बी के झा
NSK

पटना/नई दिल्ली, 4 जनवरी
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता एवं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “सनकी और अहंकार से भरा हुआ शासक” करार दिया है। पप्पू यादव का कहना है कि ट्रंप की यह नीति केवल वेनेजुएला ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को अस्थिरता की ओर धकेल रही है।‘तेल और गैस की लालसा में रौंदी जा रही संप्रभुता ’पप्पू यादव ने कहा कि वेनेजुएला पर हमला किसी लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर कब्ज़े की मंशा से किया गया है।उन्होंने कहा,“एक तथाकथित सुपरपावर का यह घमंड पूरी दुनिया के लिए घातक है। डोनाल्ड ट्रंप सनकी हैं, लेकिन अमेरिका के जागरूक नागरिक ही अंततः उनके पागलपन को ठंडा करेंगे।
”राजनीतिक विश्लेषकों की राय: ‘
सुपरपावर सिंड्रोम’वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अरुण मिश्र का मानना है कि यह अमेरिका की एकतरफा हस्तक्षेपवादी नीति का परिणाम है।उनके अनुसार,“यह वही ‘सुपरपावर सिंड्रोम’ है, जिसमें सैन्य शक्ति को कूटनीति का विकल्प मान लिया जाता है। ट्रंप की विदेश नीति संस्थागत संतुलन से बाहर दिख रही है।
”रक्षा विशेषज्ञ:‘खतरनाक मिसाल
’पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल और रक्षा विशेषज्ञ ले. जन. (सेनि.) एस.पी. मलिक ने चेताया कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति को इस तरह गिरफ्तार करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है।उन्होंने कहा,“अगर यह परंपरा बन गई तो कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा। यह संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था और वैश्विक संतुलन के लिए खतरनाक संकेत है।”
शिक्षाविदों की चिंता: लोकतंत्र बनाम ताकत की राजनीति
दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. मृदुला सेन कहती हैं कि ट्रंप प्रशासन लोकतंत्र के नाम पर ताकत की राजनीति को बढ़ावा दे रहा है।उनके अनुसार,“यह कार्रवाई बताती है कि शक्तिशाली देश अब नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय सहमति की परवाह नहीं कर रहे।”प्रियंका गांधी को लेकर बयान पप्पू यादव ने प्रियंका गांधी वाड्रा को असम कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की प्रमुख बनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें संघर्ष और अनुभव के आधार पर मिली है, न कि विरासत में।उन्होंने दावा किया कि प्रियंका गांधी का सक्रिय नेतृत्व असम की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
हिमंत बिस्वा सरमा पर सीधा हमलाअसम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने उन्हें“इंसानियत, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का विरोधी” बताया और कहा कि प्रियंका गांधी की भूमिका उनके लिए राजनीतिक चुनौती साबित होगी।महिलाओं के सम्मान पर सख्त कानून की मांग उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने महिलाओं के सम्मान के लिए सख्त केंद्रीय कानून की मांग की।उन्होंने कहा कि“बेटी, मां और बहन के खिलाफ अपमानजनक भाषा बोलने वालों को सार्वजनिक जीवन से बाहर किया जाना चाहिए।
”भारत सरकार का संतुलित रुख
भारतीय विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला संकट पर संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संप्रभुता, शांति और संवाद के पक्ष में है।MEA के अनुसार, भारत किसी भी देश के आंतरिक मामलों में सैन्य हस्तक्षेप का समर्थन नहीं करता।
विपक्ष की एकजुट आवाज
विपक्षी दलों का मानना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई वैश्विक अराजकता को जन्म दे सकती है। कई नेताओं ने इसे नव-साम्राज्यवाद का उदाहरण बताया है।
निष्कर्ष
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला केवल एक देश का संकट नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था की परीक्षा है। पप्पू यादव जैसे नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि भारत के राजनीतिक और बौद्धिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर गहरी बेचैनी है। सवाल यही है—
क्या दुनिया ताकत की भाषा से चलेगी या कानून, नैतिकता और संवाद से?
