दिवाली पर चमकी किस्मत या सिस्टम की चूक? बिहार की आंगनवाड़ी सेविका के खाते में आए 1 अरब 23 लाख रुपये!

बी के झा

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सुपौल:( बिहार ) नई दिल्ली, 25 अक्टूबर

बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दंग कर दिया है। दिवाली की रात जब लोग घरों में लक्ष्मी पूजा कर रहे थे, उसी वक्त ग्वालपाड़ा पंचायत की एक साधारण आंगनवाड़ी सेविका की किस्मत अचानक करोड़ों क्या — अरबों में पहुंच गई!

छातापुर प्रखंड के वार्ड संख्या 14 की आंगनवाड़ी सेविका विभा कुमारी के खाते में अचानक 1 अरब 23 लाख 56 हजार रुपये जमा हो गए। जैसे ही इस बात की खबर फैली, गांव में चर्चा का माहौल बन गया। कोई इसे लक्ष्मी जी का आशीर्वाद बता रहा है, तो कोई सरकारी सिस्टम की गड़बड़ी।

खाते की जानकारी निकलवाई, तो उड़ गए होश विभाग कुमारी ने हाल ही में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका समूह के जरिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि के लिए आवेदन किया था। दिवाली के बाद जब वे अपने पैसे की स्थिति जानने पास के सीएसपी केंद्र गईं, तो वहां के संचालक घनश्याम कुमार साह ने जब उनके खाते की डिटेल निकाली, तो सबके होश उड़ गए।खाते में ₹10,000 नहीं, बल्कि पूरा ₹1,23,56,000,000 दिख रहा था!पहले तो सबने सोचा कि सिस्टम में कोई तकनीकी गड़बड़ी है। लेकिन जब दूसरी बार भी वही रकम दिखी, तो विभा कुमारी घबरा गईं और तुरंत अपने पति मिथिलेश पासवान को सूचना दी। मिथिलेश, जो किसान हैं,

उन्होंने बताया —हम सोच रहे थे कि दस हजार आएंगे, लेकिन दिवाली की रात तो जैसे लक्ष्मी माता ने ही घर का रास्ता पकड़ लिया। पर खाता फ्रीज दिखा रहा है। अब पुलिस को सूचना दी है ताकि असली वजह पता चले।”

बैंक ने मामले की पुष्टि की सीएसपी संचालक घनश्याम कुमार साह ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को इस अजीबोगरीब ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली।हमने तुरंत बैंक के उच्च अधिकारियों को सूचना दी है। खाता फिलहाल सीज है। जांच शुरू हो चुकी है।

बैंक सूत्रों का कहना है कि यह मामला संभवतः टेक्निकल एरर या किसी बड़ी पेमेंट ट्रांसफर मिस्टेक का नतीजा हो सकता है। फिलहाल जिला प्रशासन और बैंक अधिकारी जांच में जुटे हैं।

गांव में मचा शोर, चर्चा का विषय बनी विभा कुमारीपूरा इलाका अब ‘अरबपति सेविका’ की चर्चा से गूंज रहा है।

कोई कहता है — “दिवाली पर लक्ष्मी खुद आई हैं”, तो कोई इसे “डिजिटल सिस्टम की खामी” बता रहा है। बच्चे-बूढ़े तक इस घटना की चर्चा करते नहीं थक रहे।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए ताकि पता चल सके कि यह रकम कहां से और किस खाते से आई।

सवालों के घेरे में सिस्टम

यह घटना न सिर्फ रोमांचक है, बल्कि डिजिटल बैंकिंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। आखिर एक आम महिला के खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे ट्रांसफर हो सकती है?क्या यह किसी साइबर गड़बड़ी का परिणाम है, या किसी बड़े वित्तीय घोटाले की झलक?

फिलहाल जांच जारी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, विभा कुमारी और उनके परिवार ने पुलिस से लिखित शिकायत करने की बात कही है।सुपौल के छातापुर से निकली यह घटना अब पूरे बिहार में चर्चा का केंद्र बन चुकी है — एक ओर आश्चर्य, दूसरी ओर चिंता।बॉक्स में:

कौन हैं विभा कुमारी?

पद: आंगनवाड़ी सेविका, ग्वालपाड़ा पंचायत, वार्ड-14पति: मिथिलेश पासवान (किसान)योजना: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बैंक: एनएसडीएल पेमेंट बैंक खाते में आई रकम: ₹1,23,56,000,000वर्तमान स्थिति: खाता फ्रीज, जांच जारी।

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