बिहार चुनाव 2025: AAP ने जारी की 48 उम्मीदवारों की दूसरी सूची, अब तक 59 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, केजरीवाल की पार्टी ने तेज की चुनावी रफ्तार

बी के झा

NSK

पटना / नई दिल्ली, 15 अक्टूबर

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी। इस सूची में 48 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही पार्टी अब तक कुल 59 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है।पार्टी की यह रणनीति स्पष्ट करती है कि इस बार वह बिहार के सियासी मैदान में पूरी ताकत से उतरने जा रही है।

आप नेताओं का कहना है कि पार्टी राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और “ईमानदार राजनीति” के एजेंडे पर चुनाव लड़ेगी।पहली सूची में थे 11 उम्मीदवारआम आदमी पार्टी ने इससे पहले अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें 11 प्रत्याशियों के नाम शामिल थे।पहली सूची के प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं:मीरा सिंह (बेगूसराय)योगी चौपाल (कुशेश्वरस्थान)अमित कुमार सिंह (तरैया)भानु भारतीय (कस्बा)शुभदा यादव (बेनीपट्टी)अरुण कुमार रजक (फुलवारी)डॉ. पंकज कुमार (बांकीपुर)अशरफ आलम (किशनगंज)अखिलेश नारायण ठाकुर (परिहार)अशोक कुमार सिंह (गोविंदगंज)धर्मराज सिंह (बक्सर)दूसरी सूची में शामिल 48 उम्मीदवारों के नाम जारी करते हुए आप नेताओं ने कहा कि पार्टी हर वर्ग और समुदाय के प्रतिनिधित्व पर ध्यान दे रही है।

केजरीवाल का बिहार मिशन

सूत्रों के मुताबिक, आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल खुद जल्द ही बिहार में जनसभाओं और रोड शो की श्रृंखला शुरू करने वाले हैं। पार्टी का उद्देश्य बिहार में दिल्ली और पंजाब की तरह “शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार मुक्त शासन” के मुद्दों को केंद्र में रखना है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार के मतदाता बदलाव चाहते हैं और आप उस विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करने में जुटी है।

दो चरणों में संपन्न होगा मतदान

भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की औपचारिक घोषणा की।पहला चरण : 6 नवंबर दूसरा चरण : 11 नवंबर परिणाम घोषणा : 14 नवंबर चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया इसी से पहले पूरी की जाएगी।

विपक्षियों के निशाने पर AAP आम आदमी पार्टी की दूसरी सूची जारी होने के बाद सियासी हलकों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

भाजपा नेता अजय आलोक ने इस पर तंज कसते हुए कहा,केजरीवाल जी के उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। बिहार के लोग जानते हैं कि यहाँ की राजनीति जमीन से जुड़ी है, बाहरी चमक-दमक से नहीं।

”हालाँकि AAP नेताओं का कहना है कि विरोधी दल उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस बार पार्टी बिहार में कई सीटों पर मजबूत प्रदर्शन करेगी।विश्लेषण: क्या ‘आप’ बदल पाएगी बिहार की राजनीति का समीकरण?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार में AAP का चुनावी मैदान में उतरना निश्चित रूप से दिलचस्प मुकाबला पैदा करेगा, लेकिन राज्य की पारंपरिक राजनीति (जाति समीकरण, क्षेत्रीय वर्चस्व) में सेंध लगाना आसान नहीं होगा।फिर भी, अगर AAP कुछ सीटों पर भी सम्मान जनक प्रदर्शन करती है, तो वह आने वाले वर्षों में बिहार की राजनीति में तीसरे मोर्चे के रूप में उभर सकती है।

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