बिहार चुनाव 2025: राघोपुर से तेजस्वी की जीत, पर RJD के किले में मैथिली ठाकुर ने लगाई सेंध, — पूरा बिहार बना रोमांचक मुकाबलों का गवाह, 66.9% मतदान के बाद अब तस्वीर साफ

बी.के. झा

पटना/ नई दिल्ली, 14 नवंबर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने जिस उत्साह से मतदान किया था, उसके पीछे एक गहरा राजनीतिक संदेश छिपा था। राज्यभर में 66.9% वोटिंग, जो 1951 के बाद सबसे अधिक है, ने यह संकेत दे दिया था कि बिहार में जनता बदलाव भी चाहती है और नेतृत्व की परीक्षा भी।

मतगणना के दिन सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटों की गिनती ने शाम होते-होते कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। कई दिग्गज हारे, कई नए चेहरे चमके और कुछ सीटों पर रोमांच अंतिम राउंड तक बरकरार रहा। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और सशस्त्र बलों के पहरे में हुई इस मतगणना ने निष्पक्षता को नई विश्वसनीयता दी।

राघोपुर से तेजस्वी यादव की जीत — लेकिन जीत उतनी आसान नहीं थी लालू परिवार का गढ़ माने जाने वाले राघोपुर में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा रहा।तेजस्वी यादव ने अंततः जीत दर्ज की, लेकिन 14,532 वोटों का अंतर इस बात का संकेत है कि चुनावी हवा में इस बार पहले जैसी ठंडक नहीं थी।

बीजेपी के सतीश कुमार ने कड़ी टक्कर दी और राउंड दर राउंड मुकाबला रोमांचक होता गया।तेजस्वी यह सीट तो बचा गए, लेकिन परिणाम साफ बताते हैं कि राघोपुर की जमीन अब पहले जैसी अबाध नहीं रही।अलीनगर में बीजेपी की मैथिली ठाकुर ने RJD की दीवार हिला दी मधुबनी

जिले के अलीनगर में मैथिली ठाकुर की जीत ने चुनाव का सबसे बड़ा संदेश दिया—RJD का कोर वोटबैंक, खासकर मिथिलांचल में, अब पहले जैसा सुरक्षित नहीं है।

मैथिली ठाकुर ने9,874 वोटोंकी बढ़त के साथ “परफॉर्मर कैंडिडेट” का उदाहरण पेश किया।यह जीत प्रतीकात्मक भी है—

क्योंकि पहली बार किसी चर्चित युवा कलाकार ने जमीनी राजनीति में उतरकर सीधे बड़ी जीत दर्ज की।

जीतन राम मांझी की बहू दीपा की एंट्री — नए सामाजिक समीकरणों की दस्तकहिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी ने भी जीत दर्ज कर अपने परिवार की राजनीति में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।उनकी जीत दर्शाती है कि बिहार में अभी भी सामाजिक न्याय की राजनीति अपनी मजबूत जड़ें रखती है।मधुबनी जिला: मिथिला ने NDA को दिया

स्पष्ट जनादेश

मधुबनी जिले की सभी सीटों के नतीजे बताते हैं कि मिथिलांचल इस बार NDA के पक्ष में मजबूती से खड़ा दिखा।जिले में आए प्रमुख नतीजे:हरलाखी: जेडीयू के सुधांशु शेखर ने 36,236 वोटों से जीतबेनीपट्टी: बीजेपी के विनोद नारायण झा 23,932 वोटों से विजयी खजौली: अरुण शंकर प्रसाद (बीजेपी) ने 13,126 वोटों से जीतबाबूबरही: जेडीयू की मीणा कुमारी 17,795 वोटों से आगेबिस्फी: RJD ने यहाँ राहत की सांस ली—आशिफ अहमद 8,107 वोटों से जीतेमधुबनी: RLM के माधव आनंद की 18,415 वोटों से बड़ी जीत

राजनगर

: सुजीत पासवान (बीजेपी) 42,185 वोटों से विजयीझंझारपुर: बीजेपी के नीतीश मिश्रा की 53,594 वोटों से जीतफुलपरास: जेडीयू की शिला मंडल की 14,644 वोटों की बढ़तलौकहा: जेडीयू के सतीश साह ने 25,511 वोटों से जीत दर्ज कीस्पष्ट है—मधुबनी में एनडीए की पकड़ मजबूत हुई है।समस्तीपुर: जेडीयू और बीजेपी का दबदबा, RJD दो सीटों पर ही सिमटी

समस्तीपुर जिले की 10 सीटों के नतीजे बताते हैं कि यहां सबसे बड़ा विजेता जेडीयू रहा।महत्वपूर्ण सीटें:कल्याणपुर – महेश्वर हजारी (जदयू)वारिसनगर – मांजरीक मृणाल (जदयू)समस्तीपुर – अश्वमेघ देवी (जदयू)सरायरंजन – विजय कुमार चौधरी (जदयू)मोरवा – रणविजय साहू (RJD)उजियारपुर – आलोक मेहता (RJD)रोसड़ा – विरेंद्र कुमार (भाजपा)मोहिउद्दीननगर – राजेश सिंह (बीजेपी)जिले में RJD सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई।

राज्यभर से आए बड़े नतीजे — कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर थी

तारापुर: सम्राट चौधरी की 45,000 वोटों से ऐतिहासिक जीतछपरा: खेसारी लाल यादव पीछेहरनौत: हरिनारायण सिंह दसवीं बार विधायक निर्वाचित बक्सर: संतोष निराला (जेडीयू) विजयीवजीरगंज: बीजेपी के बीरेंद्र कुमार की जीतकटोरिया, बेलहर, अमरपुर: NDA प्रत्याशियों की दबदबे वाली जीतें बिहार में मतगणना का माहौल — सुरक्षा ने दिया भरोसा70 से अधिक मतगणना पर्यवेक्षकसभी केंद्रों पर सीसीटीवी की कड़ी निगरानीस्ट्रॉन्ग रूम में 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षापोस्टल बैलेट से लेकर अंतिम ईवीएम तक पारदर्शी प्रक्रियाचुनाव आयोग ने इस बार जिस स्तर की तैयारी की, उसे राजनीतिक दलों ने भी सराहा।

निष्कर्ष

लोकतंत्र ने अपनी शक्ति दिखाई, बिहार ने अपना मन बदलाइस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया किजनता सिर्फ भावनाओं पर नहीं, प्रदर्शन पर वोट कर रही हैनए चेहरे, नई ऊर्जा और पारदर्शी उम्मीदवारों को बढ़ावा मिल रहा हैपारंपरिक किले अब चुनौती के घेरे में हैंमीडिया, सोशल प्लेटफॉर्म और युवा मतदाता अब चुनाव की दिशा तय कर रहे हैंतेजस्वी राघोपुर तो बचा ले गए, लेकिन RJD के किले में लगी सेंध बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों की दिशा तय करेगी।

NSK

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