बी के झा
NSK


कोलकाता / नई दिल्ली, 19 मई
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद सियासी वार-पलटवार अपने चरम पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने सोमवार को टीएमसी सुप्रीमो Mamata Banerjee पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। भवानीपुर में आयोजित बीजेपी के धन्यवाद समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है और अब उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो चुका है।कैमक स्ट्रीट पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा,“जिस बूथ पर ममता बनर्जी ने खुद वोट डाला, वहां भी उन्हें बढ़त नहीं मिली। जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि अब बंगाल बदलाव चाहता है।
आपका सियासी करियर खत्म हो चुका है… टाटा, बाय-बाय।”उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नया भूचाल आ गया है। बीजेपी समर्थकों ने इसे “जनादेश की आवाज” बताया, जबकि टीएमसी खेमे में इस बयान को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
भवानीपुर से ‘कट मनी राज’ खत्म करने का ऐलान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब इलाके में टीएमसी शासन के दौरान चलने वाली कथित “कट मनी” और जबरन वसूली की संस्कृति को जड़ से खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम करेगी।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक बंगाल में सत्ता के नाम पर गरीबों के अधिकारों की लूट हुई और योजनाओं में कमीशनखोरी का जाल बिछाया गया।
अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब जनता के पैसे पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
“मेरे CM बनने से जमात की उड़ गई नींद”
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने सीमा पार की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद कट्टरपंथी संगठन Bangladesh Jamaat-e-Islami बेचैन हो गया है।शुभेंदु अधिकारी ने कहा,“मैं किसी कट्टरपंथी ताकत से डरने वाला नहीं हूं। बंगाल में राष्ट्रविरोधी सोच को किसी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।”उनके इस बयान को बीजेपी ने “राष्ट्रवाद की स्पष्ट लाइन” बताया है, जबकि विपक्ष इसे ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे रहा है।
आंकड़ों के जरिए ममता और फिरहाद हाकिम को घेरा
मुख्यमंत्री ने चुनावी आंकड़े सामने रखकर टीएमसी नेतृत्व पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि मित्रा इंस्टीट्यूशन के सभी बूथों पर बीजेपी को बढ़त मिली, जबकि वहीं ममता बनर्जी ने मतदान किया था।इतना ही नहीं, उन्होंने टीएमसी नेता Firhad Hakim पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चेतला गर्ल्स हाई स्कूल के बूथों पर भी बीजेपी ने बढ़त हासिल की, जहां फिरहाद हाकिम ने वोट डाला था।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी हार नहीं, बल्कि टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ जनता का “पूर्ण अविश्वास” है।
दूसरी तरफ बदले-बदले दिख रहे हैं जहांगीर खान
इधर बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद टीएमसी नेताओं के सुर भी बदलते नजर आ रहे हैं। चुनाव के दौरान अपने बयानों से चर्चा में रहे Jahangir Khan अब खुद सुरक्षा की मांग को लेकर अदालत पहुंच गए हैं।जहांगीर खान ने Calcutta High Court में याचिका दाखिल कर दावा किया है कि उनके खिलाफ कई झूठी एफआईआर दर्ज की गई हैं और उनकी जान को खतरा है। उनके वकील किशोर दत्ता ने न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य के समक्ष तत्काल सुनवाई की मांग की।
“पुष्पा झुकेगा नहीं” से “सुरक्षा चाहिए” तक
फलता सीट से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान चुनाव प्रचार के दौरान अपने फिल्मी डायलॉग “पुष्पा झुकेगा नहीं” को लेकर खूब वायरल हुए थे। उस समय उनकी बयानबाजी बीजेपी के निशाने पर थी।हाल ही में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी उन पर हमला बोलते हुए कहा था,“पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है।”राजनीतिक गलियारों में इसे सीधी चेतावनी माना गया।
अब वही जहांगीर खान अदालत से सुरक्षा मांग रहे हैं, जिससे बीजेपी नेताओं को टीएमसी पर हमला बोलने का नया मौका मिल गया है।
207 सीटों की जीत के बाद बीजेपी का आक्रामक तेवर
बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। इस ऐतिहासिक जीत के बाद बीजेपी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि अब बंगाल में “नई राजनीतिक संस्कृति” की शुरुआत होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब केवल सत्ता चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह टीएमसी के पूरे राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है।
दूसरी ओर टीएमसी नेताओं में जांच, कार्रवाई और पुराने मामलों के खुलासे का डर भी साफ दिखाई देने लगा है।बंगाल की राजनीति फिलहाल ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां हर बयान अगले बड़े सियासी तूफान का संकेत बनता जा रहा है।
