बी के झा
NSK

नई दिल्ली/ लखनऊ, 2 दिसंबर
उत्तर प्रदेश भाजपा एक बार फिर बड़े संगठनात्मक फेरबदल की दहलीज पर खड़ी है। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर दिल्ली में मुहर लग चुकी है और अब अंतिम सहमति का औपचारिक दौर लखनऊ में योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्रीय नेतृत्व के बीच चल रहा है।हालांकि भाजपा की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों की मानें तो नाम फाइनल हो चुका है—
सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।दिल्ली में नाम तय, लखनऊ में सहमति का दौरइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को लखनऊ में दिनभर कई हाई-लेवल मीटिंग्स हुईं।सबसे पहले एक होटल में सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और भाजपा के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने संघ पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।इसके बाद सीएम आवास में दूसरी बड़ी बैठक हुई, जहां—मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी,प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताऔर केंद्रीय नेतृत्व के दूत—सभी मौजूद रहे। यहीं पर दिल्ली में चुने गए नाम पर विस्तार से चर्चा की गई।सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व के फैसले से योगी और संघ को अवगत कराया गया, ताकि भविष्य में संगठन और सरकार के तालमेल में कोई दिक्कत न आए।योगी मंत्रिमंडल के दिग्गज भी मीटिंग में शामिल इन बैठकों में शामिल थे—उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य,उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी,प्रदेश महासचिव धर्मपाल सिंह।इतनी ऊँची स्तर की बैठकों का एक ही संकेत है—नाम तय है, बस अंतिम मुहर बाकी है।
कौन बनेगा UP BJP का नया कप्तान?इस पद की राजनीति बेहद संवेदनशील है। उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए प्रदेश अध्यक्ष सिर्फ संगठन का नेतृत्व नहीं करता, बल्कि 2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा की रणनीति का चेहरा भी होता है।दिल्ली में हाल ही में 9 नामों पर विचार हुआ—3 ब्राह्मण, 3 ओबीसी, 3 दलित चेहरे।संभावित दावेदारों की सूची में शामिल हैं—ब्राह्मण चेहरादिनेश शर्मा, पूर्व डिप्टी सीएम व राज्यसभा सांसदहरीश द्विवेदी, लोकसभा सांसदओबीसी चेहराधर्मपाल सिंह, योगी सरकार में कैबिनेट मंत्रीबी.एल. वर्मा, केंद्रीय मंत्रीदलित चेहरारामशंकर कठेरिया, पूर्व सांसद और केंद्र में अहम चेहरेविद्या सोनकर, संगठन में मजबूत पकड़भाजपा किन्हें चुनती है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टी 2027 के लिए किस सामाजिक समीकरण को मजबूती से साधना चाहती है।संकेत साफ—इस महीने हो सकता है बड़ा ऐलान
संगठन परिवर्तन की तैयारियों और सियासी हलचल को देखते हुए कयास हैं कि भाजपा इस महीने ही नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर देगी।यह फैसला यूपी की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकता है,
क्योंकि—2027 विधानसभा चुनाव की शुरुआती रणनीति इसी अध्यक्ष के हाथों में होगी,योगी आदित्यनाथ सरकार के साथ संगठन के तालमेल की दिशा तय करेगा,और सामाजिक संतुलन के संकेत पूरे प्रदेश में भेजे जाएंगे।निष्कर्षलखनऊ की बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव किसी भी क्षण सामने आ सकता है।नाम चाहे जो-कौन हो, पर यह तय है कि भाजपा उत्तर प्रदेश में 2027 की जंग के लिए अपने शिविर की नई संरचना तैयार कर चुकी है।
