बी के झा
NSK

नई दिल्ली/गुरुग्राम, 7 अक्टूबर
राजधानी दिल्ली में सोमवार की आधी रात एक बड़े एनकाउंटर में कुख्यात बदमाश भीम बहादुर जोरा उर्फ भीम जोरा को पुलिस ने ढेर कर दिया। नेपाल मूल का यह अपराधी लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। साउथ दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में हुई इस मुठभेड़ में गुरुग्राम क्राइम ब्रांच और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। एनकाउंटर के दौरान भीम जोरा की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में एक इंस्पेक्टर बाल-बाल बच गया, जबकि जवाबी कार्रवाई में जोरा को गोली लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।आधी रात 12:20 बजे शुरू हुआ एनकाउंटरसूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम सेक्टर-43 क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि भीम जोरा अपने साथी के साथ साउथ दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा ने दिल्ली पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पार्क को चारों ओर से घेर लिया।पुलिस टीम को देखते ही जोरा ने ताबड़तोड़ 6 राउंड फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने कई बार सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 5 राउंड फायरिंग की, जिसमें भीम जोरा गंभीर रूप से घायल हो गया।इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी एक गोली लगी, जिससे वे बाल-बाल बच गए। घायल बदमाश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हथियार और औजार बरामदमौके से पुलिस ने जोरा के पास से एक आधुनिक ऑटोमेटिक पिस्टल, कई जिंदा कारतूस और चोरी-डकैती में इस्तेमाल होने वाले औजारों का बैग बरामद किया है। उसका साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।दिल्ली-एनसीआर में फैला था आतंकभीम जोरा नेपाल का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था। वह डकैती, चोरी और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाता था। उस पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।साल 2024 में जंगपुरा इलाके में डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल की हत्या और डकैती की घटना में भी वह मुख्य आरोपी था। उस मामले में उसके चार साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।बीजेपी नेत्री के घर से 22 लाख की चोरीहाल ही में 2 अक्टूबर को भीम जोरा ने अपने साथी युवराज थापा के साथ मिलकर गुरुग्राम सेक्टर 49 की सोसाइटी ओर्किड पेटल के विला नंबर 3 में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। यह घर भाजपा महरौली जिला उपाध्यक्ष ममता भारद्वाज का था, जहां से करीब 22 लाख रुपये नकद और कीमती सामान चोरी किए गए थे।इस वारदात में शामिल घरेलू नौकर युवराज थापा को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद पुलिस जोरा की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी।कई राज्यों में था सक्रिय अपराधीपुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, भीम जोरा न सिर्फ दिल्ली और गुरुग्राम बल्कि बेंगलुरु, गुजरात और मुंबई में भी वारदातों को अंजाम दे चुका था। हर जगह उसने चोरी, डकैती और हिंसक अपराधों से अपनी पहचान एक पेशेवर गैंगस्टर के रूप में बनाई थी।पुलिस अधिकारियों ने कहा — “दिल्ली-एनसीआर ने राहत की सांस ली”गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,भीम जोरा लंबे समय से फरार था। वह नेपाल से आकर दिल्ली-एनसीआर में आतंक फैलाता था। उसकी मौत से पुलिस और आम जनता दोनों ने राहत की सांस ली है।”केस की जांच जारीफिलहाल, दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की जॉइंट टीम फरार साथी की तलाश में जुटी है। जोरा के नेटवर्क, उसके नेपाल और दिल्ली-गुजरात कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिल्ली में उसके संपर्क कौन-कौन से लोग थे जो उसे ठिकाने और मदद मुहैया कराते थे।
