मेस्सी कार्यक्रम के आयोजक की गिरफ्तारी: कोलकाता पुलिस का एक्शन, टिकट रिफंड का आश्वासन

बी के झा

NSK

कोलकाता / नई दिल्ली, 13 दिसंबर

विश्व फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी की हालिया कोलकाता यात्रा से जुड़ा आयोजन अब प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। साल्ट लेक स्थित युवा भारती (सॉल्ट लेक) स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था और दर्शकों के हिंसक होने के मामले में कोलकाता पुलिस ने मुख्य आयोजक को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने न सिर्फ एफआईआर दर्ज की है, बल्कि टिकट खरीदने वाले दर्शकों को रिफंड देने का भी भरोसा दिलाया है।अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम ने आयोजक की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आयोजन में कुप्रबंधन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। “मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मुख्य आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है,”

उन्होंने कहा।एयरपोर्ट से गिरफ्तारी, मिसमैनेजमेंट के आरोप स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आयोजक की पहचान सतद्रु दत्ता के रूप में हुई है। उन्हें कोलकाता एयरपोर्ट से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह लियोनेल मेसी और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल को हैदराबाद के लिए रवाना करते समय विदा करने पहुंचे थे।पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने कहा कि पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या आयोजकों की लापरवाही और अव्यवस्था के कारण ही स्टेडियम में अफरा-तफरी और तोड़फोड़ की स्थिति बनी। “आयोजकों को हिरासत में ले लिया गया है और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है,”

डीजीपी ने स्पष्ट किया।मेसी कुछ मिनट रुके, दर्शकों में भड़का गुस्सा इस पूरे विवाद की जड़ उस क्षण से जुड़ी है, जब हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए स्टेडियम पहुंचे, लेकिन मेसी वहां केवल कुछ मिनट ही रुके।

कई दर्शकों का आरोप है कि उन्हें यह उम्मीद दिलाई गई थी कि मेसी मैदान में आएंगे और दर्शकों से संवाद करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।डीजीपी राजीव कुमार के अनुसार, “योजना यह थी कि मेसी यहां आएंगे, दर्शकों का अभिवादन करेंगे,

कुछ खास लोगों से मिलेंगे और फिर रवाना हो जाएंगे। जब यह स्पष्ट हुआ कि वे खेलेंगे नहीं और मंच पर भी सीमित समय के लिए रहेंगे, तब दर्शकों में नाराजगी फैल गई।”

नतीजतन, स्टेडियम में कुछ लोगों ने कुर्सियां और बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।4,000 से 25,000 रुपये तक बिके टिकट

प्रशंसकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के टिकट 4,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक की कीमत पर बेचे गए थे। इतनी महंगी टिकटें खरीदने के बाद भी मेसी को ठीक से न देख पाने से लोगों में गुस्सा स्वाभाविक था।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि आयोजकों ने लिखित रूप में यह आश्वासन दिया है कि सभी टिकट खरीदारों को उनकी राशि वापस की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने पहले ही एक जांच समिति का गठन कर दिया है, जो आयोजन से जुड़े हर पहलू—

सुरक्षा, टिकट बिक्री, भीड़ प्रबंधन और कार्यक्रम की रूपरेखा—की जांच करेगी।

प्रशासन की सख्ती, आयोजनों पर बढ़े सवाल

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पत्रकारों का मानना है कि यह घटना बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। जब किसी वैश्विक सितारे के नाम पर महंगी टिकटें बेची जाती हैं, तो आयोजकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

निष्कर्ष

लियोनेल मेसी के नाम पर आयोजित यह कार्यक्रम खेल उत्सव से अधिक अव्यवस्था और असंतोष की कहानी बन गया। आयोजक की गिरफ्तारी और टिकट रिफंड का आश्वासन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो पाएगी?

जांच के नतीजे तय करेंगे कि यह मामला केवल कुप्रबंधन तक सीमित रहेगा या फिर इससे बड़े सबक लेकर आगे की व्यवस्था सुधारी जाएगी।

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