आसमान में दिखा ‘रहस्यमयी मेहमान’—क्या यह एलियन का जहाज था? भारतीय वैज्ञानिकों ने सुलझाई गुत्थी, 3I/ATLAS एक सामान्य धूमकेतु साबित

बी के झा

NSK

नई दिल्ली, 21 नवंबर

रात के अंधेरे में आसमान में चमकती एक अनोखी वस्तु ने दुनिया भर के खगोलविदों में हलचल मचा दी थी। सोशल मीडिया पर कई शौकिया पर्यवेक्षकों ने इसे ‘एलियन स्पेसशिप’ घोषित कर दिया था। लेकिन भारत और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने अब इस रहस्य पर से पूरी तरह पर्दा हटा दिया है—यह कोई एलियन जहाज नहीं, बल्कि एक इंटरस्टेलर धूमकेतु है: 3I/ATLAS।अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) ने 12 से 15 नवंबर के बीच माउंट आबू स्थित अपनी वेधशाला से इस वस्तु की स्पष्ट तस्वीरें लीं। इसी के बाद बुधवार को नासा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए नई तस्वीरें जारी कीं और विदेशी जीवन की संभावना को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया।माउंट आबू की पहाड़ियों से मिली अंतरिक्ष के यात्री की सबसे साफ झलक इसरो के अनुसार, PRL के वैज्ञानिकों ने 1680 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित 1.2-मीटर टेलीस्कोप से 3I/ATLAS का गहन अवलोकन किया।

इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी दोनों तकनीकों का उपयोग करते हुए उन्होंने धूमकेतु के चारों ओर चमकते क़रीब गोलाकार ‘कोमा’ की पहचान की।कोमा वह प्रकाशमंडल होता है जो धूमकेतु के बर्फीले नाभिक से सूर्य की गर्मी के प्रभाव में गैस और धूल के बाहर निकलने से बनता है।वैज्ञानिकों ने धूमकेतु का स्पेक्ट्रम भी रिकॉर्ड किया, जिसमें CN, C₂ और C₃ जैसे उत्सर्जन बैंड मिले—

ये वही संकेत हैं जो हमारे सौरमंडल के सामान्य धूमकेतुओं में दिखाई देते हैं।एक वैज्ञानिक ने कहा:इन तस्वीरों में कोई ‘इंजीनियरिंग’ संकेत नहीं, बल्कि धूल और गैस की वही प्राकृतिक संरचना है, जो एक धूमकेतु की पहचान होती है।”नासा ने भी साफ किया: ‘यह दोस्ताना मेहमान है, जहाज नहीं’नासा विज्ञान मिशन निदेशालय की एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर निकोल फॉक्स ने कहा—यह वस्तु बिल्कुल एक धूमकेतु जैसा व्यवहार कर रही है। अब तक कोई भी तकनीकी संकेत नहीं मिला है जो इसे किसी एलियन जहाज से जोड़ता हो। यह हमारे सौरमंडल का एक साधारण, बल्कि कहें तो दोस्ताना आगंतुक है।”नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित क्षत्रिया ने भी पुष्टि करते हुए कहा—

इसके गुण, गति, व्यवहार—हर पहलू धूमकेतु की श्रेणी में फिट बैठता है। सभी वैज्ञानिक साक्ष्य यही बताते हैं।”नासा और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक टीम ने इसे हबल, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST), और मंगल की कक्षा में स्थित ऑर्बिटर समेत एक दर्जन से अधिक उच्च-स्तरीय प्लेटफॉर्म से ट्रैक किया है।धूमकेतु की गैस उत्पादन दर बिल्कुल सामान्यPRL के विश्लेषण में पाया गया कि 3I/ATLAS की गैस उत्पादन दर लगभग 10²⁵ अणु/सेकंड रही—यानी बिल्कुल वैसी ही जैसे सामान्य सौर‌ मंडलीय धूमकेतुओं की होती है।

3I/ATLAS अब भीतरी सौरमंडल को छोड़कर दूर अंतरिक्ष की ओर बढ़ रहा है, और आने वाले महीनों में यह पृथ्वी से और कम दिखाई देगा।भारतीय वैज्ञानिक भविष्य में इसके और अवलोकन करने की योजना भी बना रहे हैं, ताकि इंटरस्टेलर वस्तुओं की प्रकृति को समझने में और सटीकता लाई जा सके।

रहस्य खत्म, विज्ञान जीता आसमान में दिखने वाली यह चमकती वस्तु भले ही कुछ दिनों के लिए ‘एलियन जहाज’ की सुर्खियों में बदल गई हो, लेकिन विज्ञान ने एक बार फिर मिथकों और अटकलों पर जीत हासिल की।3I/ATLAS एक धूमकेतु है—और उसी धूमकेतु की तरह व्यवहार कर रहा है।सवाल सिर्फ इतना बचा है कि अगला रहस्यमयी आगंतुक कब और कैसा दिखाई देगा—और तब विज्ञान फिर से अपना काम करेगा।

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