बी के झा
NSK



लखनऊ / नई दिल्ली, 2 जुन
सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और महिलाओं के सम्मान को अपने सार्वजनिक जीवन का प्रमुख आधार बनाने वाले वरिष्ठ समाजसेवी एवं राजनीतिक कार्यकर्ता विनोद खन्ना को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन IHRO के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर प्रदेश भर में विभिन्न सामाजिक, महिला एवं जनसंगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व के अनुसार यह निर्णय उनके लंबे सामाजिक अनुभव, जनसंपर्क क्षमता तथा समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के लिए किए गए कार्यों को देखते हुए लिया गया है।
राजधानी लखनऊ के प्रगतिनगर, सरोजनी नगर निवासी विनोद खन्ना पिछले कई दशकों से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। यही कारण है कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला संगठनों के बीच उनकी एक अलग पहचान बनी है।
राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का लंबा अनुभव
21 नवंबर 1962 को जन्मे विनोद खन्ना ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत युवाओं और सामाजिक संगठनों के माध्यम से की। विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। युवाओं के संगठनात्मक विकास, किसान हितों, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार तथा जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि विनोद खन्ना का सबसे बड़ा गुण विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संवाद स्थापित करने की क्षमता है। लंबे समय तक संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहने के कारण उन्हें जमीनी स्तर की समस्याओं की गहरी समझ प्राप्त हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार तथा सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर वे लगातार मुखर रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण को लेकर बनी अलग पहचान
महिला संगठनों की प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में जब महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन राष्ट्रीय विमर्श के प्रमुख विषय हैं, तब विनोद खन्ना जैसे सामाजिक अनुभव रखने वाले व्यक्तित्व की नियुक्ति से प्रदेश में महिला हितों से जुड़े मुद्दों को और अधिक मजबूती मिलेगी।लखनऊ की विभिन्न महिला संगठनों से जुड़ी पदाधिकारियों ने कहा कि श्री खन्ना ने हमेशा महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाया है और सामाजिक कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए कार्य किया है।
उनका मानना है कि उनकी नियुक्ति से महिलाओं की समस्याओं को संगठनात्मक स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा और राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में किसी भी संगठन के लिए यहां मजबूत नेतृत्व का होना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।राजनीतिक विश्लेषक प्रो. आर.के. मिश्र का कहना है कि “उत्तर प्रदेश में सामाजिक संगठनों की सफलता काफी हद तक उनके नेतृत्व की सक्रियता पर निर्भर करती है। विनोद खन्ना का अनुभव और जनसंपर्क क्षमता उन्हें संगठन विस्तार में मदद कर सकती है।”
वहीं वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. संगीता श्रीवास्तव का मानना है कि “आज समाज को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित न रहकर शिक्षा, महिला सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवाओं के विकास पर भी काम करे। यदि संगठनात्मक स्तर पर इन विषयों को प्राथमिकता दी जाती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।”
समाजसेवी संस्थाओं ने जताई उम्मीद
प्रदेश की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि विनोद खन्ना के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आज भी समाज के कई वर्ग विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे में अनुभवशील नेतृत्व सामाजिक जागरूकता और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मोदी-योगी के महिला सुरक्षा विजन को मिलेगा बल: समर्थक
श्री खन्ना के समर्थकों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महिला सुरक्षा, महिला सम्मान और महिला स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनका मानना है कि महिलाओं और कमजोर वर्गों के बीच विश्वास निर्माण की दिशा में उनके अनुभव का लाभ मिलेगा।
नई जिम्मेदारी, नई अपेक्षाएं
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राज्य में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालना किसी भी नेता के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में लंबे अनुभव के कारण विनोद खन्ना से संगठन को नई दिशा देने की अपेक्षा की जा रही है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे अपने सामाजिक अनुभव, संगठनात्मक कौशल और जनसंपर्क क्षमता का उपयोग करते हुए प्रदेश में संगठन को किस प्रकार नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।
फिलहाल उनकी नियुक्ति को लेकर सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और समर्थकों में उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है।
