जुबिन गर्ग की मौत—हत्या की साज़िश का पर्दाफाश?” विधानसभा में गरजे असम CM हिमंत बिस्वा शर्मा, कहा– “यह स्पष्ट तौर पर हत्या है।

बी के झा

NSK

नई दिल्ली /गुवाहाटी , 25 नवंबर

असम के लोकप्रिय और बहुमुखी कलाकार जुबिन गर्ग की रहस्यमय मौत पर राज्य की राजनीति और जनता का उबाल थम नहीं रहा है। अब यह मामला और भी गंभीर मोड़ ले चुका है, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने विधानसभा के भीतर खड़े होकर पहली बार खुलकर कहा है कि “यह किसी दुर्घटना या लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि साफ-साफ हत्या है।”

विधानसभा में विशेष चर्चा, विपक्ष का प्रस्ताव स्वीकार मंगलवार को असम विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर असाधारण रूप से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री शर्मा ने स्वयं अनुरोध किया कि इस विषय पर सदन में विचार होना चाहिए—और अध्यक्ष ने इसे स्वीकार किया।इसके बाद सदन में जो खुलासे सामने आए, उन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया।

“गैर-इरादतन नहीं, यह सोची-समझी हत्या है”— शार्मामुख्यमंत्री ने कहा किप्रारंभिक जांच के बाद ही असम पुलिस को विश्वास हो गया था कि यह गैर-इरादतन हत्या नहीं है। यह स्पष्ट रूप से नियोजित हत्या है। इसलिए उनकी मौत के तीन दिन के भीतर ही बीएनएस की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर दिया गया।”यह बयान सदन में सन्नाटा छोड़ गया।SIT की जांच तेज, अब तक 7 गिरफ्तार, 252 गवाहों से पूछताछ सीआईडी के तहत गठित विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले को सबसे उच्च प्राथमिकता दी है।

अब तक—7 आरोपी गिरफ्तार,252 गवाहों के बयान दर्ज,29 महत्वपूर्ण वस्तुएं ज़ब्त की जा चुकी हैं।शर्मा ने दावा किया किएक आरोपी ने हत्या को अंजाम दिया और अन्य ने उसकी सहायता की। कुल 4-5 व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है।”अगले चरण की जांच—साज़िश और विश्वासघात के नए पहलू

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि दिसंबर तक आने वाले आरोपपत्र (चार्जशीट) में हत्या के साथ-साथ आपराधिक साज़िश, विश्वासघात और संभावित लापरवाही जैसे कई नए पहलू जुड़ेंगे।उन्होंने कहा कि अपराध का मकसद जब सामने आएगा, तो राज्य के लोग हिल जाएंगे।”क्या हुआ था 19 सितंबर को?19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र के किनारे तैरते समय जुबिन गर्ग की अचानक मौत हो गई थी। शुरू में इसे एक दुखद दुर्घटना समझा गया, लेकिन समय के साथ कहानी में कई अनुत्तरित सवाल उभरते गए—और अब पूरी जांच हत्या की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।जुबिन गर्ग—

सिर्फ कलाकार नहीं, असम की सांस्कृतिक आत्मा जुबिन गर्ग सिर्फ एक गायक नहीं थे; वे असम की सांस्कृतिक चेतना की पहचान थे।उनकी असमिया संगीत परंपरा में जो जगह है, वह अद्वितीय है।इसी वजह से जनता इस मामले में न्याय की मांग लेकर सड़कों पर उतर आई है और पूरी जांच पर पैनी नज़र बनाए हुए है।

न्याय की उम्मीद, रहस्य का खुलासा बाकी विधानसभा में आए इस बड़े बयान के बाद अब राज्य के लोगों की निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिक गई हैं। क्या यह हत्या किसी व्यक्तिगत द्वेष का नतीजा थी या इसके पीछे बड़ी साज़िश छिपी है?अभी कई सवाल बाकी हैं—लेकिन इतना स्पष्ट है कि सरकार इस मामले को अंत तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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