राहुल गांधी का मोदी पर तीखा प्रहार: बोले– ‘56 इंच सीना वाले डरपोक हैं’, ट्रंप, अडानी-अंबानी और इंदिरा गांधी तक का नाम लिया

बी के झा

NSK

बेगूसराय ,( बिहार ), 2 नवंबर

बिहार चुनावी रण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर सीधा और विवादित हमला बोला। बेगूसराय में एक जनसभा को संबोधित करते हुए

उन्होंने कहा कि “56 इंच की छाती का दावा करने वाले मोदी असल में डरपोक हैं।”राहुल ने कहा कि “वोट के लिए नरेंद्र मोदी किसी के कहने पर मंच पर नाच भी सकते हैं।”

उन्होंने अडानी-अंबानी पर मोदी की “साठगांठ” का आरोप दोहराया और दावा किया कि “प्रधानमंत्री उनसे भी डरते हैं।”‘

डरपोक प्रधानमंत्री’, ‘

अडानी-अंबानी के नियंत्रण में देश’राहुल गांधी ने कहा, “आज देश की नीतियां कुछ उद्योगपतियों के इशारे पर चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी उन्हीं के हित में फैसले लेते हैं। जो अडानी और अंबानी को लाभ पहुंचाता है, वही नीति देश की बन जाती है।”उन्होंने कहा कि “मोदी केवल अमरीकी राष्ट्रपति या बड़े उद्योगपतियों के आगे झुकते हैं। यही वजह है कि गरीबों की आवाज़ दब रही है और युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है।”‘

ऑपरेशन सिंदूर’ और ट्रंप का फोन कॉल

राहुल गांधी ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि “जब डोनाल्ड ट्रंप ने मोदी को फोन किया, तो उन्होंने कार्रवाई रोक दी।

यही 56 इंच की छाती की हकीकत है —

जो दुनिया के दबाव में झुक जाती है।”इंदिरा गांधी और महात्मा गांधी का उदाहरण

प्रधानमंत्री मोदी की तुलना करते हुए राहुल ने कहा, “महात्मा गांधी शारीरिक रूप से मजबूत नहीं थे, लेकिन कभी नहीं डरे।

1971 की लड़ाई में जब अमेरिकी नेवी ने इंदिरा गांधी को धमकाया कि युद्ध रोक दो, तब उन्होंने कहा — जो करना है कर लो, भारत पीछे नहीं हटेगा।”राहुल बोले, “निडर होने के लिए छाती का माप नहीं, हिम्मत चाहिए। इंदिरा जी ने वह हिम्मत दिखाई थी, जो आज के प्रधानमंत्री में नहीं है।”

सभा में पहुंचे लोगों से मछली पकड़ने उतरे राहुलबेगूसराय की सभा खत्म होने के बाद राहुल गांधी एक अनोखे अंदाज़ में जनता से जुड़े। वे तालाब में उतरकर स्थानीय युवाओं के साथ मछली पकड़ते नजर आए।

उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लिखा – “

लोगों के साथ समय बिताना और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी समझना राजनीति नहीं, सीख है।”

अमित शाह पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला करते हुए कहा, “बिहार में जब उद्योग लगाने की बात होती है तो जमीन नहीं मिलती, लेकिन अडानी को लाखों करोड़ की जमीन एक झटके में दे दी जाती है। जब तक चुनाव है तब तक मोदी-शाह बिहार आएंगे, चुनाव खत्म होते ही गायब हो जाएंगे।”

राजनीतिक विश्लेषकों की प्रतिक्रिया

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह भाषण चुनावी माहौल में कांग्रेस के लिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश है, लेकिन बार-बार व्यक्तिगत हमले करने से उनका “गंभीर नेता” वाला छवि नहीं बन पा रहा।

वरिष्ठ विश्लेषक अरविंद मिश्र ने कहा, “हर चुनाव में राहुल गांधी के बयानों से बीजेपी को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होता है। मोदी को ‘डरपोक’ कहना जनता के मन में उल्टा असर डाल सकता है।”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी की समस्या यह है कि वे मुद्दे पर बात करने के बजाय व्यक्ति पर निशाना साधते हैं, जबकि मोदी अब सिर्फ नेता नहीं, एक ब्रांड बन चुके हैं। भारत ही नहीं, दुनिया में उनके बराबर कोई नेता खड़ा नहीं है।

”बीजेपी का पलटवारबीजेपी नेताओं ने राहुल के बयान को “हताशा का प्रतीक” बताया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “जो व्यक्ति पांच राज्यों में लगातार हार चुका है, वह प्रधानमंत्री को डरपोक कहता है — यह जनता तय करेगी कि कौन डरपोक है और कौन देश का नेतृत्व करने योग्य ।

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