बी के झा
NSK News

मधुबनी (बाबूबरही): 9 जुलाई
मिथिलांचल की ऐतिहासिक धरोहर एवं प्राचीन पुरातात्विक स्थल बलिराजगढ़ में जारी उत्खनन कार्य लगातार हो रही बारिश से प्रभावित हो गया है। जलजमाव के कारण मुख्य ट्रेंच सहित कई हिस्से डूब गए हैं, जिससे हाल में प्राप्त लगभग 2500 वर्ष पुराने पुरावशेषों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पिछले चार महीनों से चल रही खुदाई के दौरान प्राचीन ईंट संरचनाएं, मिट्टी के बर्तन तथा मूल्यवान मनके प्राप्त हुए थे। भारी वर्षा के चलते मुख्य खाई में डेढ़ फीट से अधिक पानी भर गया है और पश्चिमी भाग के आंशिक धंसने की सूचना है। इसके मद्देनजर फिलहाल उत्खनन कार्य स्थगित कर दिया गया है।
यह स्थल हाल के दिनों में चर्चा में रहा था और इसे मिथिला की प्राचीन विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संवेदनशील पुरातात्विक परतों को शीघ्र सुरक्षित नहीं किया गया, तो क्षेत्र के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं।
इंटैक बिहार चैप्टर के सह-संयोजक डॉ. शिव कुमार मिश्र ने बताया कि स्थिति से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को अवगत करा दिया गया है तथा मानसून के दौरान स्थल की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
