बी के झा
NSK

नई दिल्ली /पटना:, 25 नवंबर
बिहार की सत्ता बदलते ही राज्य का गृह मंत्रालय एक नए तेवर के साथ मैदान में उतर आया है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालते ही वो बयान दिया है जिसने राजनीतिक हलकों से लेकर आम जनता तक में नई चर्चा छेड़ दी है।सम्राट ने साफ शब्दों में कहा—बिहार में अपराधियों को किसी प्रकार की ढील नहीं। अदालत के आदेश मिलते ही अपराधियों की संपत्तियों पर बुलडोज़र चलेगा—
बिलकुल बिना हिचक।”यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। अब सरकार ने यह संदेश दे दिया है कि “कानून से बड़ा कोई नहीं—ना माफिया, ना गुंडा, ना राजनैतिक संरक्षण।”एंटी-रोमियो स्क्वाड, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और जेलों में सख़्ती—
सम्राट का तीन-स्तरीय प्लानगृह मंत्री ने विभाग की प्राथमिकताओं का खाका बेहद स्पष्ट किया।
1. एंटी-रोमियो स्क्वाड—
स्कूल-कॉलेज के आसपास विशेष फोर्ससम्राट चौधरी ने कहा—बहन-बेटियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। स्कूल और कॉलेजों के पास अब एंटी-रोमियो स्क्वाड तैनात होगा।”इसकी मॉनिटरिंग थाने स्तर से लेकर रेंज IG तक की जिम्मेदारी होगी।
2. जेल प्रशासन पर सख़्त निगरानी“जेलों में केवल डॉक्टर की अनुमति पर ही बाहर का खाना जाएगा।”“निगरानी बढ़ेगी, मोबाइल, खुराक और अवैध वस्तुओं पर पूरी रोक।”
3. सोशल मीडिया पर ‘वर्चुअल गुंडागर्दी’ पर कार्रवाईसम्राट ने चेतावनी दी—अगर कोई सोशल मीडिया पर किसी को गाली देगा या धमकी देगा, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।”यह बयान इस बात का संकेत है कि अब साइबर अपराध और डिजिटल बदसलूकी भी पुलिस रडार से नहीं बचेगी।
बिहार में 400 माफिया चिह्नित—संपत्ति ज़ब्ती की तैयारीगृह मंत्री ने दावा किया कि400 माफिया पहले ही चिह्नित,संपत्तियों की लिस्ट तैयार है,कोर्ट की हरी झंडी मिलते ही बुलडोज़र कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
सम्राट ने कहा—अपराध पर जीरो टॉलरेंस… यही नीतीश कुमार जी की नीति है, और हम इसे और मजबूत करेंगे।
”बुलडोज़र एक्शन—पटना, आरा और मुजफ्फरपुर में तेज़ी से कार्रवाई सरकार के सख़्त रवैये का असर प्रशासनिक मशीनरी पर तुरंत दिखा। पटना स्टेशन रोड पर सड़क किनारे बने अवैध अतिक्रमण पर बुलडोज़र चला। झोपड़ियाँ व अस्थायी ढांचे हटाए गए।
आरा मुख्य मार्गों पर वर्षों पुराने अतिक्रमण को नोटिस के बाद ध्वस्त किया गया। मुजफ्फरपुर लगभग 250 अवैध दुकानों को बुलडोज़र से हटाया गया। बड़े पैमाने पर पुलिस बल की उपस्थिति ने साफ संकेत दे दिया—“सरकार कार्रवाई के मूड में है।
”‘योगी मॉडल’ की झलक?—
जनता और विश्लेषकों की प्रतिक्रियासम्राट चौधरी के बुलडोज़र बयान ने राजनीतिक गलियारों में यह बहस छेड़ दी है कि क्या बिहार भी अब उत्तर प्रदेश की तरह “कठोर कानून-व्यवस्था मॉडल” अपनाने जा रहा है?
स्थानीय नागरिकों का स्वागत दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर के कई स्थानीय लोगों ने कहा—अतिक्रमण हटेगा तो शहर साफ होगा। अगर माफियाओं पर भी यह कार्रवाई चले, तो बिहार बदलेगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा—
सम्राट चौधरी की पहल स्वागत योग्य है, लेकिन यह अभियान सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे।
जैसे झंझारपुर–अंधराठाढ़ी मार्ग, दरभंगा शहर और ग्रामीण इलाकों में भी अतिक्रमण हटे—तभी सरकार की नीयत पर भरोसा बनेगा।”
विश्लेषण: बुलडोज़र राजनीति—बिहार में नया संदेशनीतीश कुमार की सरकार के लिए यह शुरुआती दौर बेहद अहम है।सम्राट चौधरी का बुलडोज़र बयान तीन बातों को स्पष्ट करता है—
1. सरकार अपराध पर कठोरता दिखाना चाहती है।
2. लॉ एंड ऑर्डर की छवि सुधारने का प्रयास है।
3. एनडीए में सम्राट की भूमिका मजबूत होगी।अब देखना दिलचस्प होगा कि बुलडोज़र सिर्फ शुरुआत भर है या आने वाले दिनों में बड़े माफियाओं की संपत्तियों पर भी यही कार्रवाई होती है।
