बी के झा
NSK


नई दिल्ली, 19 नवंबर
अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने एक बार फिर अपनी ताज़ा रिपोर्ट में भारत को निशाने पर लिया है।लेकिन हैरत की बात यह है कि रिपोर्ट में न तो नए तथ्य हैं, न कोई नया विश्लेषण—बस वही पुराने आरोप, वही घिसा-पिटा नैरेटिव और वही राजनीतिक झुकाव से भरी भाषा।
रिपोर्ट में बाबरी मस्जिद ढहाने से लेकर राम मंदिर उद्घाटन तक, और RSS की विचारधारा से लेकर स्कूल की किताबों तक, सब कुछ एक ही नजरिए से पेश किया गया है—जो भारत पहले भी सिरे से नकार चुका है।
बाबरी मस्जिद से राम मंदिर तक… USCIRF का पुराना रागरिपोर्ट के सबसे विवादित हिस्से में USCIRF ने 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को दोहराया है और 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन को उसी घटना का ‘प्रत्यक्ष विस्तार’ बताते हुए जोड़ दिया है।रिपोर्ट कहती है—राम मंदिर उद्घाटन बाबरी मस्जिद के खंडहरों पर हुआ, जिसे 1992 में हिंदू भीड़ ने ढहा दिया था।”USCIRF यह टिप्पणी ऐसे समय कर रहा है जब भारत का सर्वोच्च न्यायालय 2019 में इस विवाद का अंतिम निपटारा कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले—पुरातात्विक प्रमाणऐतिहासिक अभिलेखऔर पक्षों की दलीलोंपर आधारित थे।लेकिन अमेरिकी आयोग ने न्यायालय के फैसले का छोटा-सा जिक्र करके फिर उसी पुराने ढांचे पर अपनी रिपोर्ट खड़ी कर दी।भारत कई बार कह चुका है कि—“अयोध्या विवाद न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से पूर्ण रूप से सुलझ चुका है। इसे धार्मिक स्वतंत्रता के चश्मे से देखना गलत और भ्रामक है।
RSS पर भी आरोपों की बारिशUSCIRF ने अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधे आरोप लगाए हैं।दावा किया गया है कि—RSS धार्मिक परिवर्तन रोकने का एजेंडा चलाता हैगाय वध पर रोक को बढ़ावा देता हैस्कूल की पुस्तकों से ‘मुस्लिम शासकों के संदर्भ हटवाने’ की कोशिश करता है।ध्यान देने वाली बात यह है कि इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य या दस्तावेज रिपोर्ट में नहीं दिए गए।सिर्फ दावा किया गया है, जैसे किसी पूर्व निर्धारित धारणा को तथ्य का रूप दे दिया गया हो।भारत सरकार पहले भी इस प्रकार की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कह चुकी है कि—“
RSS भारत का एक वैध सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है। USCIRF उसे राजनीतिक चश्मे से देखने की गलती करता रहा है।”
भारत पर ‘निरंतर निगरानी’— एक तयशुदा स्क्रिप्ट U SCIRF ने रिपोर्ट में यह भी कहा कि वह भारत की “निरंतर निगरानी” कर रहा है।यह वही भाषा है जो पिछले कई वर्षों की रिपोर्टों में भी दिखाई देती रही है। भारत का रुख साफ है—भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष हैभारत में धार्मिक स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विविध लोकतांत्रिक समाज है
भारतीय विदेश मंत्रालय समय-समय पर स्पष्ट कर चुका है कि—“USCIRF की ये टिप्पणियां न तो भारत की स्थिति समझती हैं, और न ही देश की जमीनी हकीकत को दर्शाती हैं। रिपोर्ट पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है।
