Month: April 2026
“ज्ञान का स्वागत, पर ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ नहीं”: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और आस्था बनाम अधिकार की बहस
बी के झा नई दिल्ली, 23 अप्रैल न्याय और ज्ञान—दोनों का रिश्ता गहरा है, लेकिन उनकी विश्वसनीयता की कसौटी अलग-अलग होती है। इसी मूलभूत सिद्धांत को रेखांकित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान तीखा लेकिन सारगर्भित तंज कसा—“ज्ञान का स्वागत है, लेकिन ‘व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी’ से नहीं।”यह टिप्पणी न केवल अदालत की…
लोकतंत्र का महापर्व: रिकॉर्ड वोटिंग, सियासी दावे और हिंसा की छाया—बंगाल-तमिलनाडु से उठे बड़े सवाल
बी के झा नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई, 23 अप्रैल भारतीय लोकतंत्र ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल (पहला चरण) और तमिलनाडु में आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे “लोकतांत्रिक चेतना का अभूतपूर्व उदाहरण” बताते हुए…
“रोहतास के सरकारी स्कूल में ‘प्रतिबंधित मांस’ मिलने से बवाल: शिक्षा परिसर बना सियासी और सामाजिक संघर्ष का केंद्र”, दो शिक्षिकाओं समेत पांच शिक्षक निलंबित, फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच्चाई होगी स्पष्ट; प्रशासन अलर्ट
बी के झा रोहतास/पटना,22 अप्रैल बिहार के रोहतास जिले के राजपुर प्रखंड स्थित रामुडीह उर्दू मध्य विद्यालय में कथित रूप से प्रतिबंधित मांस मिलने की सूचना ने पूरे इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया। विद्यालय परिसर, जो बच्चों की शिक्षा और संस्कार का केंद्र माना जाता है, अचानक सामाजिक आक्रोश, धार्मिक संवेदनशीलता और राजनीतिक…
‘आतंकवादी’ बयान से सियासत में भूचाल: खरगे पर चुनाव आयोग का शिकंजा, मोदी के संबोधन पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, चुनावी गरिमा बनाम राजनीतिक भाषा—क्या देश की राजनीति खतरनाक मोड़ पर?
बी के झा नई दिल्ली, 22 अप्रैल चुनाव का मौसम आते ही भाषा तल्ख होती है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ बयानबाजी से आगे निकलकर संवैधानिक संस्थाओं के दरवाजे तक पहुंच गया है।मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “आतंकवादी” कहे जाने के विवाद ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है।मामले की गंभीरता…
