बी के झा
NSK

पटना / बक्सर / भभुआ / नई दिल्ली, 11 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। आयोग की सख्ती का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। आचार संहिता के उल्लंघन के पहले मामले में बक्सर जिले में भाजपा नेता के खिलाफ चुनाव आयोग ने कड़ा कदम उठाया है। उल्लंघन के आरोप में न केवल गाड़ी जब्त की गई, बल्कि भाजपा झंडे के इस्तेमाल को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।बक्सर में भाजपा झंडा लगी कार जब्त, चालक पर प्राथमिकीशुक्रवार को बक्सर सदर के ज्योति चौक के पास उड़नदस्ता टीम की निगरानी के दौरान एक कार पर भाजपा का झंडा लगा देखा गया। जांच के दौरान चालक झंडा लगाने की अनुमति पत्र नहीं दिखा सका।सदर सीओ राहुल कुमार ने बताया कि यह सीधा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
चालक की पहचान विमलेश कुमार वर्मा, निवासी —
सुखपुरा (बलिया, उत्तर प्रदेश) के रूप में की गई है।आयोग के निर्देश पर कार को जब्त करते हुए नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सीओ ने कहा कि “कोई भी व्यक्ति या पार्टी बिना अनुमति के किसी वाहन या सार्वजनिक स्थल पर झंडा, पोस्टर या बैनर नहीं लगा सकता। यह न केवल चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि संज्ञेय और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।”
चुनाव आयोग की सख़्त चेतावनी
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, “आचार संहिता लागू होने के बाद कोई भी राजनीतिक दल प्रचार-प्रसार या शक्ति प्रदर्शन के नाम पर कानून तोड़ने की कोशिश करेगा तो तत्काल कार्रवाई होगी।”
भभुआ में SDM का निरीक्षण,
व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देशवहीं, भभुआ में भी प्रशासन चुनावी तैयारियों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार और एसडीपीओ ने शुक्रवार को विशेष जांच दल (SST), चेकपोस्ट, मतदान केंद्रों और पुलिस बल के आवासीय स्थलों का सघन निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी वाहनों की चेकिंग सख़्ती से की जाए, किसी भी संदेहास्पद गतिविधि पर तुरंत रिपोर्ट दी जाए और जब्ती की स्थिति में उच्च अधिकारियों को तत्काल सूचना दी जाए।मतदान केंद्रों और आवासन स्थलों की समीक्षाएसडीएम ने श्री नेहरू उच्च विद्यालय, नौहट्टा रामपुर में पुलिस बल के आवासन स्थल का निरीक्षण किया। वहां मौजूद प्रतिनिधियों से बिजली, पानी, शौचालय, भोजन और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जांच की गई।अमित कुमार ने कहा कि “कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है।
”चुनाव आयोग का संदेश –
“कानून सबके लिए समान”राज्य भर में आयोग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों ने दोहराया है कि चाहे कोई सत्ताधारी दल का नेता हो या विपक्ष का उम्मीदवार —
कानून सबके लिए समान है।बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को प्रस्तावित है और आयोग नहीं चाहता कि शुरुआती दिनों में ही आचार संहिता को लेकर कोई ढिलाई का संदेश जाए।
संपादकीय टिप्पणी:
आचार संहिता की पहली कार्रवाई यह संकेत देती है कि चुनाव आयोग इस बार पूरी गंभीरता से निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के मूड में है। बक्सर की कार्रवाई आने वाले दिनों में अन्य जिलों के लिए एक मिसाल साबित हो सकती है।
