ऑनलाइन सट्टेबाजी कांड में बड़ा खुलासा: कांग्रेस विधायक के लॉकर से 40 किलो सोना बरामद, कीमत करीब 50 करोड़ रुपये, ईडी की कार्रवाई से सियासी हलचल, अब तक 150 करोड़ की संपत्ति जब्त

बी के झा

NSK

नई दिल्ली /चित्रदुर्ग/ बेंगलुरु, 10 अक्टूबर

कर्नाटक में ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई लगातार गहराती जा रही है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र के दो बैंक लॉकरों से करीब 40 किलो सोना बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह सोना चित्रदुर्ग और बेंगलुरु स्थित लॉकरों से जब्त किया गया।ईडी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA 2002) के तहत की गई। इस बरामदगी के साथ इस मामले में अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं, जिनमें नकदी, सोने की छड़ें, आभूषण, लक्जरी वाहन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल हैं।ईडी की जांच में क्या निकला?ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि “किंग 567” और “राजा 567” जैसे कई ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों के जरिए करीब 2,000 करोड़ रुपये का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था।विधायक वीरेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर इन अवैध वेबसाइटों को संचालित किया। इन प्लेटफॉर्मों के जरिए देशभर के हजारों लोगों से ऑनलाइन सट्टे के नाम पर भारी रकम वसूली गई।जांच एजेंसी ने कहा कि सट्टेबाजी से प्राप्त धनराशि को फोनपे, पेयू और अन्य पेमेंट गेटवे के जरिए देशभर के बिचौलियों के खातों में भेजा गया। इसके बाद उस रकम को हजारों “म्यूल अकाउंट्स” (डमी खातों) में ट्रांसफर कर उसका स्रोत छिपाने की कोशिश की गई।विदेशों में उड़ाया गया अवैध धनईडी के मुताबिक, सट्टेबाजी से कमाए गए करोड़ों रुपये का इस्तेमाल विदेश यात्राओं, लग्जरी होटल ठहराव, वीजा और अन्य आतिथ्य सेवाओं में किया गया। इतना ही नहीं, ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों ने इसी धन से डिजिटल मार्केटिंग, SEO, बल्क एसएमएस कैंपेन और प्लेटफॉर्म होस्टिंग जैसे कार्यों के लिए भी भुगतान किया।एजेंसी ने कहा कि “साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि अपराध से अर्जित धन को उसके वास्तविक स्रोत से छिपाने के लिए कई मध्यस्थ खातों के माध्यम से घुमाया गया।”विधायक वीरेंद्र की गिरफ्तारी और मौजूदा स्थितिचित्रदुर्ग से कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र को अगस्त 2025 में ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी अब उनके सहयोगियों और पारिवारिक सदस्यों से जुड़े बैंक खातों और संपत्तियों की जांच कर रही है।एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से राजनीतिक और कारोबारी जगत के कौन-कौन लोग जुड़े थे।राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंपईडी की इस कार्रवाई के बाद कर्नाटक की सियासत में हलचल मच गई है। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा है कि “क्या पार्टी ऐसे नेताओं के संरक्षण में अवैध कारोबार चला रही थी?”वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि जांच एजेंसियों को “कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए”, और अदालत में सच सामने आएगा।अब तक की कार्रवाई का सारांशकार्रवाई विवरणबरामद सोना 40 किलो (कीमत ₹50 करोड़ से अधिक)अब तक जब्त संपत्ति ₹150 करोड़ से अधिकनेटवर्क का अनुमानित आकार ₹2000 करोड़मुख्य आरोपी विधायक के. सी. वीरेंद्रसंबंधित प्लेटफॉर्म King 567, Raja 567 आदिकानूनी कार्रवाई PMLA 2002 के तहतनिष्कर्ष:ईडी की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के उस गहरे नेटवर्क की परतें खोल दी हैं, जो न केवल आम जनता की जेबें खाली कर रहा था, बल्कि राजनीतिक तंत्र से भी गहराई से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में ईडी के और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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