बी के झा
नई दिल्ली, 6 दिसंबर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को HT लीडरशिप समिट 2025 में अपनी सरकार की कानून-व्यवस्था, निवेश के माहौल, महिला सुरक्षा और आधारभूत संरचना के नए चेहरे पर खुलकर बात की।एनकाउंटर नीति की आलोचना पर उन्होंने तल्ख़ अंदाज़ में कहा—
जो लोग व्यवस्था पर बोझ थे, उनसे धरती माता को मुक्ति मिली है। यह मुक्ति सिर्फ धरती को नहीं, बल्कि उन्हें भी उनके पापों के बोझ से मुक्त करती है।उनका यह बयान तुरंत चर्चा का केंद्र बन गया।निवेश का नया युग—डरे हुए उद्यमियों से लेकर 45 लाख करोड़ तक की यात्रा सीएम योगी ने बताया कि 2017 से पहले निवेशक यूपी में आने से डरते थे।“
उद्यमियों ने साफ कहा था—हम यूपी वापस नहीं आएंगे,” योगी बोले।लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बदले जाने के बाद नज़रिया बदला।मुख्य उपलब्धियाँ:• पहला इन्वेस्टर्स समिट – ₹5,000 करोड़ के प्रस्ताव• 2023 समिट – ₹45 लाख करोड़ के प्रस्ताव• इनमें से ₹15 लाख करोड़ पर कार्य शुरू योगी ने कहा कि यह “नया मील का पत्थर” है, जो सुरक्षित माहौल के बिना संभव नहीं था।‘
जीरो टॉलरेंस’ मॉडल—माफियाओं को क्यों मिली “मुक्ति”?एनकाउंटर नीति पर आलोचनाओं का जवाब देते हुए योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने जिस यूपी को “दुर्दांत माफिया का अभयारण्य” बनाया था, उसे खत्म करना अनिवार्य था।उन्होंने व्यंग्यात्मक शैली में कहा—माफिया कानून को नहीं मानता था, तो कानून भी उसकी भाषा में ही बात करेगा।और आगे जोड—
उत्तर प्रदेश आज माफिया-मुक्त है। पहले हर जिले में एक-एक माफिया राजा था, अब वहां मेडिकल कॉलेज हैं।”महिला सुरक्षा पर मुखर होते हुए योगी ने चेतावनी दी—बेटी को छेड़ोगे तो अगले चौराहे पर यमराज टिकट काटते नजर आएंगे।”
बदलता यूपी—एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, रैपिड रेल से लेकर वॉटर-वे तकयोगी आदित्यनाथ ने यूपी की बदली तस्वीर का विस्तृत खाका पेश किया।मुख्य दावे:2017 तक केवल ‘डेढ़ एक्सप्रेस-वे’ (आंशिक आगरा-लखनऊ)आज देश के 55% एक्सप्रेस-वे यूपी मेंयूपी में अब 16 एयरपोर्ट, जिनमें 4 इंटरनेशनल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने वाला देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्कदेश की पहली रैपिड रेल—दिल्ली–मेरठ देश का पहला वॉटर-वे भी यूपी मेंहर जिले को इंटरस्टेट कनेक्टिविटी शहरीकरण, आवास, और रियल एस्टेट के ढांचे में भी बड़े बदलावों का दावा किया गया।
महिला सशक्तीकरण: शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का मॉडल योगी ने महिलाओं को “आधी आबादी” बताते हुए कहा कि उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।सरकार द्वारा उठाए गए कदम:स्नातक तक मुफ़्त शिक्षा शादी हेतु विशेष आर्थिक सहायता नौकरी चाहने वाली महिलाओं के लिए विशेष पदस्थापन केन्द्र यूपी पुलिस में 44,000 महिला पद (पहले 1,000)स्वास्थ्य, नर्सिंग, पैरामेडिकल और शिक्षा क्षेत्र में प्राथमिकता
कुपोषण के खिलाफ बड़े अभियान
राजनीतिक विश्लेषकों की राय—“योगी का संदेश सीधा, शैली आक्रामक”वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रो. अरविंद तिवारी का मानना है—“
योगी आदित्यनाथ ने इस मंच पर ‘विकास + क़ानून-व्यवस्था’ को मिलाकर एक मजबूत राजनीतिक नैरेटिव स्थापित किया है। एनकाउंटर पर उनकी भाषा भले ही कठोर हो, लेकिन यह उनके समर्थक वर्ग में प्रतिध्वनि पैदा करती है।”
चुनावी विशेषज्ञ प्रियम दुबे का विश्लेषण—“योगी के भाषण में एक संदेश साफ था—वे यूपी को निवेश, सुरक्षा और इन्फ्रास्टक्चर के मॉडल के रूप में पेश करना चाहते हैं। यह 2027 की राजनीति का केंद्र बन सकता है।”
विपक्षी दलों की कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस का आरोप“योगी सरकार एनकाउंटर की आड़ में कानून को ठेंगा दिखा रही है। यह न्याय नहीं, डर का राज है।”समाजवादी पार्टी का बयान“जो लोग आज माफिया बता रहे हैं, वे पहले उन्हीं को संरक्षण देते थे। अत्याचार को ‘धरती माता की मुक्ति’ कहना अमानवीय है।”बीजेपी का समर्थन बीजेपी प्रवक्ता ने कहा—“देश में सबसे सुरक्षित और निवेश-हितैषी राज्य यूपी है। विपक्ष विकास से बौखला गया है।”BSP का रिएक्शन“एनकाउंटर मॉडल में दलित और पिछड़े सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। यह चयनात्मक कार्रवाई है।”
निष्कर्ष: ‘
नए उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना या कड़े शासन का मॉडल?योगी आदित्यनाथ ने समिट में एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार की नींव सुरक्षा, कठोर कार्रवाई, तेज़ विकास और महिला सशक्तीकरण पर है।जहाँ समर्थक इसे “नया उत्तर प्रदेश” बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे “खौफ़ का मॉडल” कहकर सवाल उठा रहा है।मंच पर मौजूद दर्शकों और विश्लेषकों की राय यही रही कि—
“योगी ने अपने शासन के सबसे शक्तिशाली बिंदुओं को दृढ़ता से रखा है, और आने वाले वर्षों में यह देश की राजनीति में बड़ा विमर्श बनने वाला है।
NSK

