बी के झा
वॉशिंगटन / नई दिल्ली, 16 अक्टूबर
डोनाल्ड ट्रंप—अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 चुनावों के प्रमुख दावेदार—एक बार फिर अपनी “ज़ुबान की गर्मी” से सियासी ठंडक को भड़का बैठे हैं। इस बार मामला एक महिला पत्रकार पर उनकी टिप्पणी से जुड़ा है, जिसने पूरे अमेरिका में लिंगभेद (sexism) पर नई बहस छेड़ दी है।
“बस उनकी बातें सुनना अच्छा लगता है…” – ट्रंप का विवादित बयान मामला व्हाइट हाउस में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का है।कार्यक्रम के दौरान जब एक महिला पत्रकार ने चीन की लैटिन अमेरिका में बढ़ती मौजूदगी पर अमेरिका की भूमिका से जुड़ा सवाल पूछा, तो ट्रंप ने सीधे जवाब देने के बजाय अपने उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की ओर देखकर कहा:मुझे बस उनकी बातें सुनना अच्छा लगता है।”इतना कहकर ट्रंप मुस्कुराए, और फिर पत्रकार की ओर देखकर बोले:शाबाश… शुक्रिया, डार्लिंग!इस बयान के बाद प्रेस रूम में हल्की हंसी तो जरूर गूंजी, लेकिन सोशल मीडिया पर मानो तूफान उठ गया।
सोशल मीडिया पर ट्रंप की “डार्लिंग डिप्लोमेसी” पर फूटा गुस्सा वीडियो वायरल होते ही यूज़र्स ने ट्रंप पर लिंगभेदी व्यवहार के आरोपों की बौछार कर दी।एक यूज़र ने लिखा —जब जवाब नहीं होता, तो ट्रंप हमेशा महिलाओं का अपमान करने लगते हैं।”दूसरे ने टिप्पणी की —वह हर बार साबित करते हैं कि उनके लिए महिलाएं सिर्फ शोपीस हैं, संवाद का हिस्सा नहीं।”यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप की किसी महिला को लेकर टिप्पणी विवाद का कारण बनी हो। लेकिन इस बार अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक विश्लेषक दोनों ही कह रहे हैं — “2024 के चुनावी सीज़न की यह शुरुआत ट्रंप के लिए शुभ संकेत नहीं है।”
मेलोनी पर “खूबसूरत” कहकर फंसे थे पहले भीकुछ ही सप्ताह पहले ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर भी एक अटपटी टिप्पणी कर दी थी।मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित गाज़ा शांति सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा था:हमारे पास एक महिला हैं, एक युवा महिला… खूबसूरत महिला। मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए, क्योंकि अमेरिका में अगर किसी महिला को ‘खूबसूरत’ कहो, तो करियर खत्म हो जाता है। लेकिन मैं जोखिम उठाऊंगा।”इसके बाद उन्होंने मेलोनी की ओर देखकर जोड़ा —आपको खूबसूरत कहलाने में कोई आपत्ति नहीं है, है ना? क्योंकि आप हैं।”इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे “ट्रंप स्टाइल पॉलिटिक्स” बताया — जहां वे नारी सम्मान और राजनैतिक मर्यादा की सीमाओं से बार-बार खेलते हैं।
विपक्षी दलों और नारी वादियों का पलटवार अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रवक्ता एमी फोर्ड ने कहा —ट्रंप को महिलाओं की मौजूदगी सिर्फ दो चीजों के लिए दिखती है — या तो सुनने के लिए, या सजावट के लिए। यही उनकी मानसिकता है।”महिला अधिकार कार्यकर्ता समूहों ने भी ट्रंप के खिलाफ “#NotYourDarling” हैशटैग से ऑनलाइन अभियान छेड़ दिया है।
राजनीतिक विश्लेषण: “वोटरों को लुभाने की पुरानी रणनीति”राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ट्रंप अपनी टिप्पणियों से अपने पारंपरिक वोट बैंक – श्वेत रूढ़िवादी पुरुषों को सक्रिय करना चाहते हैं।
वॉशिंगटन पोस्ट के वरिष्ठ विश्लेषक डेविड ब्रूक्स के शब्दों में:ट्रंप जानते हैं कि उनका हर विवाद उनकी दृश्यता बढ़ाता है। हर आलोचना उनके समर्थकों के बीच उन्हें ‘बोल्ड’ बनाती है। यही उनकी चुनावी रणनीति है।”
निष्कर्ष:
ट्रंप फिर बने ‘विवाद के सम्राट’ट्रंप की “डार्लिंग टिप्पणी” ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उनकी राजनीति मर्यादा नहीं, मंच की पकड़ पर चलती है।चुनावी रैलियों से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक — ट्रंप अपनी बातों से सुर्खियों में रहना बखूबी जानते हैं।लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार अमेरिकी मतदाता उनके इस “खास अंदाज़” को मनोरंजन समझेंगे या अपमान?
2024 अमेरिकी चुनावी रण में यह विवाद शायद एक छोटा अध्याय हो, लेकिन इससे यह तय जरूर हो गया है कि डोनाल्ड ट्रंप अब भी ट्रंप ही हैं ।
NSK

