बिहार में युवाओं को रोजगार, विकास को रफ्तार: इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए प्लेसमेंट मिशन, लाखों घरों तक पहुंचेगी PNG सेवा

बी के झा

NSK

पटना, 21 अप्रैल

बिहार में नई सरकार बनने के बाद विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर तेज़ी से फैसले लिए जा रहे हैं। एक ओर इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों से पास होने वाले छात्रों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, वहीं दूसरी ओर लाखों घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाने और केंद्र की विशेष सहायता योजना के तहत विकास परियोजनाओं को गति देने की तैयारी भी शुरू हो गई है।उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री Vijay Kumar Chaudhary ने विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट के अवसर समान रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

छात्रों की नौकरी पर सरकार का फोकस

सरकार का लक्ष्य अब केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि डिग्री के साथ रोजगार सुनिश्चित करना है। समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तकनीकी संस्थानों में कंपनियों को बुलाकर कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाए और संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर कॉलेज और संस्थान को एक कंसिस्टेंट एप्रोच के साथ काम करना होगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिल सके।यह पहल उन हजारों छात्रों के लिए राहतभरी खबर है जो पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते रहे हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता और रैंकिंग पर जोर

बैठक में केवल प्लेसमेंट ही नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग पर भी विस्तार से चर्चा हुई।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि:

इंजीनियरिंग कॉलेजों की आधारभूत संरचना मजबूत की जाए

प्रयोगशालाएं और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं

योग्य शिक्षकों की नियुक्ति तेज की जाए

संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए

उन्होंने राष्ट्रीय मान्यता एजेंसियों जैसे NBA (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन) से मान्यता प्राप्त करने के लिए मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया। जिन संस्थानों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनसे विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।इसके लिए विभाग में एक अलग सेल बनाने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने की भी बात कही गई है।

छात्रों के मानसिक और समग्र विकास पर भी ध्यान

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी। बैठक में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, समग्र विकास और बेहतर देखभाल पर गंभीर चर्चा हुई।अभिभावकों से मिलने वाले सुझावों पर भी विभाग को तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ मानसिक मजबूती, व्यक्तित्व विकास और संवाद कौशल भी उतने ही जरूरी हैं।‘

यंग प्रोफेशनल्स’ की होगी नियुक्ति

विभाग के निदेशक Ahmad Mahmood ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की योजना पर काम किया जा रहा है।इससे कॉलेजों में प्रशासनिक दक्षता, नई तकनीक का उपयोग और उद्योग जगत से बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।

विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा

बैठक में तारामंडल, साइंस सिटी और वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा हुई। सरकार ने निर्देश दिया कि बीआईआरएससी द्वारा National Institute of Remote Sensing, हैदराबाद से समन्वय स्थापित कर नाइट स्काई एटलस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग राज्य के विकास कार्यों में किया जाए।यह कदम विज्ञान शिक्षा और तकनीकी शोध को नई दिशा दे सकता है।

विकास परियोजनाओं के लिए 2 लाख करोड़ के फंड पर नजर

दूसरी ओर बिहार सरकार ने केंद्र की राज्य पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना 2026-27 के तहत अधिकतम लाभ लेने की तैयारी शुरू कर दी है।मुख्य सचिव Pratyaya Amrit ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान कर परियोजनाएं तैयार करें।वित्त विभाग के अनुसार केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के लिए कुल ₹2 लाख करोड़ का प्रावधान किया है, जिसमें बिहार बड़ा हिस्सा प्राप्त करने की कोशिश करेगा।

सख्त निगरानी और पारदर्शिता

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि:

सभी विभाग केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन करें

ब्रांडिंग नियमों का अनुपालन हो

उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) समय पर जमा किए जाएं

SNA खातों में जमा ब्याज राशि समय पर वापस की जाए

इसके लिए हर 15 दिन पर उच्चस्तरीय समीक्षा होगी, ताकि योजनाएं फाइलों में न अटकें और समय पर जमीन पर उतरें।

1.04 लाख घरों तक पहुंचेगी PNG

बिहार के शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों के लिए बड़ी खबर यह है कि सरकार ने 1.04 लाख से अधिक घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

इस योजना के फायदे:

रसोई गैस की आसान उपलब्धता

सिलेंडर की झंझट से राहत

पर्यावरण के अनुकूल ईंधन

शहरी जीवनशैली में सुधार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिहार के शहरों को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं की दिशा में आगे ले जाएगा।

नई सरकार का स्पष्ट संदेश

इन फैसलों से साफ है कि नई सरकार तीन मोर्चों पर तेजी से काम करना चाहती है:

1. रोजगारतकनीकी छात्रों को नौकरी और उद्योग से जोड़ना।

2. शिक्षाकॉलेजों की गुणवत्ता, रैंकिंग और मान्यता सुधारना।

3. विकासबुनियादी ढांचा, गैस कनेक्शन और निवेश परियोजनाओं को गति देना।

निष्कर्ष

बिहार में नई सरकार के शुरुआती फैसले संकेत दे रहे हैं कि अब फोकस केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि परिणामों पर होगा। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए रोजगार की गारंटी, कॉलेजों में गुणवत्ता सुधार, करोड़ों की विकास योजनाएं और लाखों घरों तक PNG पहुंचाने का लक्ष्य—ये सभी कदम राज्य की नई विकास दिशा को दर्शाते हैं।

अब जनता की निगाह इस बात पर होगी कि ये घोषणाएं कितनी जल्दी धरातल पर उतरती हैं और बिहार के युवाओं व आम लोगों के जीवन में कितना वास्तविक बदलाव लाती हैं।

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