बी के झा
NSK

नई दिल्ली, 17 नवंबर
लाल किले के पास हुए कार बम धमाके और जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में हुए विस्फोट ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। इसी पृष्ठभूमि में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकियों और उनके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार उन्हें “पाताल से भी ढूंढ निकालकर” कानून के कठघरे तक ले आएगी।
नई दिल्ली में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।आतंकियों को चेतावनी: “कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे”अमित
शाह ने कहा—मोदी सरकार के पिछले 10 वर्षों के ट्रैक रिकॉर्ड को देश जानता है। दिल्ली धमाके के जिम्मेदार चाहे कहीं भी छिपे हों, उन्हें पाताल से भी ढूंढकर सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई और केंद्र–राज्य सहयोग के चलते आतंकवाद की रीढ़ काफी हद तक टूटी है, लेकिन “कुछ बचे हुए तत्वों को खत्म करना ही होगा।
”बैठक की शुरुआत श्रद्धांजलि सेबैठक की शुरुआत में लाल किले कार धमाके और नौगाम पुलिस थाने विस्फोट में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखकर सुरक्षा बलों और नागरिकों के प्रति संवेदना जताई गई।
“मजबूत राज्य, मजबूत राष्ट्र का आधार”गृह मंत्री ने क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर ही मजबूत भारत की नींव रखते हैं।उन्होंने कहा—नीचे तक नीति समन्वय, संवाद और सहयोग को जमीन पर उतारने में क्षेत्रीय परिषदों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शाह ने राज्यों को सुझाव दिया कि वे विवादों को टालने के बजाय नियमित संवाद के माध्यम से हल करें, ताकि शासन की गति बाधित न हो।महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
अमित शाह ने अपने संबोधन में एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि—पॉक्सो मामलों में तेज जांच अनिवार्य है बलात्कार और यौन अपराधों में सख्त कार्रवाई हो‘फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSCs)’ की संख्या और बढ़ाई जाए
शाह ने कहा कि कोई भी सभ्य समाज महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं कर सकता।कुपोषण और त्वरित न्याय की चुनौतियाँबैठक में गृह मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि कुपोषण, स्वास्थ्य संसाधन एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के क्षेत्र में अभी काफी काम किया जाना बाकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच सामंजस्य से इन समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकता है।
निष्कर्ष
अमित शाह की तीखी चेतावनी और ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति फिर से साफ कर गई है कि दिल्ली धमाके के दोषी चाहे कितनी भी गहराई में छिपे हों, उन्हें बच निकलने का कोई मौका नहीं मिलेगा।
