बंगाल की खाड़ी में बड़ी कार्रवाई: भारतीय तटरक्षक बल ने पकड़ीं 3 बांग्लादेशी नावें, 79 मछुआरे हिरासत में, भारत के समुद्री संसाधनों की सुरक्षा के लिए तटरक्षक बल का हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन

बी के झा

NSK

फ्रेजरगंज/कोलकाता , 18 नवंबर—

भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारतीय तटरक्षक बल (ICG) एक बार फिर एक निर्णायक कार्रवाई को अंजाम देते हुए सुर्खियों में है। 15 और 16 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में की गई ऑपरेशनल कार्रवाई में तटरक्षक बल ने तीन बांग्लादेशी फिशिंग बोट्स को भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में अवैध रूप से मछली पकड़ते पाया। इन नावों पर मौजूद कुल 79 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है।यह ऑपरेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के महीनों में भारत के समुद्री क्षेत्र में अवैध प्रवेश और अनधिकृत मछली पकड़ने की घटनाएँ बढ़ी हैं। तटरक्षक बल ने इसे समुद्री सुरक्षा और संसाधन संरक्षण के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है।कैसे पकड़ी गईं नावें?—

समुद्री सीमा पर टाइट निगरानी का नतीजाभारतीय तटरक्षक बल की गश्ती टुकड़ियाँ बंगाल की खाड़ी पर सतह और हवा दोनों से लगातार निगरानी रखती हैं। इसी दौरान ICG के जहाज ने तीन विदेशी नौकाओं को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) पार कर भारतीय जलक्षेत्र में लगभग 35–40 नॉटिकल मील अंदर तक घुसा पाया।जाँच में सामने आया कि

—किसी भी मछुआरे के पास भारत में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं थीनावों पर ताज़ा पकड़ी गई मछलियाँ, जाल और उपकरण अवैध गतिविधि का स्पष्ट प्रमाण थेतटरक्षक बल ने तुरंत नौकाओं को घेरा, उन्हें सुरक्षित रूप से काबू में लिया और लंबे एस्कॉर्ट के बाद फ्रेजरगंज तट तक लाया।

कानूनी कार्रवाई के लिए मरीन पुलिस को सौंपा गया मामला फ्रेजरगंज पहुँचने के बाद तीनों नौकाओं और 79 मछुआरों को औपचारिक प्रक्रिया के तहत मरीन पुलिस के हवाले कर दिया गया।उन पर समुद्री मत्स्य संरक्षण कानून, पासपोर्ट अधिनियम, तथा अन्य समुद्री सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।पश्चिम बंगाल पुलिस और ICG के बीच इस ऑपरेशन में समन्वय को “उत्कृष्ट” बताया गया है।

समुद्री संसाधनों की सुरक्षा— भारत का कड़ा संदेशभारतीय तटरक्षक बल ने बयान जारी कर कहा कि—

भारत के समुद्री हितों और संसाधनों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।बंगाल की खाड़ी में किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

ICG ने बताया कि EEZ में मछली पकड़ने का अधिकार केवल भारत के मछुआरों को है। अवैध विदेशी हस्तक्षेप—भारतीय मछुआरों की आजीविका को खतरे में डालता हैसमुद्री पारिस्थितिकी पर प्रभाव डालता है

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन सकता हैइसलिए तटरक्षक बल ने हाल ही में इस क्षेत्र में हवाई सर्विलांस, उन्नत जहाजों की तैनाती, और नाइट पेट्रोलिंग को बढ़ाया है।बढ़ती अवैध घुसपैठ—

नई चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में सुधार और समुद्र में मछलियों की बढ़ती उपलब्धता के साथ विदेशों से अनधिकृत मछली पकड़ने की कोशिशें तेज़ होती हैं।बांग्लादेशी नावों को पकड़े जाने की हालिया घटनाएँ इस बढ़ते रुझान की ओर संकेत करती हैं।

तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है—

अवैध मछली पकड़ने की घटनाएँ केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा का भी गंभीर उल्लंघन हैं। इसलिए लगातार सतर्कता अनिवार्य है।

”भारत की ओर से ‘क्लियर मेसेज’:

समुद्री सीमा पर हर घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई

यह ऑपरेशन भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता, सजगता और समुद्री क्षेत्रों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कड़ी कार्रवाई से पड़ोसी देशों की नावों को स्पष्ट संकेत जाएगा कि—

भारत की समुद्री सीमाएँ सुरक्षित हैं, और किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत रोका और दंडित किया जाएगा।

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