बी. के. झा
पटना, 31 अक्टूबर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के महासंग्राम में अब घोषणापत्रों का दौर शुरू हो गया है।एनडीए और महागठबंधन — दोनों ही गठबंधनों ने अपने-अपने वादों का पिटारा खोल दिया है।कहीं ‘तेजस्वी के 10 प्रण’ की गूंज है तो कहीं ‘नीतीश का संकल्प पत्र’ सुर्खियाँ बटोर रहा है।दोनों गठबंधनों ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीब तबके को ध्यान में रखकर वादों की ऐसी फेहरिस्त पेश की है, जिसने जनता के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।
महागठबंधन का ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ —
हर घर नौकरी, हर हाथ सशक्तआरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने घोषणापत्र को ‘प्रण पत्र’ नाम दिया है और इसे ‘जनता के सपनों का दस्तावेज़’ बताया है।उन्होंने 10 बड़े ‘प्रण’ लेते हुए रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया है।तेजस्वी के 10 प्रमुख प्रण:1. हर घर में एक सरकारी नौकरी।2. 2000 एकड़ में बनेगी एजुकेशनल सिटी, जिससे बिहार शिक्षा हब बनेगा।3. 12वीं तक के छात्रों को फ्री टैबलेट।4. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की वापसी।5. संविदा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा।6. हर परिवार को 200 यूनिट फ्री बिजली।7. जीविका दीदियों को स्थायी नौकरी।8. बिहार में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे।9. माई बहिन योजना के तहत महिलाओं को ₹2500 प्रतिमाह।10. वृद्धा-विधवा पेंशन ₹1500 प्रतिमाह।तेजस्वी यादव ने कहा,बिहार की जनता ने मुझे बेरोजगारी के खिलाफ संघर्ष का चेहरा बनाया है। अब समय है, वादों को हकीकत में बदलने का।”
एनडीए का ‘संकल्प पत्र’ —
विकास, उद्योग और सशक्त महिलामुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री (भाजपा) के नेतृत्व में एनडीए ने अपने संकल्प पत्र में व्यापक विकास का खाका खींचा है।मुख्य फोकस रोजगार, महिला स्वावलंबन और कृषि पर है।एनडीए के प्रमुख वादे:आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर।हर जिले में मेगा स्किल सेंटर और 10 औद्योगिक पार्क।100 MSME पार्क और 50,000 कुटीर उद्योग।आईटी और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सेमीकंडक्टर व मैन्युफैक्चरिंग पार्क।महिला रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ ‘लखपति दीदी’।मिशन करोड़पति के तहत महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन।किसान सम्मान निधि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 वार्षिक।मछली किसानों को दोगुनी सहायता ₹9,000 प्रतिवर्ष।MSP गारंटी योजना के लिए ₹9 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश।SC/ST और EBC छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय व छात्रवृत्ति।गरीब बच्चों के लिए फ्री एजुकेशन और फोर्टिफाइड मिड-डे मील।50 लाख नए घर, मुफ्त राशन और 125 यूनिट फ्री बिजली।7 एक्सप्रेसवे, 3,600 KM नई रेल लाइन और हर जिले में मेडिकल सिटी।सीतामढ़ी को आध्यात्मिक विरासत केंद्र और पटना, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया में इंटरनेशनल एयरपोर्ट व मेट्रो रेल योजना।
मुख्य टक्कर: नौकरी बनाम भरोसा, बिजली बनाम विकासमुद्दा महागठबंधन (तेजस्वी) एनडीए (नीतीश)रोजगार हर घर सरकारी नौकरी 1 करोड़ नौकरियाँबिजली 200 यूनिट मुफ्त 125 यूनिट मुफ्तमहिलाएँ ₹2500 प्रतिमाह (माई बहिन योजना) लखपति दीदी और मिशन करोड़पतिपेंशन ₹1500 मासिक ₹1100 मासिकशिक्षा फ्री टैबलेट, एजुकेशनल सिटी स्किल सेंटर, फ्री एजुकेशनइंफ्रास्ट्रक्चर 5 एक्सप्रेस-वे 7 एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, एयरपोर्टकृषि MSP, स्थानीय योजनाएँ किसान सम्मान निधि ₹9000
विश्लेषण:
चुनावी घोषणापत्र या जन अपेक्षाओं का दस्तावेज़?विश्लेषकों का कहना है कि 2025 का यह चुनाव “वादों की होड़” बन गया है।जहां तेजस्वी यादव युवाओं की उम्मीदों पर सवार हैं, वहीं नीतीश कुमार अपने अनुभव और प्रशासनिक स्थिरता को मुद्दा बना रहे हैं।राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि –बिहार का मतदाता अब घोषणापत्र से ज़्यादा उसकी क्रियान्वयन क्षमता को देखेगा। वादा तो दोनों ने बड़ा किया है, अब सवाल यह है कि निभाए कौन ?
निष्कर्ष
2025 का चुनाव बिहार के लिए सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि “रोजगार और भरोसे” के बीच निर्णायक लड़ाई है।अब देखना यह होगा कि जनता तेजस्वी के प्रण को मौका देती है या नीतीश के संकल्प पर फिर भरोसा जताती है।
NSK

