हवा में उड़ाकर सटीक जगह पर विस्फोट कराया जा सके।दिल्ली में बड़ा हमला टाल दिया गया

जानकारी के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल की योजना थी कि देश की राजधानी में किसी अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके—जैसे बाजार, मॉल या सरकारी प्रतिष्ठान—

पर ड्रोन से टारगेटेड ब्लास्ट किया जाए। ये हमले न सिर्फ बड़े पैमाने पर जनहानि के लिए बनाए गए थे बल्कि देशभर में दहशत फैलाने की कोशिश भी थी।एनआईए ने दानिश को गिरफ्तार कर दिल्ली लाया है और उसे सोमवार सुबह पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल NIA अदालत में पेश किया जाएगा।दिल्ली कार ब्लास्ट: मृतकों की संख्या बढ़कर 1510 नवंबर को राजधानी में हुए इस कार बम धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

दो घायलों—लुकमान (50) और विनय पाठक (50)—की अस्पताल में मौत हो गई, जिसके बाद यह संख्या और बढ़ी है।पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी भी कई घायलों का उपचार जारी है। मृतकों का पोस्टमॉर्टम जल्द कराया जाएगा।जांच में अब तेजी, साजिश का दायरा बढ़ाएनआईए को शक है कि उमर और दानिश का आतंक मॉड्यूल केवल दिल्ली या कश्मीर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार विदेशों में मौजूद आतंकी संगठनों और ‘टेक-आधारित मॉड्यूल’ से भी जुड़े हो सकते हैं।

जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है—ड्रोन और रॉकेट बनाने के लिए तकनीक कहाँ से हासिल की गईमॉड्यूल को फंडिंग कौन कर रहा था दिल्ली

ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक कहाँ से आयाउमर और दानिश के अन्य साथी कौन-कौन हैंएनआईए की प्रारंभिक रिपोर्ट से साफ है कि यह मॉड्यूल भारत में हाई-टेक टेररिज़्म स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा था।

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