बी के झा
NSK

नई दिल्ली।, 20 नवंबर
कल्पना कीजिए—हवा में एक ऐसा शिकारी, जिसे दुश्मन का रडार देख भी न सके। जो हजारों फीट की ऊँचाई पर भी ऐसे घूमें जैसे हवा उसकी हथेली पर हो। जो पलक झपकते ही हवा से जमीन तक दुश्मन को मिटा दे—और लौट भी आए बिना अपनी मौजूदगी का निशान छोड़े। यह कोई विज्ञान-फंतासी फिल्म नहीं, बल्कि आधुनिक हवाई युद्ध का चेहरा है।इसी दुनिया में दो नाम सबसे ऊपर हैं—
अमेरिका का F-35 लाइटनिंग II और रूस का Su-57 फेलॉन।
दोनों पाँचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान—लेकिन दर्शन अलग, लक्ष्य अलग और युद्ध कौशल भी अलग। सवाल यह नहीं कि कौन सा विमान अद्वितीय है, बल्कि यह कि दुनिया का ‘सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान’ कौन है?
और उससे भी बड़ा सवाल—भारत किस विमान की तरफ झुकेगा?
आइए इसे विस्तार से समझते हैं।F-35: अमेरिका का ‘नेटवर्क्ड भूत’—देखे बिना मारने का मास्टरF-35 की कहानी 1990 के दशक में शुरू हुई, जब अमेरिका अपनी तीनों सेनाओं के लिए एक कॉमन मल्टी-रोल फाइटर चाहता था।2001 में लॉकहीड मार्टिन के X-35 ने बोइंग के X-32 को पछाड़ा और आधुनिक युद्ध का चेहरा बदलने वाला प्लेटफॉर्म बन गया।
आज F-35 केवल विमान नहीं है—यह उड़ता हुआ सुपरकंप्यूटर है।लगभग 0.001 m² RCS —
यानी हवा में ‘लगभग अदृश्य’।AN/APG-81 AESA रडार
— दुनिया में सबसे घातक इलेक्ट्रॉनिक आंख।DAS और सेंसर फ्यूजन —
पायलट को 360° रियल-टाइम युद्धक्षेत्र की ‘भगवान जैसी नजर’।
NATO नेटवर्क से लिंक — एक विमान देखे, तो पूरा नाटो देखता है।इजरायल इसे गाज़ा, सीरिया और ईरान में कई बार प्रयोग कर चुका है। यह कॉम्बैट-प्रूवन है।
कमजोरी?
महंगा रखरखाव कम स्पीडडॉगफाइट में औसत प्रदर्शन लेकिन एक लाइन में—F-35 दुश्मन को देखने से पहले मार देता है, और खुद दिखाई भी नहीं देता।
Su-57: रूस का हवा का शेर—स्पीड, पावर और मैन्यूवर का राजा
Su-57 रूस का जवाब है अमेरिकी एकाधिकार को।इसमें स्टील्थ है, पर यह F-22 या F-35 जैसा ‘घोस्ट स्टील्थ’ नहीं है।रूस की रणनीति अलग है—
“मिसाइल से बचने से ज्यादा, मिसाइल को चकमा देकर पीछे से वार करना।”Su-57 की असली ताकतें:
माच 2 से ऊपर की स्पीड3D थ्रस्ट वेक्टरिंग — आसमान में ऐसे मोड़े जैसे बाज पंख समेटे1500 किमी+ कॉम्बैट रेडियस भारी हथियार ले जाने की क्षमता IRST सिस्टम, जिससे स्टील्थ विमान भी गर्मी से ट्रैक हो सकते हैं
कमजोरी?
स्टील्थ F-35 से कमरूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उत्पादन सीमितअभी तक ‘पूर्ण रूप से परिपक्व’ नहीं लेकिन एक लाइन में—Su-57 हवा की मारक क्षमता और मैन्यूवर में दुनिया के हर विमान को चुनौती देता है।सीधी टक्कर: कौन किसमें आगे?पैरामीटर विजेतास्टील्थ F-35स्पीड Su-57डॉगफाइट Su-57BVR क्षमता F-35नेटवर्किंग F-35रेंज Su-57मिसाइल वैरायटी बराबर, रोल अलगकॉम्बैट प्रूवन F-35लागत Su-57निष्कर्ष:एक छिपा हुआ हत्यारा है, दूसरा खुला हुआ शिकारी।दोनों अलग फालतू ताकतें हैं—
कोई भी परफेक्ट नहीं।
भारत के पास दोनों का ऑफर — एक दुविधा नहीं, एक ऐतिहासिक अवसर
चीन अपनी J-20 और J-35 के साथ 5th-जेन फ्लीट बढ़ा रहा है। भारत को 42 स्क्वाड्रन चाहिए, पर हैं सिर्फ 30।ऐसे में अमेरिका और रूस दोनों भारत को रिझाने में लगे हैं।अमेरिका का F-35 ऑफरG2G डील2027 से डिलीवरी की बात लेकिन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर नहीं संवेदनशील कोड तक भारत की पहुंच भी नहीं रूस का Su-57 ऑफर
Su-57E का प्रस्ताव भारत में HAL नासिक में उत्पादन फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर + सोर्स कोड + 2-सीटर वर्जनइंजनों का ‘खुला एक्सेस’भविष्य में भारत-रूस संयुक्त उत्पादन की संभावना
दुबई एयर शो में रूस ने पुतिन की यात्रा से पहले इसे फिर दोहराया—“
भारत चाहे तो हम Su-57 का पूरा लाइसेंस्ड प्रोडक्शन भारत में कराने को तैयार हैं।
”यह प्रस्ताव दुर्लभ है—अमेरिका ऐसा कभी नहीं करता।तो भारत के लिए कौन सा विकल्प बेहतर?भारत का भूगोल, युद्ध-कौशल और बजट देखते हुए:लंबी रेंज चाहिएभारी हथियार चाहिएचीन बॉर्डर पर ऊँचाई वाले एयरबेस चाहिएटेक्नोलॉजी भारत में चाहिएऐसे मेंSu-57 वर्तमान में भारत की आवश्यकताओं के अधिक करीब लगता है।
लेकिन F-35 की स्टील्थ और सेंसर क्षमता बेमिसाल है।आखिर निर्णय मिशन प्रोफाइल पर निर्भर करेगा:चीन के खिलाफ हाई-एल्टीट्यूड BVR वॉरफेयर: F-35लंबी दूरी, हिमालयी इलाक़ा, भारी हथियार: Su-57टेक्नोलॉजी
आत्मनिर्भरता: Su-57नेटवर्क-सेंट्रिक भविष्य:
F-35अंतिम निष्कर्ष: कौन है दुनिया का सबसे ताकतवर विमान?2025 में तकनीकी रूप से—F-35 दुनिया का सबसे ताकतवर स्टील्थ फाइटर है।लेकिनSu-57 दुनिया में सबसे खतरनाक मैन्यूवरिंग और स्पीड वाला फाइटर है।यानी बादशाहत का फैसला युद्ध करेगा, टेबल नहीं।भारत किसे चुनेगा—यह आने वाले महीनों में दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण रक्षा खबर होगी।
