बी के झा
NSK


पटना, 23 मई
बिहार इस समय भीषण गर्मी और प्रचंड लू की चपेट में है। आसमान से बरसती आग ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का ऐसा कहर शुरू हो रहा है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी पड़ जा रही हैं और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम चहल-पहल दिखाई दे रही है।
शनिवार को राज्य के कई जिलों में तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए। रोहतास जिले का डेहरी पूरे बिहार में सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
राजधानी पटना भी तपिश से बेहाल रही। यहां अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं शेखपुरा में पारा 43.2 डिग्री, बक्सर में 43.5 डिग्री, औरंगाबाद में 43.1 डिग्री तथा भभुआ में 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राज्य के 13 से अधिक शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जिससे यह साफ है कि पूरा बिहार इस समय भीषण गर्मी की गिरफ्त में है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी और दक्षिणी बिहार के जिलों में लू का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। तेज धूप के साथ गर्म पछुआ हवाएं तापमान को और अधिक बढ़ा रही हैं। दिन के समय हवा भी राहत देने के बजाय आग उगलती महसूस हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में बहुत ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं दिख रही है।गर्मी का असर सिर्फ जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक जरूरी काम नहीं होने पर घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की अपील की गई है।
भीषण गर्मी के कारण बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। गांवों से लेकर शहरों तक लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ों की छांव, कूलर और पानी का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल बिहारवासियों को गर्मी से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है। ऐसे में आने वाले दिनों में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव साबित होगी।
