बी के झा
NSK

लखीसराय, ( बिहार ) 6
नवंबर पहले चरण की वोटिंग के दौरान बिहार की राजनीति में गुरुवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने चुनावी माहौल को गर्मा दिया। डिप्टी मुख्यमंत्री विजय सिन्हा और राजद एमएलसी अजय सिंह मतदान केंद्र के बाहर बीच सड़क पर ही एक-दूसरे से भिड़ गए। दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक कैमरों में कैद हो गई, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
काफिले पर हमला, गोबर और चप्पल फेंके गए सुबह सूचना मिली कि लखीसराय के खोरियारी इलाके में मतदाताओं को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है और कथित तौर पर राजद समर्थकों ने बूथ पर कब्जा कर रखा है। इस पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा तुरंत मौके पर पहुँचे और लोगों से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की।उनके पहुंचते ही भीड़ उग्र हो गई और उनके काफिले पर गोबर, चप्पल, और कथित तौर पर पत्थर फेंके गए।
पुलिस ने स्थिति संभालते हुए उनके काफिले को आगे बढ़ाया, लेकिन तब तक राजनीतिक माहौल गरम हो चुका था।सड़क पर ही शुरू हुआ सियासी तूफ़ान
इसी दौरान राजद एमएलसी अजय सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। और फिर शुरू हुआ बिहार चुनाव 2025 का शायद सबसे हाई-वोल्टेज ड्रामा।विजय सिन्हा ने कैमरे के सामने ही अजय सिंह पर आरोप लगाया—आप शराब पीकर चुनाव में बाधा डाल रहे हैं। गुंडागर्दी कर रहे हैं!”
अजय सिंह ने त्वरित जवाब दिया—
आप होते कौन हैं चेकिंग करने वाले? ये सब आपकी हार की बौखलाहट है!”दोनों नेताओं के बीच कई मिनटों तक जमकर कहासुनी चली। भीड़, पुलिस और मीडिया सब कुछ देखते रहे, और पूरा विवाद लाइव रिकॉर्ड होता रहा।
अजय सिंह ने पेश की मेडिकल रिपोर्ट, मिली क्लीन चिट
विजय सिन्हा के आरोप लगने के बाद अजय सिंह सीधे थाना पहुंचे और मौके पर ही अल्कोहल टेस्ट कराया, जिसमें उन्हें क्लीन चिट मिली।इसके बाद मीडिया के कैमरों के सामने उन्होंने पलटवार करते हुए कहा—हमारी गाड़ी रोकी गई। गुंडागर्दी उनके लोगों ने की। साहब चुनाव हार रहे हैं, इसलिए अब नाटक कर रहे हैं। इनका चैप्टर अब बंद हो चुका है।
”एसपी ने कहा—‘जब पहुँचा था तब सब ठीक था’लखीसराय के एसपी अजय कुमार ने कहा—
सुबह जब मैं गया, माहौल शांत था। लेकिन जैसे ही डिप्टी सीएम पहुँचे, स्थानीय लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया।”उन्होंने माना कि मामले की जांच तेज कर दी गई है।इस बीच विजय सिन्हा ने एसपी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
स्थानीय विश्लेषकों ने दिया नया एंगल—“सिन्हा के खिलाफ अंदरूनी साजिश
”लखीसराय के स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों ने इस विवाद पर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है—डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के खिलाफ उनकी ही पार्टी में अंदरूनी साजिश चल रही है। यही कारण है कि वे मानसिक रूप से दबाव में हैं और घटनास्थल पर पहुँचते ही माहौल भड़क गया।
”विश्लेषकों के अनुसार इस बार मतदान में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है और 25 साल बाद ऐसा रिकॉर्ड बन सकता है।कौन सही? कौन गलत?
माहौल गर्म — चुनाव आयोग की नज़र
घटना के बाद प्रशासनिक और सियासी हलकों में हलचल बढ़ गई है।चुनाव आयोग पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांग चुका है।
सवाल अभी भी है—हमला सच में संगठित था या भीड़ की नाराज़गी?शराब पीने का आरोप बेबुनियाद था या राजनीतिक हथियार?
या फिर यह विवाद चुनावी हवा को मोड़ने की रणनीति?फिलहाल, बिहार का चुनावी मैदान पहले चरण के मतदान के साथ और भी गर्म हो गया है।
