बी के झा
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नई दिल्ली, 25 जनवरी
देश के 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर राजधानी दिल्ली पूरी तरह से सुरक्षा और व्यवस्थागत मोड में आ चुकी है। विजय चौक से लाल किले तक निकलने वाली भव्य परेड के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य एक ओर परेड की निर्बाध और सुरक्षित आयोजन व्यवस्था सुनिश्चित करना है, तो दूसरी ओर आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा से बचाना।हालांकि, हर वर्ष की तरह इस बार भी यह सवाल उठ रहा है कि राष्ट्रीय उत्सव और नागरिक सुविधा के बीच संतुलन कैसे साधा जाए।कहां-कहां रहेगा ट्रैफिक पूरी तरह बंददिल्ली पुलिस के अनुसार—25 जनवरी 2026, शाम 6 बजे से परेड समाप्ति तक
विजय चौक से इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ पूरी तरह बंद25 जनवरी, रात 10 बजे से
रफी मार्ग, जनपथ, मान सिंह रोड से कर्तव्य पथ की ओर यातायात बंद 26 जनवरी, सुबह 9:15 बजे से
सी-हेक्सागन–इंडिया गेट पर ट्रैफिक बंद रहेगा, जब तक परेड तिलक मार्ग पार नहीं कर लेती 26 जनवरी, सुबह 10:30 बजे से
तिलक मार्ग, बहादुर शाह ज़फर मार्ग और सुभाष मार्ग दोनों दिशाओं में बंद(स्थिति के अनुसार केवल सीमित क्रॉस ट्रैफिक की अनुमति)दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट सलाह दी है कि सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक परेड मार्ग से पूरी तरह बचें।कौन से वैकल्पिक मार्ग होंगे खुले यातायात को सुचारु रखने के लिए कई उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर सुझाए गए हैं, जिनमें—रिंग रोड–आश्रम चौक–सराय काले खां–आई.पी. फ्लाईओवर–राजघाट लोधी रोड–अरविंदो मार्ग–एम्स–धौला कुआंमथुरा रोड–सफदरजंग रोड–कमाल अतातुर्क मार्ग–पंचशील मार्गआईएसबीटी–चंदगी राम अखाड़ा–आजादपुर–रिंग रोड
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रिंग रोड इस पूरे आयोजन के दौरान शहर की जीवनरेखा बना रहेगा।रेलवे स्टेशनों के लिए विशेष एडवाइजरी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वालों को
धौला कुआं–वंदे मातरम मार्ग–कनॉट प्लेस–पंचकुइयां रोडया
मिंटो रोड–भवभूति मार्ग का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए
आश्रम चौक–सराय काले खां–राजघाट–यमुना बाजार मार्ग उपयोगी रहेगा।हालांकि उत्तरी दिल्ली से आने-जाने वालों पर कोई प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं है, फिर भी अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है।बसों की बदली हुई व्यवस्था गाजियाबाद से आने वाली बसें शिवाजी स्टेडियम/आईएसबीटी आनंद विहार पर समाप्त होंगी
धौला कुआं की ओर से आने वाली सभी अंतरराज्यीय बसें वहीं समाप्त कुछ रूटों को मोहन नगर और वजीराबाद ब्रिज की ओर डायवर्ट किया जाएगा
राजनीतिक विश्लेषकों की राय: “सुरक्षा ज़रूरी, पर संवाद भी
”राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गणतंत्र दिवस जैसे आयोजनों में सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन—“हर साल लाखों लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। डिजिटल मैपिंग, रियल-टाइम अपडेट और ज़ोन-वाइज़ सूचना को और बेहतर किया जा सकता है।”विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट सिटी के दौर में ट्रैफिक प्रबंधन भी ‘स्मार्ट’ होना चाहिए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया: ‘आम आदमी की परेशानी पर ध्यान दें’
विपक्षी दलों ने ट्रैफिक एडवाइजरी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि—ऑफिस जाने वाले कर्मचारी छोटे व्यापारी मरीज और एंबुलेंस सेवाएं इन पर हर साल इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है।एक विपक्षी नेता ने कहा,“राष्ट्रीय पर्व सबका है, लेकिन इसकी कीमत आम नागरिक को घंटों जाम में खड़े होकर नहीं चुकानी चाहिए।
”वरिष्ठ पत्रकारों की टिप्पणी: ‘दिल्ली हर साल परीक्षा देती है
’वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर दिल्ली—प्रशासनिक क्षमता,सुरक्षा व्यवस्था,और नागरिक धैर्य—तीनों की परीक्षा देती है।एक वरिष्ठ पत्रकार लिखते हैं,“दिल्ली पुलिस की तैयारी प्रशंसनीय होती है, लेकिन सूचना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे—यही असली चुनौती है।
निष्कर्ष:
योजना ही समाधान गणतंत्र दिवस देश के लोकतांत्रिक गौरव का प्रतीक है।लेकिन राजधानी के नागरिकों के लिए यह दिन योजना, धैर्य और समय प्रबंधन की भी परीक्षा है।
घर से निकलने से पहले मार्ग जांच लें
डिजिटल ट्रैफिक अपडेट पर नज़र रखें
और संभव हो तो परेड मार्ग से दूरी बनाए रखें क्योंकि 26 जनवरी सिर्फ परेड का नहीं, जिम्मेदार नागरिकता का भी दिन है।
