बी के झा
NSK


पटना / नई दिल्ली, 16 अक्टूबर
बिहार की सियासत में आज का दिन पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नाम रहने वाला है। चुनावी समर जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बीजेपी ने अपने स्टार कैंपेनर्स को मैदान में उतारना शुरू कर दिया है।
आज यानी बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिहार में दो बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे — एक दानापुर में और दूसरी सहरसा में।दोनों रैलियों को बीजेपी के चुनावी अभियान का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
दानापुर में योगी का ‘शक्ति प्रदर्शन’दानापुर विधानसभा सीट पर आज माहौल पूरी तरह भगवामय होने जा रहा है।यहां पूर्व सांसद रामकृपाल यादव नामांकन दाखिल करेंगे और उनके समर्थन में सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे।
दानापुर की रैली को बीजेपी ने “जन आशीर्वाद सभा” का रूप दिया है, जहां हजारों कार्यकर्ता और समर्थक जुटने की तैयारी में हैं।सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ यहां संगठन, हिंदुत्व और सुशासन के मुद्दे को जोड़ते हुए बिहार की जनता से ‘दोहरे बहुमत की सरकार’ की अपील करेंगे।एक वरिष्ठ नेता ने कहा —दानापुर की रैली बीजेपी के लिए सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन है। योगी की मौजूदगी बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश और विपक्ष में बेचैनी दोनों बढ़ा रही है।”
सम्राट चौधरी का नामांकन — जेडीयू के गढ़ में बीजेपी की दस्तकइधर बिहार के डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी आज मुंगेर की तारापुर सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगे।यह सीट पिछले 15 वर्षों से जेडीयू का मजबूत गढ़ रही है, लेकिन इस बार बीजेपी ने यहां रणनीतिक चुनौती देने की ठानी है।
नामांकन के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहेंगे।यह पूरा आयोजन बीजेपी की “मिशन 150+” रणनीति का अहम हिस्सा बताया जा रहा है।
‘योगी फायरपावर’ से बीजेपी को नई ऊर्जा बीजेपी के अंदरखाने में योगी आदित्यनाथ को बिहार चुनाव में सबसे प्रभावशाली स्टार कैंपेनर माना जा रहा है।उनकी छवि एक कठोर प्रशासक, हिंदुत्व के प्रतीक और भ्रष्टाचार विरोधी नेता की है — जो बिहार के मतदाताओं में खासा प्रभाव डालती है।इस बार बीजेपी ने योगी की लगभग 20 रैलियों का ब्लॉक कैलेंडर तय किया है, जिसमें सहरसा, गया, दरभंगा और भागलपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि योगी की एंट्री से बीजेपी का फोकस ‘लॉ एंड ऑर्डर + हिंदुत्व + विकास’ की तिकड़ी पर रहेगा।उनकी भाषा, आक्रामक शैली और ‘सीधा संदेश’ बिहार की राजनीति में नया जोश भरने वाला है।
नामांकन की रफ्तार और सियासी संदेश बिहार में आज कई दिग्गज नेता अपने-अपने नामांकन दाखिल कर रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।एक तरफ सम्राट चौधरी और रामकृपाल यादव जैसे दिग्गज पर्चा भर रहे हैं,वहीं दूसरी ओर बीजेपी के प्रचार में योगी आदित्यनाथ, जेपी नड्डा, अमित शाह और नित्यानंद राय जैसे शीर्ष नेता बारी-बारी से मैदान संभाल रहे हैं।
बीजेपी का मकसद साफ है —प्रधानमंत्री मोदी के विज़न और योगी के अनुशासन” को मिलाकर बिहार में फिर से सत्ता में वापसी का माहौल बनाना।
सहरसा में ‘जनविश्वास सभा’ – योगी का अगला ठिकाना दानापुर के बाद योगी आदित्यनाथ की अगली बड़ी सभा सहरसा में होगी, जहां वे कोसी क्षेत्र के लोगों को संबोधित करेंगे।सहरसा और आसपास के इलाकों को बीजेपी के लिए चुनावी स्विंग ज़ोन माना जाता है।योगी यहां विकास कार्यों, सड़क, शिक्षा, और अपराध नियंत्रण जैसे मुद्दों पर केंद्रित भाषण देंगे,साथ ही विपक्ष पर ‘विकास विरोधी राजनीति’ का आरोप भी लगाएंगे।
निष्कर्ष:
बिहार में ‘योगी फैक्टर’ की दस्तक बिहार के चुनावी समर में अब योगी फैक्टर पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।
दानापुर की गूंज से लेकर सहरसा की सभाओं तक बीजेपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह चुनाव वह पूरी ताकत से लड़ेगी।अब देखना यह होगा कि योगी आदित्यनाथ की ‘तूफानी रैलियां’बिहार के मैदान में बीजेपी के लिए राजनीतिक बवंडर साबित होती हैं या नहीं।
