बी के झा
NSK



नई दिल्ली/ वॉशिंगटन/लैंगली, 6 जनवरी
अमेरिका की जिस सैन्य इकाई का नाम लेते ही दुश्मनों की नींद उड़ जाती है, वह है डेल्टा फोर्स—एक ऐसी फोर्स जो दिखती नहीं, लेकिन जब हरकत में आती है तो इतिहास बदल देती है। हालिया दिनों में वेनेजुएला को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने एक बार फिर इस रहस्यमयी यूनिट को वैश्विक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।रिपोर्ट्स के अनुसार, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी से जुड़े ऑपरेशन में अमेरिकी डेल्टा फोर्स की अहम भूमिका मानी जा रही है। दावा किया गया है कि इस मिशन में भारी सैन्य और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल हुआ, जिसने अमेरिका की रणनीतिक क्षमता का खुला प्रदर्शन कर दिया।
क्या है डेल्टा फोर्स?
डेल्टा फोर्स का आधिकारिक नाम है1st Special Forces Operational Detachment–Delta (1st SFOD-D)इस यूनिट का गठन 1977 में कर्नल चार्ल्स “चार्ली” बेकविथ ने किया था। इसका मकसद था—ऐसी विशेष टुकड़ी तैयार करना जो आतंकवाद-रोधी, बंधक मुक्ति, हाई-वैल्यू टारगेट कैप्चर और गुप्त अभियानों में किसी भी सीमा तक जा सके।डेल्टा फोर्स सीधे तौर पर यूएस आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (USASOC) के तहत काम करती है और इसके मिशनों की जानकारी अक्सर वर्षों तक गोपनीय रहती है।
चयन प्रक्रिया: जहां सबसे मजबूत भी टूट जाते हैंडेल्टा फोर्स में शामिल होना दुनिया की सबसे कठिन सैन्य चयन प्रक्रियाओं में से एक माना जाता है।जानकारों के अनुसार:उम्मीदवारों को कई हफ्तों तक नेविगेशन मार्च करने होते हैं40 मील तक भारी वजन के साथ पैदल मार्चनींद, भोजन और मानसिक दबाव की चरम परीक्षाअधिकांश सैनिक बीच में ही बाहर हो जाते हैंचयन के बाद भी असली परीक्षा शुरू होती है—महीनों की ऑपरेटर ट्रेनिंग, जिसमें सैनिक को शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से तोड़ा और फिर नए सिरे से गढ़ा जाता है।कैसी होती है डेल्टा फोर्स की ट्रेनिंग?
डेल्टा फोर्स की ट्रेनिंग को आम सैन्य अभ्यास से अलग माना जाता है। इसमें शामिल हैं:एडवांस क्लोज-क्वार्टर बैटल (CQB)शहरी इलाकों में गुप्त ऑपरेशनहाई-रिस्क टारगेट किडनैप/कैप्चर मिशनअत्याधुनिक हथियार और निगरानी तकनीकफर्जी पहचान के साथ ऑपरेशन करने की ट्रेनिंग एक रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार,“डेल्टा फोर्स का सैनिक सिर्फ लड़ता नहीं है, वह सोचता है, हालात को पढ़ता है और दुश्मन के दिमाग में घुसकर वार करता है।”ब्लैक हॉक डाउन से वैश्विक पहचान डेल्टा फोर्स पहली बार दुनिया की नजर में 1993 के सोमालिया—मोगादिशु ऑपरेशन के दौरान आई। यही मिशन आगे चलकर‘Black Hawk Down’के नाम से मशहूर हुआ।हालांकि यह मिशन भारी नुकसान के कारण विवादों में रहा, लेकिन इसी ने दुनिया को यह दिखा दिया कि डेल्टा फोर्स किस स्तर पर ऑपरेट करती है।
वेनेजुएला ऑपरेशन: ताकत, तकनीक और खुफिया तंत्र का प्रदर्शन रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में हुए हालिया ऑपरेशन में डेल्टा फोर्स ने:दुश्मन इलाके में बिना चेतावनी प्रवेश सैन्य ठिकानों को निष्क्रिय करने की रणनीति सटीक खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ऑपरेशन केवल सैन्य कार्रवाई नहीं था, बल्किअमेरिका की रणनीतिक, तकनीकी और खुफिया क्षमता का संयुक्त प्रदर्शन था।क्यों सबसे भरोसेमंद मानी जाती है डेल्टा फोर्स?
मिशन फेल होने की संभावना बेहद कम राजनीतिक रूप से संवेदनशील टारगेट सरकार की सबसे अंतिम और गुप्त पसंद“डिनायबल ऑपरेशंस” यानी जिनकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं होती रही कारण है कि जब भी कोई मिशन असंभव लगता है,अमेरिका डेल्टा फोर्स को याद करता है।
निष्कर्ष
डेल्टा फोर्स कोई आम सैन्य इकाई नहीं—यह अमेरिका की अदृश्य ताकत, उसका आखिरी पत्ता और उसकी रणनीतिक छाया है।वेनेजुएला से जुड़ी घटनाएं सही हों या दावों के स्तर पर—इतना तय है कि डेल्टा फोर्स का नाम आज भी वही असर पैदा करता है, जो दशकों पहले करता था:खामोशी, डर और हैरत।
