बी के झा
NSK

नई दिल्ली/पटना, 6 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान भले अभी बाकी हो, लेकिन चुनाव आयोग ने इस बार पहले ही माहौल गर्म कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि 17 नई पहलें सबसे पहले बिहार चुनाव में लागू की जाएंगी — और फिर पूरे देश में इन्हें अपनाया जाएगा।ज्ञानेश कुमार ने कहा, “यह सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब हर मतदाता को मिलेगी और सुविधा, और भरोसासबसे अहम बदलावों में यह तय किया गया है कि एक बूथ पर अब 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी। साथ ही हर पोलिंग बूथ पर 100% वेबकास्टिंग होगी ताकि चुनाव प्रक्रिया की पूरी पारदर्शिता बनी रहे।मतदाता अब अपना मोबाइल फोन बूथ तक ले जा सकेंगे, लेकिन वोट डालने से पहले उसे बाहर जमा करना होगा। वापस लौटते समय वह फोन वहीं से प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल भारत, अब चुनाव भी डिजिटलज्ञानेश कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग के पास अब 40 डिजिटल ऐप्स हैं, जो ECINET प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। इससे मतदाताओं से लेकर अधिकारियों तक, सभी का संपर्क तेज और आसान होगा।अब BLO से सीधा संपर्क ECINET के माध्यम से किया जा सकेगा। वहीं, 1950 हेल्पलाइन नंबर पर भी मतदाता आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे — बस +91 और अपने एरिया कोड के साथ 1950 डायल करें। वोटर लिस्ट और पहचान में सुधारइस बार 14 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं, जिन्हें नए वोटर आईडी कार्ड जारी किए गए हैं। आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आईडी कार्ड 15 दिनों के भीतर हर मतदाता तक पहुंच जाए।इसके साथ ही डिजिटल इंडेक्स कार्ड, वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म और BLOs के पहचान पत्र जैसे कदम पारदर्शिता को और सशक्त करेंगे। हर सीट पर पर्यवेक्षक, हर शिकायत पर निगरानीहर विधानसभा सीट पर एक-एक वरिष्ठ अधिकारी बतौर पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। ये अधिकारी अलग-अलग राज्यों से आएंगे ताकि निष्पक्षता बनी रहे। इन पर्यवेक्षकों के फोन नंबर ECINET और वेबसाइट पर सार्वजनिक होंगे।अब ईवीएम पर रंगीन फोटो, बड़े अक्षरअब तक ईवीएम पर उम्मीदवारों की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें रहती थीं। शिकायतों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने तय किया है कि अब रंगीन तस्वीरें और बड़े फॉन्ट में क्रम संख्या होगी, ताकि किसी भी मतदाता को भ्रम न हो।डाक मतपत्र की गिनती पहलेराजनीतिक दलों की मांग पर आयोग ने यह भी तय किया है कि ईवीएम के अंतिम दो राउंड से पहले डाक मतपत्रों की गिनती अनिवार्य होगी। इससे मतगणना प्रक्रिया और निष्पक्ष बनेगी।सुरक्षा और स्टाफ को मिलेगा सम्मानपुलिस अधिकारियों और चुनाव स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो। वहीं पोलिंग और काउंटिंग स्टाफ का पारिश्रमिक अब दोगुना कर दिया गया है। ये हैं सभी 17 नई पहलें:1. मतदान केंद्रों पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा2. सभी पोलिंग बूथों पर 100% वेबकास्टिंग3. मोबाइल फोन जमा करने के लिए बूथ पर काउंटर4. ईवीएम पर रंगीन फोटो और बड़े अक्षर5. BLOs और पर्यवेक्षकों का उन्नत प्रशिक्षण6. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का सफल समापन7. डिजिटल इंडेक्स कार्ड का वितरण8. वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म9. वोटर आईडी कार्ड का 15 दिनों में वितरण10. BLOs के पहचान पत्र11. ईवीएम में विसंगति पर VVPAT काउंटिंग12. डाक मतपत्र की प्रारंभिक गणना13. हाई-राइज सोसाइटी में अतिरिक्त बूथ14. 100 मीटर से बाहर अनौपचारिक आईडी स्लिप बूथ15. राजनीतिक दलों के BLA का उपयोग16. पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण17. पोलिंग और काउंटिंग स्टाफ का पारिश्रमिक दोगुनानिष्कर्ष:बिहार हमेशा राजनीति की प्रयोगशाला रहा है। इस बार यह लोकतांत्रिक सुधारों का प्रयोगशाला बनने जा रहा है। आयोग की ये 17 पहलें यदि सफल रहीं, तो आने वाले समय में पूरे देश में चुनाव का चेहरा बदल जाएगा।
