B K Jha

ग्रेटर बांग्लादेश का खतरनाक स्वप्न: उस्मान हादी की सोच, भारत की सीमाएं और दक्षिण एशिया की उथल-पुथल

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर पड़ोसी देश बांग्लादेश में विद्रोही नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा केवल आंतरिक अस्थिरता की कहानी नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा, भारत की क्षेत्रीय अखंडता और कट्टरपंथी विचारधाराओं के उभार से जुड़ा एक गंभीर संकेत भी है। ढाका से चटगांव तक…

संसद के शोर के बाद मुस्कान की चाय: जब प्रियंका गांधी की बात पर हंस पड़े प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह— शीतकालीन सत्र की ‘इनसाइड स्टोरी’,

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर चुनाव सुधार और ‘वंदे मातरम्’ पर तीखी बहस, नारेबाजी और आरोप–प्रत्यारोप के बीच जब संसद का शीतकालीन सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचा, तो लोकतंत्र का एक अपेक्षाकृत सौम्य और मानवीय दृश्य भी सामने आया। शुक्रवार, 19 दिसंबर को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित…

बांग्लादेश में भीड़तंत्र का उभार और सत्ता की वैधता पर सवाल: पूर्व राजनयिकों की चेतावनी, क्षेत्रीय स्थिरता पर संकट— ढाका से चटगांव तक फैली हिंसा, यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप

बी के झा ढ़ाका/ नई दिल्ली, 19 दिसंबर बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। इंकलाब मंच के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की हिंसा ने ढाका से लेकर चटगांव तक कानून-व्यवस्था को झकझोर दिया है। मीडिया संस्थानों पर हमले, आगजनी, भारत विरोधी नारेबाजी और राजनयिक…

बुर्का विवाद से सियासी भूचाल: नीतीश कुमार के खिलाफ FIR, इल्तिजा मुफ्ती की पहल और राष्ट्रीय बहस — अधिकार, आस्था, कानून और राजनीति के टकराव पर विशेष रिपोर्ट

बी के झा नई दिल्ली/ श्रीनगर/ पटना, 19 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा कथित “बुर्का खींचने” का मामला अब केवल एक वीडियो या बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देशव्यापी राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म दे दिया है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा…

समुदाय से बाहर विवाह, संपत्ति से बाहर बेटी: सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला और निजी इच्छा की संवैधानिक सीमा

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर यह समुदाय से बाहर विवाह करने पर पिता द्वारा बेटी को संपत्ति से वंचित करने का मामला जब सर्वोच्च न्यायालय पहुँचा, तो वहां से भी बेटी को राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति के बंटवारे को लेकर उसकी…

तीन मिनट की लोकसभा, 111% उत्पादकता और लोकतंत्र का विरोधाभास* — शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन संसद के भीतर शोर, बाहर सवाल

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, लेकिन इसका अंतिम दिन भारतीय संसदीय इतिहास में एक गहरे प्रतीक के रूप में दर्ज हो गया। लोकसभा मात्र तीन मिनट चली, राज्यसभा करीब बीस मिनट, और इसके बावजूद लोकसभा अध्यक्ष ने पूरे सत्र की उत्पादकता…

संसद के शोर के बाद संवाद की चाय — सत्ता और विपक्ष की एक मेज़, लोकतंत्र की एक तस्वीर

बी के झा नई दिल्ली, 19 दिसंबर संसद का शीतकालीन सत्र जैसे ही समाप्त हुआ, उसी परिसर में राजनीति का एक दूसरा, अपेक्षाकृत सौम्य और दृश्य उभरा। जहां कुछ घंटे पहले तक लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे, नारेबाजी और तीखी बहसें गूंज रही थीं, वहीं सत्र की समाप्ति के बाद ‘चाय पर चर्चा’ ने भारतीय…

धूल, आईना और सियासत यूपी विधानसभा के पहले ही दिन शायरी में टकराए योगी–अखिलेश, कोडीन कांड बना सियासी रणभूमि

बी के झा लखनऊ, 19 दिसंबर उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही साफ हो गया कि यह सत्र सिर्फ विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रहने वाला। पहले ही दिन कोडीन युक्त कफ सिरप कांड ने सदन और सियासत—दोनों को गर्मा दिया। पोस्टर, बैनर, कट-आउट और शायरी—सब कुछ साथ-साथ चला। सत्ता पक्ष और…

आस्था, इतिहास और कानून के चौराहे पर सियासत महंत राजूदास के बयान से उठा नया विवाद, हिंदुत्व की तीखी भाषा पर राजनीतिक-कानूनी बहस तेज

बी के झा बहराइच/अयोध्या, 19 दिसंबर अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत और हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू दास के ताज़ा बयान ने एक बार फिर आस्था, इतिहास और संवैधानिक मर्यादाओं के बीच खिंची रेखा को बहस के केंद्र में ला दिया है। बहराइच में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “बाबर…

पहचान, पद और परंपरा के बीच खड़ा विवाद बुर्का प्रकरण पर नीतीश के समर्थन में भाजपा, विरोध में विपक्ष; कानून, धर्म और लोकतंत्र पर नई बहस

बी के झा पटना, 19 दिसंबर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपते समय एक महिला का नकाब हटाने की घटना अब केवल एक वायरल वीडियो नहीं रही, बल्कि यह पहचान, सार्वजनिक पद, धार्मिक आस्था और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ी बड़ी राजनीतिक-सामाजिक बहस का रूप ले चुकी है। एक ओर…