बी के झा बालुस्सेरी ( केरल ,) 2 अप्रैल केरल की सियासत इन दिनों सिर्फ भाषणों और रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब इसमें नाटक, प्रतीक और व्यंग्य का तड़का भी खुलकर नजर आ रहा है। बालुस्सेरी की एक साधारण बस में जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे चुनावी माहौल को अचानक ‘मनोरंजन और…