बी के झा
NSK




नई दिल्ली, 9 दिसम्बर 2025
जिला न्यायालय रोहिणी के प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अमिताभ कुमार का जन्मदिवस आज उनके सहयोगियों, अधिवक्ता साथियों और वरिष्ठ विधिवेत्ताओं की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अपने सौम्य व्यक्तित्व, ओजस्वी वकालत शैली और व्यापक विधिक ज्ञान के लिए विख्यात श्री अमिताभ ने वर्षों के कठिन परिश्रम, नैतिक मजबूती और अटूट लगन के बल पर दिल्ली के विभिन्न जिला न्यायालयों से लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय तक अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।बिहार की धरती से दिल्ली की कानूनी दुनिया तक पटना, बिहार में प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री अमिताभ उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आए। दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर और एलएलबी की उपाधियाँ विशिष्ट श्रेणी में प्राप्त कीं।
तत्पश्चात वर्ष 2009 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन हुआ।कानून की बारीकियों पर उनकी पकड़, तार्किक प्रखरता और अदालती कार्यवाही में उनकी निर्भीक प्रस्तुति के कारण वे शीघ्र ही दिल्ली की न्यायिक व्यवस्था में विश्वसनीय और सक्षम अधिवक्ता के रूप में स्थापित हुए।
सहयोगियों ने बनाया जन्मदिन यादगार उनके जन्मदिन के अवसर पर अधिवक्ता श्री अजय चौधरी ने अपने चेंबर में एक विशेष समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजीव झा, श्री अमरेश यादव, श्री रत्न शुक्ला, एडवोकेट प्रिंस सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए उनकी विधिक सेवाओं, विनम्रता और निरंतर समाजहित योगदान की सराहना की।
जगजीत की ग़ज़ल ने बाँधा समासमारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब अधिवक्ता अमिताभ कुमार ने अपनी प्रिय ग़ज़ल—
“प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त लगता है…”जगजीत सिंह की मधुर शैली में गाकर वातावरण को सुरमई बना दिया। उपस्थित जनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका उत्साह बढ़ाया।
विधि जगत में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्पअपने संबोधन में श्री अमिताभ ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वकालत सिर्फ़ पेशा नहीं, बल्कि समाज और न्याय के प्रति उत्तरदायित्व है। उन्होंने न्याय के हर जरूरतमंद तक पहुँचने की प्रतिबद्धता दोहराई।जन्मदिन समारोह आपसी सौहार्द, मित्रता और विधिक समुदाय की एकजुटता का प्रतीक बनकर स्मरणीय रहा।
