बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 6 अक्टूबर
बिहार की राजधानी पटना ने सोमवार को विकास की नई रफ्तार पकड़ ली।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुप्रतीक्षित पटना मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया और खुद मेट्रो की पहली सवारी भी की।यह क्षण न सिर्फ पटना, बल्कि पूरे बिहार के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि अब राज्य भी देश के उन चुनिंदा शहरों की सूची में शामिल हो गया है जहां मेट्रो रेल व्यवस्था चालू है।पहली बार मेट्रो पर सवार हुए मुख्यमंत्रीउद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों, अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मेट्रो ट्रेन में सफर किया।यात्रा के दौरान सीएम ने यात्रियों की सुविधाओं, स्टेशन की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतज़ामों का निरीक्षण किया।पहले सफर के बाद मेट्रो को आम जनता के लिए खोल दिया गया, जिसके बाद पटना मेट्रो के डिब्बों में उत्साह और गर्व का माहौल नजर आया।पहले फेज में इन स्टेशनों पर चलेगी मेट्रोपहले चरण में आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन के बीच मेट्रो का संचालन शुरू किया गया है।आने वाले दिनों में इसका विस्तार न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, खेमनीचक और मलाही पकरी तक किया जाएगा।मेट्रो किराया संरचना:एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक का किराया ₹15सभी स्टेशनों की पूरी दूरी के लिए अधिकतम किराया ₹30मेट्रो हर 20 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी और प्रति दिन 40 से 42 फेरे लगाएगी।प्रत्येक ट्रेन में 12 सीटें महिलाओं और 12 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित की गई हैं।सुविधाओं से लैस अत्याधुनिक ट्रेनेंपटना मेट्रो को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है।हर कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध हैं।पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे, और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं।प्रत्येक दरवाजे के पास आपातकालीन अलार्म सिस्टम है।अगला स्टेशन और रूट जानकारी की स्वचालित घोषणाएं लगातार चलती रहेंगी।मेट्रो के तीन कोचों में एक साथ 900 यात्रियों के सफर की क्षमता होगी।भूमिगत मेट्रो खंड बनेगा पटना की शानपटना मेट्रो परियोजना का सबसे महत्वाकांक्षी हिस्सा है बेली रोड के नीचे बनने वाला भूमिगत कॉरिडोर।सीएम नीतीश कुमार ने कॉरिडोर-1 के तहत 9.35 किलोमीटर लंबी सुरंग की आधारशिला रखी, जिसमें छह भूमिगत स्टेशन होंगे —पटना जंक्शन, विकास भवन, विद्युत भवन, मीठापुर, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन।इस सुरंग निर्माण की कुल लागत ₹2,565.80 करोड़ है और इसे अगले 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।फेज-1: रुकनपुरा, राजा बाजार, चिड़ियाघर स्टेशन और पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन (लागत ₹1,147.50 करोड़)फेज-2: विकास भवन, विद्युत भवन, पटना जंक्शन और मीठापुर तक सुरंग (लागत ₹1,148.30 करोड़)13,925 करोड़ की मेगा परियोजना, 2027 तक पूरा होगा पूरा संचालनपटना मेट्रो की कुल परियोजना लागत ₹13,925.5 करोड़ रुपये है।इसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA), केंद्र सरकार और बिहार सरकार का संयुक्त योगदान है।परियोजना के तहत दो प्रमुख कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं:रेड लाइन: 16.86 किमी लंबीब्लू लाइन: 14.56 किमी लंबीदोनों मिलाकर कुल 31.42 किमी का नेटवर्क तैयार होगा।पूरे नेटवर्क का संचालन साल 2027 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।बीएसएपी संभालेगी सुरक्षा की जिम्मेदारीबिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (BSAP) मेट्रो की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी।प्रवेश द्वार, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के अंदर तक सुरक्षा जवान तैनात रहेंगे।हर स्टेशन पर सुरक्षा जांच, बैगेज स्कैनर और CCTV निगरानी की व्यवस्था की गई है।नीतीश कुमार बोले – “विकसित बिहार की दिशा में मील का पत्थर”उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा पटना मेट्रो बिहार के विकास का प्रतीक है। यह सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि राज्य की बदलती सोच और बढ़ती संभावनाओं का प्रतीक है। हमने सपना देखा था कि पटना भी दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की तरह मेट्रो शहर बने — आज वह सपना साकार हुआ है।” (संपादकीय टिप्पणी)पटना मेट्रो का शुभारंभ न सिर्फ बिहार के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगा, बल्कि राजधानी की ट्रैफिक समस्या को भी काफी हद तक कम करेगा।हालांकि, यह चुनावी मौसम में हुआ उद्घाटन राजनीतिक संदेशों से अछूता नहीं रह सका।अब देखना यह होगा कि मेट्रो की यह रफ्तार क्या नीतीश सरकार की राजनीतिक रफ्तार भी बढ़ा पाती है या नहीं।
