बी के झा
NSK News

दरभंगा (बिहार ) 2 जुलाई
जिले में चल रही आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने बेला मोड़ क्षेत्र का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बेला मोड़ की ओर निर्माणाधीन ड्रेन (नाला) के कार्य की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और कहा कि मानसून के दौरान जलजमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए ड्रेन का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य में जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
इसके बाद जिलाधिकारी ने रेलवे से संबंधित प्रस्तावित डायवर्सन निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसे तत्काल प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे डायवर्सन परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके समय पर पूरा होने से अन्य निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताओं का शीघ्र निष्पादन कर कार्य में तेजी लाने को कहा, जिससे परियोजना की समय-सीमा प्रभावित न हो।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी विकास परियोजना की सफलता विभागीय तालमेल, नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्य निष्पादन पर निर्भर करती है। सभी संबंधित विभाग यदि समन्वित रूप से कार्य करेंगे तो परियोजना समय पर पूरी होगी और क्षेत्र के लोगों को बेहतर यातायात, सुचारु जल निकासी तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ शीघ्र प्राप्त होगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रगति की समीक्षा समय-समय पर की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं को निर्धारित समय के भीतर धरातल पर उतारना है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
