कूटनीति की कसौटी पर बयानबाज़ी: ट्रंप की टिप्पणी, भारत का पलटवार और वॉशिंगटन में उठता विरोध

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल वैश्विक कूटनीति में शब्दों की अपनी एक शक्ति होती है—वे रिश्ते बनाते भी हैं और बिगाड़ते भी। हाल के घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है, जब डोनाल्ड ट्रंप की भारत को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने न केवल नई दिल्ली में असंतोष पैदा…

बंगाल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी: “संवैधानिक तंत्र ठप” बहस और राष्ट्रपति शासन की आहट

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र को लेकर एक बार फिर संवैधानिक बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी ने न केवल राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के टकराव को उजागर किया है, बल्कि एक गंभीर सवाल भी खड़ा कर दिया है—क्या हालात इतने…

“ज्ञान का स्वागत, पर ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ नहीं”: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और आस्था बनाम अधिकार की बहस

बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल न्याय और ज्ञान—दोनों का रिश्ता गहरा है, लेकिन उनकी विश्वसनीयता की कसौटी अलग-अलग होती है। इसी मूलभूत सिद्धांत को रेखांकित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान तीखा लेकिन सारगर्भित तंज कसा—“ज्ञान का स्वागत है, लेकिन ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ से नहीं।”यह टिप्पणी न केवल अदालत की…

जेडीयू में नई टीम, पर ‘निशांत फैक्टर’ पर सस्पेंस: विरासत, रणनीति और सियासी अटकलें

बी के झा पटना, 23 अप्रैल बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता से ज्यादा संगठन की बिसात चर्चा में है। जनता दल यूनाइटेड ने अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी कर दी है, जिसमें नीतीश कुमार को 2028 तक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए रखा गया है।नई टीम में संजय झा, चंद्रेश्वर…

लोकतंत्र का महापर्व: रिकॉर्ड वोटिंग, सियासी दावे और हिंसा की छाया—बंगाल-तमिलनाडु से उठे बड़े सवाल

बी के झा नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई, 23 अप्रैल भारतीय लोकतंत्र ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल (पहला चरण) और तमिलनाडु में आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे “लोकतांत्रिक चेतना का अभूतपूर्व उदाहरण” बताते हुए…

“रोहतास के सरकारी स्कूल में ‘प्रतिबंधित मांस’ मिलने से बवाल: शिक्षा परिसर बना सियासी और सामाजिक संघर्ष का केंद्र”, दो शिक्षिकाओं समेत पांच शिक्षक निलंबित, फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच्चाई होगी स्पष्ट; प्रशासन अलर्ट

बी के झा रोहतास/पटना,22 अप्रैल बिहार के रोहतास जिले के राजपुर प्रखंड स्थित रामुडीह उर्दू मध्य विद्यालय में कथित रूप से प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना ने पूरे इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया। विद्यालय परिसर, जो बच्चों की शिक्षा और संस्कार का केंद्र माना जाता है, अचानक सामाजिक आक्रोश, धार्मिक संवेदनशीलता और राजनीतिक…

सम्राट सरकार की पहली कैबिनेट: असली शक्ति किसके हाथ में—दिल्ली, पटना या ‘मार्गदर्शन’? बैठक से पहले नीतीश से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी धड़कन; 24 अप्रैल का फ्लोर टेस्ट बनेगा असली अग्निपरीक्षा

बी के झा पटना, 22 अप्रैल बिहार की नई सत्ता का चेहरा बदल गया है, लेकिन क्या सत्ता का चरित्र भी बदला है? यह सवाल आज और गहरा हो गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली से लौटते ही सीधे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे—ठीक उस वक्त, जब उनकी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक…

कॉरिडोर से लेकर टाउनशिप तक: सम्राट कैबिनेट के 22 फैसले—विकास का ब्लूप्रिंट या सियासी मास्टरस्ट्रोक? हरिहरनाथ धाम बनेगा ‘काशी मॉडल’, 11 टाउनशिप पर ब्रेक; सुरक्षा, स्किल और सिस्टम सुधार पर बड़ा दांव

बी के झा पटना, 22 अप्रैल नई सरकार, नया चेहरा—और अब तेज फैसलों की शुरुआत।सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक ने साफ कर दिया है कि यह सरकार धीमी शुरुआत नहीं, बल्कि बड़े संकेतों के साथ मैदान में उतरी है।680 करोड़ का हरिहरनाथ कॉरिडोर, 11 सैटेलाइट टाउनशिप, हजारों करोड़ के स्किल और…

टैरिफ का तख्तापलट: ट्रंप को लौटाने होंगे अरबों डॉलर—भारत के हिस्से का सच क्या है? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पलटा खेल; 166 अरब डॉलर रिफंड, लेकिन भारत को सीधे नहीं मिलेगा एक भी डॉलर

बी के झा नई दिल्ली, 22 अप्रैल दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में एक ऐसा फैसला आया है जिसने ट्रेड वॉर की पूरी पटकथा ही बदल दी।डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ अब असंवैधानिक घोषित हो चुके हैं—और अब अमेरिका को ब्याज समेत अरबों डॉलर लौटाने पड़ेंगे।लेकिन सबसे बड़ा सवाल भारत के लिए यही…

‘आतंकवादी’ बयान से सियासत में भूचाल: खरगे पर चुनाव आयोग का शिकंजा, मोदी के संबोधन पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, चुनावी गरिमा बनाम राजनीतिक भाषा—क्या देश की राजनीति खतरनाक मोड़ पर?

बी के झा नई दिल्ली, 22 अप्रैल चुनाव का मौसम आते ही भाषा तल्ख होती है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ बयानबाजी से आगे निकलकर संवैधानिक संस्थाओं के दरवाजे तक पहुंच गया है।मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “आतंकवादी” कहे जाने के विवाद ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है।मामले की गंभीरता…