बी के झा
NSK

नई दिल्ली , 14 अक्टूबर
राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण की गिरफ्त में है। दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार पहुंच गया, जिससे हवा “खराब” श्रेणी में दर्ज की गई। इस पर नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-1 (Stage-I) लागू करने के आदेश जारी किए हैं।GRAP-1 लागू: दिल्ली-NCR में अलर्ट, धूल और प्रदूषणकारी गतिविधियों पर सख्ती वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की उप-समिति ने मंगलवार को दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की प्रदूषण स्थिति पर समीक्षा बैठक की। बैठक में मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों पर चर्चा की गई।
रिपोर्ट में पाया गया कि 14 अक्टूबर 2025 को दिल्ली का AQI 211 दर्ज किया गया — यानी हवा “खराब” श्रेणी में पहुंच चुकी है।CAQM ने बयान जारी कर कहा:उप-समिति ने मौजूदा प्रदूषण स्तर और आने वाले दिनों के पूर्वानुमान को देखते हुए पूरे एनसीआर क्षेत्र में GRAP के चरण-I के तहत सभी कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।”GRAP-1 के तहत प्रशासन को निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू करना।सड़कों पर मशीनी झाड़ू और पानी का छिड़काव बढ़ाना।
खुले में कूड़ा या पत्ते जलाने पर रोक
प्रदूषणकारी गतिविधियों की निगरानी के लिए टीमें तैनात करना।ट्रकों और भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण।
बढ़ते प्रदूषण से लोगों में चिंता — “सांस लेना भी मुश्किल हो गया”राजधानी में प्रदूषण का असर अब आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में सुबह-सुबह धुंध की परत छाई रहती है।स्थानीय समाजसेवक, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की, ने कहा बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात बेहद खतरनाक हो चुके हैं।
लोग सुबह टहलने से डरने लगे हैं
अब तो दिवाली की रात और उसके बाद की हालत का अंदाज़ा लगाइए, जब पटाखे जलेंगे और धुआं आसमान छू लेगा।”उन्होंने आगे केंद्र और राज्य सरकार, दोनों पर सवाल उठाते हुए कहा,जब केजरीवाल सरकार थी, तब मौजूदा नेता प्रदूषण पर खूब बयान बाज़ी करते थे।
अब जब उनकी ही सरकार है, तो सब चुप हैं। ऐसा लगता है, जैसे दिल्ली में अब सरकार नाम की कोई चीज़ ही नहीं बची। चारों तरफ भ्रष्टाचार और लापरवाही का धुआं फैला हुआ है।”क्या है GRAP योजना और क्यों लगाई जाती है?
GRAP यानी Graded Response Action Plan, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बनाई गई एक रणनीति है।यह चार चरणों में लागू होती है —1. Stage I (खराब) – AQI 201-3002. Stage II (बहुत खराब) – AQI 301-4003. Stage III (गंभीर) – AQI 401-4504. Stage IV (आपातकालीन) – AQI 450 से ऊपरहर चरण में अलग-अलग प्रतिबंध और कदम लागू किए जाते हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रदूषण को “बहुत खराब” या “गंभीर” स्तर तक पहुंचने से पहले रोकना है।
दिल्ली की हवा में जहरीले तत्व, दिवाली से पहले ही खतरे की घंटीकेंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार सुबह का औसत AQI 211 दर्ज किया गया।मौसम विभाग के मुताबिक,न्यूनतम तापमान: 19°C (सामान्य से 0.6°C कम)अधिकतम तापमान: लगभग 33°Cनमी: सुबह 8:30 बजे 85%IMD का कहना है कि आने वाले दिनों में हवा की गति धीमी रहने और तापमान गिरने से प्रदूषकों का जमाव और बढ़ सकता है।
राजनीति भी गर्माई:
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
राजधानी के बढ़ते प्रदूषण को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब बीजेपी के नेता प्रदूषण को लेकर सड़क पर उतर आते थे, लेकिन अब सब मौन हैं।वहीं, सत्ताधारी दल का कहना है कि सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है, और जल्द ही ठोस नतीजे सामने आएंगे।
विशेषज्ञों की चेतावनी: दिवाली पर स्थिति और बिगड़ सकती है
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल हवा “खराब” श्रेणी में है, लेकिन दिवाली की रात पटाखों के धुएं के बाद हालात “बहुत खराब” या “गंभीर” श्रेणी में जा सकते हैं।
AIIMS के पल्मोनोलॉजी विभाग के एक डॉक्टर ने कहा —दिल्ली की हवा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक हो गई है। सांस की बीमारियां, एलर्जी, खांसी और आंखों में जलन के मामले बढ़ रहे हैं।
”निष्कर्ष:
दिल्ली फिर उसी पुरानी जंग में — सांस बनाम सियासतहर साल की तरह इस बार भी दिल्ली की हवा दिवाली से पहले जहरीली हो चुकी है। सरकारें बदलती हैं, लेकिन हालात वही रहते हैं।जहां एक ओर अधिकारी “सख्त कार्रवाई” की बात करते हैं, वहीं आम नागरिक अपने ही शहर में सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहा है।
अब सवाल यह है —क्या GRAP-1 का यह अमल केवल कागजों तक सीमित रहेगा या वाकई में दिल्ली की हवा को राहत मिलेगी?
फिलहाल राजधानी के आसमान में जो धुंध छाई है, वह केवल धूल की नहीं, राजनीतिक वादों की परतों की भी है।
