बी. के. झा
NSK


पटना/ न ई दिल्ली, 14 नवंबर
बिहार की राजनीति ने 2025 के विधानसभा चुनाव में वह इतिहास रचा जिसकी चर्चा सिर्फ पटना नहीं, दिल्ली तक के सियासी गलियारों में गूंज रही है। एनडीए ने प्रचंड बहुमत के साथ वह “गार्डा उड़ाया” है जिसकी कल्पना खुद सत्ता पक्ष भी इतने बड़े पैमाने पर नहीं कर रहा था। मतगणना आगे बढ़ी तो स्पष्ट हो गया कि बिहार की जनता ने इस चुनाव में बगैर किसी संशय के NDA के पक्ष में एकतरफा जनादेश दिया है।
PM मोदी बोले—“बिहार ने गर्दा उड़ा दिया”परिणामों के बाद भाजपा मुख्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्साह देखने लायक था। उन्होंने कहा:बिहार के लोगों ने इस बार गर्दा उड़ा दिया है। यह सिर्फ एक जनादेश नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और राजनीतिक स्थिरता के लिए जनता का दृढ़ संकल्प है।
पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बिहार ने यह साफ कर दिया है कि “जमानतशाह राजनीति” का जमाना अब समाप्त हो चुका है। जनता ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि विकास ही अब बिहार की प्राथमिकता है।NDA ने पार किया 200 का आंकड़ा—BJP बनी बिहार की सबसे बड़ी पार्टीचुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार:भाजपा—77 सीटों पर जीत, 12 पर बढ़तजेडीयू—62 सीटों पर जीत, 23 पर आगेएलजेपी (रामविलास)—15 जीत, 4 पर आगे हम—4 जीत, 1 पर आगेआरएलएम—2 जीत, 2 पर आगे
दूसरी ओर महागठबंधन का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा:आरजेडी—18 जीत, 7 पर आगेकांग्रेस—3 जीत, 3 पर आगेसीपीआई(एमएल)—1 जीत, 1 पर आगेपीके की जन सुराज को एक भी सीट न मिलना राजनीतिक विश्लेषकों के अनुमानों को ध्वस्त करता है।भाजपा पहली बार बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, और यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में बिहार की राजनीति की दिशा बदल सकती है।
बड़े चेहरे—कौन जीता? कौन हारा?अनंत सिंह—मोकामा से धमाकेदार जीतभाई वीरेंद्र—मनेर से विजयीतेजस्वी यादव—राघोपुर से जीतेडिप्टी सीएम विजय सिन्हा—लखीसराय से विजयीखेसारी लाल यादव—छपरा से पीछेयह चुनाव बाहुबलियों से लेकर ग्लैमरस चेहरों तक, सभी के लिए परीक्षा थी। पर जनता ने वोट जाति, पहचान और छवि के पार जाकर दिया।
नीतीश कुमार की पहली प्रतिक्रिया—“मोदी जी को नमन… बिहार को देश के शीर्ष विकसित राज्यों में लाएंगे”NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया देर शाम आई। उन्होंने विनम्रता और संयम के साथ कहा:राज्यवासियों ने भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति जो विश्वास जताया है, इसके लिए मैं सभी मतदाताओं को नमन करता हूं।
“उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा:आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को उनके सहयोग के लिए नमन। NDA का यह जनादेश पूरी एकजुटता और साझा प्रतिबद्धता का परिणाम है।”नीतीश ने सहयोगी दलों—चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—का विशेष आभार जताया और कहा कि यह जनादेश विकास राजनीति का है।
उन्होंने वादा किया:आप सबके सहयोग से बिहार को देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में लाया जाएगा।”जेडीयू इस बार 83 सीटों तक पहुँचकर 2020 की तुलना में बड़े सुधार के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है।क्या नीतीश ही रहेंगे NDA के नेता?
दिल्ली-पटना के गलियारों में चर्चा तेज हालांकि परिणाम NDA के लिए रिकॉर्ड तोड़ हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही। चुनाव अभियान के दौरान नीतीश कुमार की सेहत को लेकर सवाल उठे थे। पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ओर यह रस्साकशी कायम है कि:क्या NDA की अगली सरकार की कमान नीतीश ही संभालेंगे,या BJP नया चेहरा बिहार की राजनीति में उतारने की तैयारी कर रही है?
सूत्रों के अनुसार, इस पर अंतिम फैसला सभी घटक दलों की बैठक के बाद होगा। पर फिलहाल NDA के शीर्ष नेताओं के संकेत बताते हैं कि कम से कम शुरुआती दौर में नेतृत्व बदलाव की संभावना कम है।
बिहार के राजनीतिक क्षितिज पर कई प्रश्न फिर भी कायम इतिहास गवाह है—इ
तना बड़ा जनादेश सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं मिलता, बल्कि उस पर खरा उतरने की जिम्मेदारी भी उतनी ही भारी होती है। बिहार अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां:विकास रोजगार शिक्षा कानून व्यवस्थापर फोकस पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
NDA की जीत जितनी शानदार है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियाँ उसके सामने खड़ी हैं।—
निष्कर्ष—
2025 का जनादेश एक निर्णायक मोड़बिहार ने सालों बाद एक ऐसा एकतरफा जनादेश दिया है जो न सिर्फ वर्तमान बल्कि आने वाले दशक की राजनीति की रूपरेखा तय करेगा।मोदी–नीतीश की जोड़ी पर जनता ने एक बार फिर भरोसा जताया है,अब बारी है—उस भरोसे को विकास में बदलने की।
