‘बी के झा
नई दिल्ली, 23 नवंबर
भारत के नए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को जिस स्पष्टता और कठोर अंदाज में चेतावनी दी, वह न केवल सैन्य रणनीति का संकेत है बल्कि यह भी बताता है कि भारत की सुरक्षा नीति अब किसी भी खतरे को पहले से पहचानने और निर्णायक कार्रवाई करने की ओर बढ़ चुकी है।दिल्ली में हुए हालिया धमाके का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि—“पाकिस्तान अब जान चुका है कि वह सीधी लड़ाई में भारत को हरा नहीं सकता, इसलिए प्रॉक्सी वॉर के ज़रिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
दिल्ली का धमाका भी उसी रणनीति का हिस्सा था।”“सीधे युद्ध में हार निश्चित—इसलिए प्रॉक्सी लड़ाई”NDIM (New Delhi Institute of Management) के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा—पाकिस्तान समझ चुका है कि भारत को युद्ध में हराना असंभव है। इसलिए वह प्रॉक्सी वॉर, झूठे नैरेटिव और आतंकी गतिविधियों के ज़रिए भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहता है। दिल्ली का धमाका उसी कोशिश का हिस्सा था, ताकि वह यह दिखा सके कि उसकी पकड़ अभी भी बनी हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने इन इरादों को पहले ही भांप लिया था, और समय रहते कई ऑपरेशन्स चलाए।उनके अनुसार—पाकिस्तान का मकसद भारत के बड़े शहरों—दिल्ली, मुंबई सहित—में धमाकों की श्रृंखला चलाना था।लेकिन भारत की इंटेलिजेंस और सुरक्षा समन्वय ने इस पूरे नेटवर्क को समय रहते ध्वस्त कर दिया।“
ऑपरेशन सिंदूर—22 मिनट में नौ ठिकाने ध्वस्त”जनरल द्विवेदी ने पहली बार विस्तार से बताया कि ऑपरेशन सिंदूर कैसे एक समन्वित, सटीक और तकनीकी रूप से उन्नत सैन्य अभियान था।उन्होंने कहा—यह कोई तत्काल निर्णय नहीं था। ऑपरेशन सिंदूर कई वर्षों की रणनीतिक तैयारी और इस कल्पना का परिणाम था कि भविष्य की लड़ाई में इंटेलिजेंस, टेक्नोलॉजी और सटीकता कैसे एक-दूसरे के पूरक बनेंगे।”उन्होंने बताया—भारतीय सशस्त्र बलों ने सिर्फ 22 मिनट मेंपाकिस्तान और PoK में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया।
यह अभियान एक तरह का ‘भरोसेमंद ऑर्केस्ट्रा’ था—जहाँ थलसेना, वायुसेना, नौसेना और तकनीकी एजेंसियों ने परफेक्ट सिंक्रोनाइज़ेशन के साथ काम किया।उनके शब्दों में—हर इकाई ने अपनी भूमिका ऐसे निभाई जैसे किसी संगीत ऑर्केस्ट्रा का हर वादक सही सुर में बजता है।”
88 घंटे का तनाव—दो परमाणु संपन्न देशों के बीच जनरल द्विवेदी ने स्वीकार किया कि 7 मई की सुबह से शुरू हुआ यह दौर दक्षिण एशिया में किसी भी समय भड़क सकता था।भारत ने आतंकी ढांचे ध्वस्त किए पाकिस्तान ने जवाबी हमला करने की कोशिश कीऔर भारत ने उसी अभियान के तहत सटीक जवाब दिया लगभग 88 घंटे तक यह तनाव चरम पर था।अंततः 10 मई की शाम दोनों देशों के बीच शर्तों और मध्यस्थता के आधार पर समझौता हुआ और संघर्ष थम गया।
“भारत बदल चुका है” — सेना प्रमुख का दृढ़ संदेशअपने भाषण में जनरल द्विवेदी ने सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही—भारत अब पुराने दौर वाला नहीं रहा।आज देश किसी भी खतरे को पहले से पढ़ लेता है,और ज़रूरत पड़ने पर निर्णायक प्रहार करने में सक्षम है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि—घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना अब भारत की रणनीति नहीं है
भारत पहले से तैयारी करके खेल बदलने की क्षमता रखता हैऔर यह क्षमता सिर्फ पराक्रम नहीं, बल्कि—आधुनिक टेक्नोलॉजी सटीक इंटेलिजेंस और सैन्य समन्वय के कारण कई गुना बढ़ चुकी है।
निष्कर्ष:
पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश—“युद्ध का विकल्प नहीं, जवाब का विकल्प है”जनरल उपेंद्र द्विवेदी का बयान सिर्फ एक चेतावनी नहीं बल्कि एक रणनीतिक घोषणा है।
उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि—पाकिस्तान चाहे प्रॉक्सी वॉर खेले दिल्ली, मुंबई या किसी भी शहर को निशाना बनाएया अपने आतंकी ढांचे को बचाने की कोशिश करे भारत न सिर्फ जवाब देने में सक्षम है, बल्कि पहले से हर खतरे को भांपकर उसे जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।दिल्ली धमाके का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह साबित कर दिया कि अब प्रतिक्रिया नहीं—प्रतिकार भारत की सैन्य नीति का आधार है।
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