बी के झा
NSK

पटना / नई दिल्ली, 10 अक्टूबर
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (ECI) ने मतदाताओं को एक बड़ी राहत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी मतदाता के पास मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नहीं है, तो भी वह मतदान कर सकेगा — बशर्ते उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। इसके लिए आयोग ने 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों को मान्य किया है।यह निर्देश आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को जारी एक अधिसूचना में दिया, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी भी पात्र मतदाता को केवल पहचान पत्र न होने के कारण वोट डालने से वंचित न होना पड़े।बिना वोटर ID के ऐसे कर सकेंगे मतदानचुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी एक पहचान पत्र को दिखाकर मतदान कर सकते हैं —1. आधार कार्ड2. मनरेगा जॉब कार्ड3. बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड5. ड्राइविंग लाइसेंस6. पैन कार्ड (PAN Card)7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड8. भारतीय पासपोर्ट9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज10. केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र11. सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य को जारी आधिकारिक पहचान पत्र12. समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्डआयोग ने यह भी बताया कि बिहार और जिन आठ विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं, वहां अधिकांश मतदाताओं को EPIC कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं।साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया गया है कि नए मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर EPIC कार्ड जारी कर दिए जाएं।केवल नाम सूची में होना जरूरी, पहचान जरूरी — लेकिन वोटर ID नहीं अनिवार्यचुनाव आयोग ने दोहराया कि मतदान का अधिकार केवल उन्हीं नागरिकों को है, जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल हैं।पहचान पत्र दिखाना आवश्यक है, लेकिन अगर नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो कोई भी व्यक्ति मतदान नहीं कर सकेगा,” आयोग ने स्पष्ट किया। बुर्का पहनने वाली महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्थामहिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोग ने इस बार बुर्का या पर्दा ओढ़ने वाली महिलाओं के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।आयोग ने निर्देश दिया है किपर्दानशीन महिलाओं की पहचान महिला मतदान अधिकारियों और सहायक कर्मियों की उपस्थिति में कराई जाएगी, ताकि उनकी गोपनीयता और गरिमा दोनों बनी रहे।”यह कदम उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहां पारंपरिक कारणों से महिलाएं चेहरे को ढककर मतदान केंद्रों पर पहुंचती हैं। बिहार चुनाव कार्यक्रम: दो चरणों में मतदान, 14 नवंबर को मतगणनाचुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों के लिए कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी है —पहला चरण: 6 नवंबर 2025दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025मतगणना: 14 नवंबर 2025आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं।हालांकि, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लगभग 65 लाख नाम हटाए गए, जिससे मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और सटीक बनाई जा सके।आयोग का संदेश: “हर योग्य नागरिक को वोट डालने का मौका मिले”चुनाव आयोग ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक केवल दस्तावेजों की कमी की वजह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।हमारा प्रयास है कि हर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं और सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं,” आयोग के प्रवक्ता ने कहा।निष्कर्षबिहार विधानसभा चुनाव 2025 सिर्फ एक राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जागरूकता की परीक्षा भी साबित होने जा रहा है। आयोग के इस कदम से जहां पहचान पत्र न रखने वाले मतदाताओं को राहत मिलेगी, वहीं महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना भी प्रबल है।
