बी के झा नई दिल्ली, 4 अप्रैल भारतीय राजनीति में प्रतीकों की अपनी एक अलग भाषा होती है। कभी ‘चाय’, कभी ‘सूट-बूट’ और अब ‘समोसा’—लेकिन सच्चाई यह है कि मुद्दा समोसे का नहीं, बल्कि सत्ता, संगठन और स्वतंत्र पहचान के टकराव का है। राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच चल रहा विवाद इसी…