बी के झा
NSK News

बहादुरगढ़ ( हरियाणा ) 5 जुलाई
जिम संचालक हत्याकांड के फरार आरोपियों पर बहादुरगढ़ में संयुक्त कार्रवाई, एक पुलिसकर्मी भी घायल
हरियाणा के बहादुरगढ़ में शनिवार को पुलिस और वांछित अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में हत्या के मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों की मौत हो गई। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। संयुक्त अभियान के दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गया, जिसका उपचार जारी है।यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ ने संयुक्त रूप से की। पुलिस के अनुसार मारे गए आरोपियों की पहचान प्रवेश और हिमांशु, दोनों निवासी हिसार, के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था।
दिनदहाड़े जिम संचालक की हत्या के आरोपी थेदोनों आरोपी
हांसी में जिम संचालक कपिल की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में लंबे समय से फरार थे। इस संबंध में हांसी सिटी थाना में FIR संख्या 379/2026 भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी हथियारों से लैस होकर बहादुरगढ़ क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर हरियाणा एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त घेराबंदी की।पुलिस के अनुसार घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। दोनों ओर से चली गोलियों में दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक पुलिस अधिकारी भी गोली लगने से जख्मी हो गया।
अस्पताल में तोड़ा दम
घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों आरोपियों को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।जांच में जुटी पुलिसमुठभेड़ के बाद घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।इन दोनों घटनाओं ने एक ओर पारिवारिक अविश्वास से उपजी हिंसा की भयावह तस्वीर सामने रखी है, तो दूसरी ओर संगठित अपराध के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को भी रेखांकित किया है।
हालांकि इस मामलों में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत पुलिस जांच और विधिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
