बी के झा
NSK



पटना / नई दिल्ली, 16 अक्टूबर
बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) आज अपनी चुनावी ताकत का बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। गठबंधन के कई दिग्गज नेता आज अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से नामांकन दाखिल करेंगे, जिनमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी, और केंद्रीय नेता रामकृपाल यादव जैसे बड़े नाम शामिल हैं।इन नामांकनों को लेकर एनडीए आज शक्ति प्रदर्शन के मूड में है। यही नहीं, भाजपा के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ भी आज बिहार में रहेंगे और एनडीए उम्मीदवारों के नामांकन में शामिल होंगे।
NDA का शक्ति प्रदर्शन: योगी की मौजूदगी से बढ़ेगा जोश एनडीए की तरफ से पटना से लेकर सहरसा तक आज सियासी रैलियों और रोड शो का दौर चलेगा।सम्राट चौधरी तारापुर सीट से नामांकन करेंगे।विजय चौधरी सरायरंजन सीट से चुनावी पर्चा भरेंगे।रामकृपाल यादव दानापुर से नामांकन करेंगे, जिनके कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।वहीं, सहरसा में आलोक रंजन के नामांकन के दौरान भी योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे।इसके अलावा, भाजपा के वरिष्ठ नेता विष्णुदेव साय और दक्षिण भारतीय अभिनेता व राजनेता पवन कल्याण भी बिहार पहुंचे हैं। दोनों नेता आज कई एनडीए उम्मीदवारों के नामांकन में शामिल होकर माहौल को और जोशीला बनाएंगे।
अमित शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा इसी बीच, बिहार चुनाव में एनडीए की रणनीति को और मजबूती देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज (16 अक्टूबर) से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं।शाह अपने दौरे के दौरान पार्टी संगठन की बैठकें लेंगे,कमजोर सीटों पर समीक्षा करेंगे,और हर क्षेत्र के प्रमुख नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर वोट प्रबंधन और बूथ रणनीति पर फोकस करेंगे।एनडीए के लिए यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि बिहार की कई सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ के संकेत पहले से ही मिल रहे हैं।
नीतीश कुमार की प्रचार यात्रा की शुरुआत आज दूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आज से अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे।जेडीयू की दूसरी लिस्ट जारी होने के बाद अब पार्टी पूरी तरह चुनावी मैदान में उतर चुकी है।नीतीश कुमार के पहले कार्यक्रम के लिए विशाल जनसभा की तैयारी की गई है, जहां से वे “सुशासन के 20 साल” का नारा देकर जनता से सीधे संवाद करेंगे।
महागठबंधन में हलचल, कांग्रेस ने बांटे सिंबल — सूरजभान सिंह का बड़ा दांव उधर, महागठबंधन में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने बुधवार देर रात अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी और सिंबल वितरण भी शुरू कर दिया है।प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को कुटुम्बा सीट से टिकट दिया गया है।वहीं, राजद (RJD) और माले (CPIML) पहले ही अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुके हैं।राजनीतिक गलियारों में आज सबसे ज्यादा चर्चा सूरजभान सिंह के फैसले की है, जिन्होंने अचानक RLJP से इस्तीफा दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, सूरजभान सिंह आज राजद में शामिल हो सकते हैं, जबकि उनकी पत्नी वीणा देवी को मोकामा सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।अगर ऐसा होता है, तो यह महागठबंधन के लिए बड़ा चेहरा और एनडीए के लिए झटका साबित हो सकता है।
ओसामा शहाब का नामांकन — सीवान में बढ़ी हलचल और दहशत आज का दिन राजद (RJD) के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।पार्टी ने पूर्व बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को रघुनाथपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है।
आज सुबह 11 बजे ओसामा शहाब अपना नामांकन दाखिल करेंगे।उनके साथ तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव के कई करीबी नेता भी मौजूद रहेंगे।इसके अलावा —मुकेश यादव (मुंगेर से),और रवि रंजन उर्फ छोटू मुखिया (अस्थावां से) भी आज राजद के सिंबल पर नामांकन दाखिल करेंगे।सीवान और आसपास के इलाकों में ओसामा शहाब के नामांकन को लेकर दहशत और चर्चा दोनों का माहौल है।स्थानीय लोगों में एक बार फिर पुराने दौर की ‘शहाबुद्दीन छाया’ की चर्चा होने लगी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि “राजद ने इस फैसले से सीवान में अपने कोर वोट बैंक को सक्रिय करने की कोशिश की है, लेकिन यह दांव उल्टा भी पड़ सकता है अगर डर का माहौल वोटिंग में असर डाल गया।”
राजनीतिक विश्लेषकों की राय — चुनाव अब खुला मुकाबला
विश्लेषकों का मानना है कि बिहार चुनाव का यह चरण बेहद दिलचस्प हो गया है।एक तरफ एनडीए अपनी एकजुटता और ताकत दिखाने में जुटा है,तो दूसरी तरफ महागठबंधन जातीय समीकरण और पुराने चेहरों पर दांव लगा रहा है।राजनीतिक पंडितों का कहना है कि “एनडीए की मजबूती के बावजूद बिहार में मुकाबला आसान नहीं होगा। इस बार समीकरण जातीय नहीं, बल्कि चेहरों और प्रचार रणनीति पर टिकेगा।”
निष्कर्ष
आज का दिन बिहार की राजनीति में एक ‘टर्निंग पॉइंट’ की तरह है।जहां एक ओर एनडीए अपने पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरा है, वहीं महागठबंधन भी पूरी आक्रामकता के साथ चुनौती दे रहा है।अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि योगी आदित्यनाथ और अमित शाह की जोड़ी बिहार के चुनावी मैदान में क्या नया रंग भर पाती है —या लालू-तेजस्वी की जोड़ी फिर एक बार जनता के दिल में जगह बनाने में सफल होती है।
