नीतीश कैबिनेट का खाका तैयार: कौन बनेगा मंत्री, किसे मिला NDA में कितना हिस्सा — पटना से दिल्ली तक सियासी गहमागहमी तेज

बी के झा

NSK

पटना, 17 नवंबर

बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया और साथ ही 19 नवंबर को विधानसभा भंग करने की सिफारिश की। इस औपचारिक कदम के बाद अब 20 नवंबर को गांधी मैदान में NDA सरकार के भव्य शपथ ग्रहण

समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुँच गई हैं।सबकी निगाहें अब नए मंत्रिमंडल पर टिक गई हैं —

आखिर किसे मिलेगा मौका और कौन रहेगा नीतीश टीम का अहम हिस्सा?नए मंत्रिमंडल की संभावित सूची—

NDA में किसके खाते कितने मंत्रालयदिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई NDA की महत्वपूर्ण बैठक में नई कैबिनेट का लगभग ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। ‘

हर 6 विधायकों पर 1 मंत्री’ के फॉर्मूले के आधार पर कुल 35-36 मंत्री बनाए जाने पर सहमति बनी है। इनमें—BJP से 15–16 मंत्री सम्राट चौधरी रामकृपाल यादव‌नितिन नवीन मंगल पांडे हरि सहनी विजय सिन्हा

JDU से 14–15 मंत्रीविजय चौधरीबिजेंद्र प्रसाद यादव श्रवण कुमार अशोक चौधरीलेशी सिंहमदन सहनीजयंत राजसुनील कुमार सहयोगी दलों का हिस्साLJPR: राजू तिवारी, संजय पासवान, राजीव रंजन सिंह HAM: संतोष सुमन (जीतन राम मांझी के बेटे)RLM: स्नेहलता कुशवाहा (उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी)इन नामों पर सियासी गलियारों में चर्चा तेज है, और अधिकतर पर अंदरखाने सहमति बन चुकी है।

शपथ समारोह: गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी से लेकर योगी आदित्यनाथ तक—

देशभर के नेता होंगे मौजूद

2030 नवंबर को पटना का गांधी मैदान ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। साथ ही उपस्थित रहेंगे—गृह मंत्री अमित शाह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस मध्य प्रदेश के CM मोहनलाल यादव असम के CM हेमंत विश्वकर्मा राजस्थान के CM भजन लाल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कई उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हजारों कार्यकर्ता और आम जनता को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिसके मद्देनज़र गांधी मैदान को 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।

NDA में उत्साह और भावनाओं का उफान —

मांझी का दर्द भी सामने आया

NDA की जीत के बाद जहां पूरा गठबंधन उत्साहित है, वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी भावुक दिखे।

उन्होंने कहा—हमारी 10 साल पुरानी पार्टी आज तक रजिस्टर्ड नहीं हुई है, कहीं-न-कहीं यह अपमानजनक लगता है। हमने अधिक सीटें मांगी थीं, नहीं मिलीं—

कसक वही है। लेकिन जनता ने हमें भाजपा से अधिक वोट शेयर दिया है, इसलिए हम अनुशासित रहे और कोई विरोध नहीं किया।मांझी ने पुष्टि की कि मीडिया में चल रही कैबिनेट विभागीय खबरें काफी हद तक सही हैं और कुल 35–36 मंत्री शपथ लेंगे।पटना–

दिल्ली में बैठकों की दौड़रविवार से सोमवार तक पटना और दिल्ली में लगातार कई दौर की बैठकें चलीं। भाजपा महासचिव एवं बिहार प्रभारी विनोद तावड़े पटना पहुंचे हैं और आज दूसरा राउंड मीटिंग होगी जिसमें—

मंत्री पदों का अंतिम विभाजनउपमुख्यमंत्रियों की संख्याशपथ समारोह की रूप रेखा विभागों का संभावित बंटवाराजैसे अहम विषयों पर फैसला होगा।सूत्रों के अनुसार तीन उपमुख्यमंत्री बनने पर भी सहमति लगभग तय है —

दो BJP से और एक JDU से।नीतीश दसवीं बार शपथ लेने को तैयार: ‘हमारी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी’JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा—

यह 20 वर्षों की सुशासन और विकास की राजनीति का परिणाम है। बिहार की जनता ने मोदी–नीतीश की जोड़ी पर भरोसा किया है, हम उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे।”

आज सुबह नीतीश कुमार निवर्तमान कैबिनेट की अंतिम बैठक बुला रहे हैं, जहाँ विधानसभा भंग करने की सिफारिश पारित होगी। इसके बाद वे राज्यपाल को औपचारिक इस्तीफा सौंपेंगे और NDA विधायक दल से नेता चुने जाएंगे।

निष्कर्ष:

बिहार की राजनीति एक नए अध्याय की ओरNDA की ऐतिहासिक जीत और भारी बहुमत के बाद बिहार एक नई सरकार की ओर बढ़ रहा है।20 नवंबर के शपथ समारोह के साथ राज्य में सत्ता का नया अध्याय शुरू होगा —

वही नीतीश कुमार, लेकिन टीम नई, ऊर्जा नई और सत्ता समीकरण पहले से अधिक मज़बूत।

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